X

Fact Check: प्रधानमंत्री मोदी के पुराने चुनावी भाषण के एक अंश को संदर्भ से काटकर किया जा रहा है दुष्प्रचार

  • By Vishvas News
  • Updated: June 19, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें चोरी के संदर्भ में बोलते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि इस भाषण में प्रधानमंत्री में स्वंय को ”चोर” बता रहे हैं।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत और दुष्प्रचार साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण से जानबूझकर उसके एक भाग को अलग कर गलत संदर्भ में दुष्प्रचार की मंशा के तहत वायरल हो रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘Dharam Veer Live’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ” जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन अगर मेरी माँ ने रोका होता तो मैं इतना बड़ा लुटेरा न बनता : मोदी………😃😃 यह सब क्यूँ बता रहे थे मोदी जी ..? कोई आयडीआ …?
( शेयर करना अलाउ है । )DharamVeerLive.”

सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल हो रहा वीडियो 10 सेकेंड का है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को यह करते हुए सुना जा सकता है, ”जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन अघर मेरी मां ने रोका होता तो मैं इतना बड़ा लुटेरा न बनता।” साफ लग रहा है कि यह उनके किसी भाषण का एक अँश है, जिसे संदर्भ से काटकर गलत मंशा के साथ फैलाया जा रहा है।

वीडियो के बैकग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनाव चिह्न कमल छाप के नीचे बांग्ला भाषा में बीजेपी लिखा हुआ है। इससे इस वीडियो के बंगाल के किसी जगह हुई जनसभा से संबंधित होने का पता चलता है।

अब हमने इनविड टूल की मदद से मिले की-फ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। सर्च में हमें वह मूल वीडियो मिला, जिसके एक हिस्से को काटकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर 10 अप्रैल 2021 को अपलोड किए वीडियो में हमें वायरल हो रहा क्लिप मिला। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सिलिगुड़ी में हुई जनसभा का है, जिसे मोदी ने संबोधित किया था।

57.19 मिनट के इस वीडियो में 39.00 मिनट से लेकर 40.16 मिनट के बीच के फ्रेम में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘हर स्कीम में तोलाबाजी….हर स्कीम में कट मनी….यही सिलीगुड़ी में कुछ दिन पहले दीदी ने कहा कि उनके तोलाबाज तो सिर्फ 100, 200 और 500 रुपये लेते हैं। इसमें क्या बड़ी बात है. बड़े आराम से दीदी कही रही है कि तोलाबाज तो 100,200 और 500 रुपया बड़े आराम से लेते हैं…..इसमें इतना चिल्लाते क्यों हैं मोदी! भाईयों और बहनों, जब हम छोटे थे तो एक कथा सुनी थी. उस कथा में एक बहुत बड़ा डाकू लुटेरा….उसको फांसी की सजा हुई. जब उसको फांसी की सजा हुई तो उससे पूछा गया कि तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है? तो उसने कहा कि मुझे मेरी मां से मिलना है। फिर सरकार ने व्यवस्था की उसे उसकी मां से मिलवा दिया जाए। जब वह अपनी मां से मिला तो उसने झपटकर अपनी मां के नाक को काट लिया। अपनी मां के नाक को काट लिया…फांसी पर जाने से पहले उसने अपनी मां के नाक को काट लिया। लोगों ने जब उससे पूछा कि तुमने अपनी मां के नाक को क्यों काट लिया. तो उसने कहा, जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन अगर मेरी मां ने रोका होता, तो मैं इतना बड़ा लुटेरा न बनता। मुझे फांसी पर जाने की नौबत नहीं आती।’

उनके इसी भाषण को जानबूझकर संदर्भ से अलग कर दुष्प्रचार की मंशा के साथ यह कहते हुए शेयर किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने स्वयं को चोर बताया, जबकि बंगाल के सिलीगुड़ी में 10 अप्रैल को हुई चुनावी सभा के दौरान उन्होंने यह बयान ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिया था।

हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के कोलकाता के ब्यूरो चीफ जे के वाजपेयी ने कहा, ‘साफ तौर पर वायरल हो रहा वीडियो एडिट किया हुआ है। प्रधानमंत्री ने बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सरकारी योजनाओं में कट मनी और तोलाबाजी को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए यह बयान दिया था।’

वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर 43 लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान 10 अप्रैल को सिलीगुड़ी में हुई जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी योजनाओं में कट मनी और तोलाबाजी को लेकर तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा था और इसी भाषण के एक अंश को संदर्भ से काटकर गलत मंशा के साथ प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार की नीति के तहत वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को चोर औऱ लुटेरा बताया
  • Claimed By : FB User-Dharam Veer Live
  • Fact Check : झूठ
झूठ
फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपना सुझाव पोस्ट करें

और पढ़े

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later