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Fact Check: कोविड-19 के कारण जून 2022 तक हॉलमार्किंग को स्थगित किए जाने का दावा फर्जी

भारत सरकार की तरफ से हॉलमार्किंग की प्रक्रिया को स्थगित नहीं किया गया है। सरकार ने 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है और यह देश के 256 जिलों में लागू भी हो चुका है।

  • By Vishvas News
  • Updated: July 27, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल रहे एक पोस्ट के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने कोविड-19 की वजह से हॉलमार्किंग की प्रक्रिया को जून 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया है।

विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। भारत सरकार की तरफ से हॉलमार्किंग की प्रक्रिया को स्थगित नहीं किया गया है। सरकार ने 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है और यह देश के 256 जिलों में लागू भी हो चुका है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘Rasik Raninga’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर किया हुआ है, जिसमें लिखा हुआ है- ‘ज्वेलरी लाइन की चिंता हटी। भारत सरकार द्वारा जून 2021 से सोने के जेवरात की बिक्री हेतु दुकानदार हो हॉलमार्क ज्वेलरी बिक्री जरूरी के परी पत्रक को कोविड वर्ष कारण एक वर्ष जून तक स्थगित आदेश जारी किए हैं, जिससे भारत के सभी ज्वेलरी व्यवसायी को हात मिलेगी।’

सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल पोस्ट

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई अन्य यूजर्स ने इस सूचना को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

पोस्ट में इस दावे के साथ जिस सर्कुलर को शेयर किया जा रहा है, जिसमें नितिन गडकरी की तरफ से पीयूष गोयल को लिखी गई चिट्ठी नजर आ रही है। चिट्ठी की तारीख 17 मई 2021 है और इसमें गडकरी ने ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल की तरफ से दिए गए प्रेजेंटेशन का जिक्र करते हुए उनकी तरफ से हॉलमार्किंग अनिवार्य किए जाने की प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग पर विचार करने का आग्रह किया है।

न्यूज सर्च के दौरान इकोनॉमिक टाइम्स की वेबसाइट पर 21 मई 2021 को प्रकाशित खबर मिली, जिसमें गडकरी की तरफ से ज्वैलर्स की मांग को लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखे जाने का जिक्र है।

इकॉनमिक टाइम्स की वेबसाइट पर 21 मई 2021 को प्रकाशित खबर

रिपोर्ट के मुताबिक, नितिन गडकरी ने ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल की तरफ से की गई अपील पर पीयूष गोयल से विचार करने का आग्रह किया था। इस अपील में अनिवार्य तौर पर की जाने वाली हॉलमार्किंग की प्रक्रिया को जून 2022 तक स्थगित किए जाने की मांग की गई थी।

इसी चिट्ठी की प्रति को सोशल मीडिया पोस्ट पर हॉलमार्किंग को स्थगित किए जाने के लिए जारी सर्कुलर के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। सर्च में हमें खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की तरफ से 16 जून 2021 को जारी विज्ञप्ति मिली, जिसमें समान तारीख से देश के 256 जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य रूप से लागू किए जाने की सूचना दी गई है।

खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की तरफ से 16 जून 2021 को जारी विज्ञप्ति

न्यूज सर्च में हमें 8 जुलाई 2021 को लाइव मिंट की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें हॉलमार्किंग के अनिवार्य रूप से लागू किए जाने का जिक्र है। यानी यह साफ है कि देश में 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य रूप से लागू किया जा चुका है और इसे स्थगित किए जाने का दावा फर्जी और मनगढ़ंत है।

वायरल पोस्ट को लेकर हमने द बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल से संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘वायरल हो रहा मैसेज पूरी तरह से गलत है। भारत सरकार 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर चुकी है और यह देश के 256 जिलों में प्रभावी है।’

वायरल पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर ने अपनी प्रोफाइल में खुद को गुजरात के वडोदरा का निवासी बताया है।

निष्कर्ष: भारत सरकार की तरफ से हॉलमार्किंग को जून 2022 तक स्थगित किए जाने का दावा पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत हैं। देश में 16 जून 2021 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जा चुका है।

  • Claim Review : हॉलमार्किंग जून 2022 तक रोका गया
  • Claimed By : FB User-Rasik Raninga
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