Fact Check: नोएडा एयरपोर्ट के पार्किंग वाले सबवे में भरा था पानी, लेकिन टर्मिनल के अंदर का वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। जांच में पता चला कि नोएडा एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल की इमारत में पानी नहीं भरा था। दरअसल, टर्मिनल और पार्किंग के बीच बने अंडरपास में पानी भर गया था।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Aug 18, 2026 at 06:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव के नाम पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल की बिल्डिंग में पानी भरा हुआ दिखाया गया है। एयरपोर्ट के चेक-इन एरिया में लोगों को अपने लगेज के साथ दिखाया गया है। इस वीडियो को कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वीडियो में एक युवती को ‘सच बोलो’ नाम के चैनल की आईडी के साथ रिपोर्टिंग करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में युवती को यूपी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए और जवाब मांगते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। वायरल वीडियो एआई-जनरेटेड और फर्जी साबित हुआ। दरअसल, पिछले दिनों तेज बारिश के कारण इस एयरपोर्ट के टर्मिनल और पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले सबवे (अंडरपास) में जलभराव हो गया था। इसके बाद इस घटना का वीडियो काफी वायरल हुआ था, लेकिन एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर का बताकर जिस वीडियो को वायरल किया जा रहा है, वह फेक है।
क्या है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘shyamgupta_yuvaneta’ ने 14 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “नोएडा एयरपोर्ट का बहुत ही बुरा हाल भ्रष्टाचारी सरकार ने हर जगह पर भ्रष्टाचार दिखा दिया।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। हमें वीडियो में दिख रहे लोगों के मूवमेंट और युवती के बोलने का अंदाज एआई से बने वीडियो जैसा लगा। इसके आधार पर हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया।
सबसे पहले हमने ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल की मदद से स्कैन करने पर 99.9 फीसदी से ज्यादा संभावना इस बात की निकली कि वीडियो एआई-जनरेटेड है।

जांच के दौरान हमने वीडियो को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस वीडियो के गूगल एआई की मदद से बनाए जाने की पुष्टि करती है। इस एनालिसिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने की पुष्टि होती है। सिंथआईडी (SynthID) गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए किसी भी AI-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है।

अधिक पुष्टि के लिए हमने वीडियो को अपने सहयोगी, ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (DAU) के साथ शेयर किया, जो ‘ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस’ (TIA) की एक पहल है। DAU की टीम ने ‘AIorNot’ से इसे चेक किया। इसके नतीजों में वीडियो के एआई से बने होने की 98 फीसदी संभावना जताई गई।

इसी तरह ‘Sightengine’ से चेक करने पर वीडियो के एआई-जेनरेटेड होने की संभावना निकली। इस टूल ने वायरल वीडियो को 99% एआई-जनरेटेड बताया ।

जांच के दौरान हमने गूगल ओपन सर्च टूल की मदद ली। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें कई ऐसी खबरें मिलीं, जिनमें यह बताया गया कि नोएडा एयरपोर्ट को लेकर वायरल एआई वीडियो पोस्ट करने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
‘जागरण डॉट कॉम’ पर 16 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया, “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में टर्मिनल बिल्डिंग से पार्किंग जाने वाले रास्ते में जलभराव के बाद इंटरनेट मीडिया पर एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो बड़ी संख्या में वायरल हो रहे हैं। इनमें एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और उसके बाहर पानी भरा हुआ दिखाया गया है। पानी के बीच यात्रियों के चलने वाले वीडियो को शेयर करते हुए 11 हजार करोड़ से निर्मित इस एयरपोर्ट पर प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। टर्मिनल में एक बूंद पानी जमा नहीं हुई है।”
सर्च के दौरान हमें ‘न्यूज 18’ की वेबसाइट पर भी एक खबर मिली। 17 अगस्त 2026 की इस खबर में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करते हुए बताया गया कि नोएडा एयरपोर्ट में जलभराव के वायरल वीडियो को लेकर फेसबुक अकाउंट ‘सच बोलो’ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान नोएडा एयरपोर्ट के एक्स हैंडल को स्कैन किया। वहां हमें 15 अगस्त 2026 की एक पोस्ट मिली। इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पर कुछ फेक वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पैसेंजर टर्मिनल में जलभराव दिखाया गया है, जो पूरी तरह गलत है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘दैनिक जागरण’ के ग्रेटर नोएडा ब्यूरो के प्रभारी अर्पित त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “वायरल वीडियो फेक है। इसे लेकर एफआईआर भी दर्ज की गई है।”
क्या है संदर्भ?
‘बिजनेस टुडे’ के यूट्यूब चैनल पर 12 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि नोएडा में भारी बारिश के बाद नवनिर्मित नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल से पार्किंग जाने वाले रास्ते में पानी भर गया था। इसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो वायरल होने के बाद जेवर के भारतीय जनता पार्टी विधायक धीरेंद्र सिंह ने 12 अगस्त 2026 को एक वीडियो जारी करते हुए सफाई दी थी। उन्होंने वीडियो में बताया कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह पहली बारिश थी, जिसके कारण जलभराव हो गया था। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास दिखाई नहीं देता, उन्हें केवल गड्ढे और पानी ही नजर आएंगे।
दैनिक जागरण के ग्रेटर नोएडा संस्करण में 12 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि 11 अगस्त 2026 की दोपहर हुई तेज बारिश के बाद नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल को पार्किंग से जोड़ने वाले सबवे में कुछ समय के लिए पानी जमा हो गया था। यह एयरपोर्ट करीब 11 हजार करोड़ की लागत से बना है।

जांच के अंत में एआई वीडियो शेयर करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि इंस्टाग्राम यूजर को चार सौ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2021 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। जांच में पता चला कि नोएडा एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल की इमारत में पानी नहीं भरा था। दरअसल, टर्मिनल और पार्किंग के बीच बने अंडरपास में पानी भर गया था, लेकिन वायरल वीडियो में ऐसे दिखाया गया कि टर्मिनल के अंदर पानी भर गया था। यह वीडियो फेक है।
- Claim Review : नोएडा एयरपोर्ट पर जलभराव का वीडियो।
- Claimed By : IG User shyamgupta_yuvaneta
- Fact Check : झूठ
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