X

Fact Check : भ्रामक है अजमेर दरगाह के लंगर को लेकर किया जा गया दावा

  • By Vishvas News
  • Updated: October 1, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर 59 सेकंड का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें एक बड़ी कढ़ाई में एक शख्‍स को उतरते हुए देखा जा सकता है। कढ़ाई में बहुत सारे पकवान को बनते हुए देखा जा सकता है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अजमेर की दरगाह में प्रसाद बनाने के प्रक्रिया के दौरान एक आदमी जूते पहनकर कढ़ाई में उतरता है। विश्‍वास न्‍यूज ने इस दावा की जांच की। यह भ्रामक निकला। विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि कड़ाही में जूते नहीं, बल्कि पैर में मोटा कपड़ा लपेटकर उतरा जाता है, ताकि पैर न जले। यह कपड़ा खासतौर से इसी काम के लिए होता है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर राजेश कर्निक ने 30 सितंबर को एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए दावा किया : ‘अजमेर शरीफ दरगाह में प्रसाद कैसे बनाया जाता है, बनने के बाद कढ़ाही से निकालने कि प्रक्रिया में एक आदमी जूते पहन कर कढ़ाही के अन्दर उतरता है और प्रसाद निकालता है, और इसी कब्रिस्तान के प्रसाद को ग्रहण करने के लिए सेक्युलर और नासमझ हिन्दुओं कि भीड़ लगती है।’

विश्वास न्यूज़ को अपने टिपलाइन चैटबॉट नंबर +91 95992 99372 पर भी चेक करने के लिए यह वीडियो मिला। यह वीडियो फेसबुक पर भी काफी वायरल है।

वायरल पोस्‍ट के क्‍लेम को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर दूसरे यूजर्स भी वायरल कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो के असली वर्जन को खोजने का निश्‍चय किया। इसके लिए वीडियो को इनविड टूल में अपलोड करके कई कीफ्रेम्‍स निकाले गए। इन कीफ्रेम्‍स को जब गूगल रिवर्स इमेज टूल में अपलोड करके सर्च किया गया तो हमें ओरिजनल वीडियो Foodie Incarnate नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। इसे 20 अक्‍टूबर 2021 को अपलोड करते हुए इसके डिस्क्रिप्शन में लिखा गया कि Ajmer Dargah ki WORLD’S BIGGEST 4800 Kg Kadai 450 साल पहले बादशाह अकबर ने की थी शुरुआत।

https://www.youtube.com/watch?v=2uoau4UwQsY

ओरिजनल वीडियो के 4:28 मिनट पर यह सुना जा सकता है कि इस शख्‍स ने जूते नहीं पहने हुए हैं। कपड़े को लपेटा हुआ है। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए इस हिस्‍से को ध्‍यान से देखा गया। यहां साफतौर पर दिख रहा है कि कड़ाही में उतर रहा शख्‍स अपने पैर में एक मोटे-से कपड़े को लपेटा हुआ है। इसे आप नीचे देख सकते हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने दरगाह के लंगर से जुड़े दूसरे वीडियो यूट्यूब पर सर्च किया। हमें 12 नवंबर 2021 को अपलोड एक वीडियो मिला। इसमें भी साफ देखा जा सकता है कि कड़ाई में कढ़ाई में उतर रहे शख्‍स के पैर में मोटा-सा कपड़ा बंधा हुआ है।

विश्‍वास न्‍यूज ने ज्‍यादा पुष्टि के लिए अजमेर स्थित चिश्‍ती फाउंडेशन के सलमान चिश्‍ती से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्‍ट को साझा किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल दावा पूरी तरह बकवास है। यह कढ़ाही में उतरने वाले बावर्ची पूरी साफ-सफाई का ख्‍याल रखते हैं। मोटे कपड़े को पैर में बांधकर उतरा जाता है, ताकि पैर न जले। यह कपड़ा रोजाना साफ किया जाता है।

पड़ताल के दौरान हाजी सय्यद अंबर चिश्ती से भी संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि दरगाह की कढ़ाई में से प्रसाद निकालने के लिए एक खास कपड़े से पैर को ढ़का जाता है। इस कपड़ा का इस्‍तेमाल केवल प्रसाद निकालने के लिए ही होता है। तीसरे सप्‍ताह बाद इसे बदल दिया जाता है। नए कपड़े का इस्‍तेमाल करने से पहले इसे अच्‍छे से धोया जाता है, ताकि हर प्रकार का केमिकल इसमें से निकल जाए।

जांच के अंत में अजमेर दरगाह को लेकर भ्रामक पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर राजेश कर्निक दिल्‍ली में रहता है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में अजमेर शरीफ दरगाह के प्रसाद के नाम पर वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ। दरगाह की कढ़ाई से प्रसाद निकालने के लिए आदमी जूते की जगह मोटे कपड़े का इस्‍तेमाल करता है, ताकि पैर न जले।

  • Claim Review : अजमेर शरीफ दरगाह में प्रसाद कैसे बनाया जाता है, बनने के बाद कढ़ाही से निकालने कि प्रक्रिया में एक आदमी जूते पहन कर कढ़ाही के अन्दर उतरता है और प्रसाद निकालता है
  • Claimed By : फेसबक यूजर राजेश कर्निक
  • Fact Check : भ्रामक
भ्रामक
फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later