Fact Check: वायरल वीडियो AI निर्मित, यूपी और दिल्ली के जसोला के हैं, सत्य निकेतन हादसे के नहीं
दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर 2026 को एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहे तीनों वीडियो का इस हादसे से कोई संबंध नहीं है। इनमें से एक एआई-निर्मित है, जबकि दूसरा मुरादाबाद का और तीसरा दिल्ली के जसोला में नवंबर 2017 में हुई एमसीडी की कार्रवाई का वीडियो है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Sep 8, 2026 at 06:11 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर 2026 को एक पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। इस मामले में इमारत के मालिक, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हादसे से जोड़कर सोशल मीडिया पर तीन वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इनमें इमारत को गिरते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इन्हें शेयर कर दावा कर रहे हैं कि ये सभी सत्य निकेतन हादसे की फुटेज हैं।
विश्वास न्यूज ने तीनों वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि इनका सत्य निकेतन हादसे से कोई संबंध नहीं है। इनमें एक वीडियो तो एआई-निर्मित है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और तीसरा दिल्ली के जसोला में करीब नौ साल पहले हुई दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्रवाई का है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘ANB National’ ने 7 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए उसे दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे का बताया है। इसमें गिरती हुई इमारत और भागते हुए लोगों को देखा जा सकता है।

फेसबुक यूजर ‘Ramjay Pratap’ ने भी इमारत गिरने का एक अन्य वीडियो 7 सितंबर 2026 को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “दिल्ली का सत्य निकेतन प्राइवेट पीजी हाॅस्टल के गिरने का विडियो वायरल है। कितना दर्दनाक हादसा है! बच्चे इसी में दबकर मरे हैं। सत्ता के दलाल का घर था यह जो एमसीडी के अधिकारियों को प्रभाव में लेकर बिना बिम, पीलर और मजबूत फाउंडेशन के पांच मंजिला घर खड़ा कर दिया था ताकि बच्चों से पैसे वसूलकर उनकी एक दिन जान ले सके। सवाल यह भी है, दिल्ली की गली- कुची में काॅलेज तो बना दिए गए, पर्याप्त हाॅस्टल क्यों नहीं बने? हालांकि, पर्याप्त हाॅस्टल की सुविधा पूरे देश में शायद ही किसी काॅलेज के पास होगी!”

फेसबुक यूजर ‘K News Hub’ ने दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे की सीसीटीवी फुटेज बताते हुए 8 सितंबर 2026 को इमारत गिरने का एक अन्य वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया।

पड़ताल
तीनों वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इन्हें एक-एक करके चेक किया।
पहला वीडियो
इस वीडियो में ‘सत्य निकेतन’ की स्पेलिंग गलत लिखी गई है। साथ ही, जब इमारत गिर रही होती है, तब एक व्यक्ति गिरती हुई बिल्डिंग की तरफ भागता हुआ दिखता है। इससे हमें यह वीडियो संदिग्ध लगा।

इस वीडियो के एआई से बने होने की संभावना को देखते हुए हमने इसे सबसे पहले ‘हाइव मॉडरेशन’ से चेक किया। इसमें इसके एआई से बने होने की संभावना 90 फीसदी से अधिक जताई गई।

‘वॉज इट एआई’ ने वीडियो के कीफ्रेम को 99 फीसदी एआई-निर्मित बताया।

इस वीडियो के बारे में अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो के कीफ्रेम को ‘AI or Not’ टूल पर चेक किया और इसकी एनालिसिस को हमारे साथ शेयर किया। इस टूल ने वीडियो के कीफ्रेम के एआई-निर्मित होने की करीब 89 फीसदी संभावना जताई।

इस वीडियो को चेक करने के लिए ‘गूगल डीपमाइंड’ के ‘Synth ID’ टूल का भी इस्तेमाल किया गया। इसमें वायरल वीडियो को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह गूगल एआई की मदद से बनाया गया है।

इससे यह साफ होता है कि दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से जोड़कर शेयर किया जा रहा यह वीडियो एआई-निर्मित है।
इस एआई वीडियो को शेयर करने वाले यूजर का फेसबुक अकाउंट 14 मार्च 2019 में बना था और इसके करीब 12 लाख फॉलोअर्स हैं।
दूसरा वीडियो
दूसरे वीडियो में भी इमारत के गिरने के दौरान बिजली के तारों से चिंगारी उठती हुई देखी जा सकती है। हमने इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 5 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट में इस वीडियो को अपलोड किया गया था, जिसमें वायरल क्लिप के हिस्से को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का है, जहां मुगलपुरा में तेज बारिश के कारण एक तीन मंजिला इमारत गिर गई। हालांकि, इमारत की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे 24 घंटे पहले ही खाली करा लिया गया था।

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर भी 6 सितंबर 2026 को इस घटना से संबंधित एक खबर और वीडियो को देखा जा सकता है। इसके मुताबिक, इमारत की चपेट में आने से बिजली के खंभे टूट गए।

‘मिड डे’ के एक्स हैंडल से भी 6 सितंबर 2026 को इस घटना के वीडियो को पोस्ट किया गया था।
इस बारे में हमने दैनिक जागरण मुरादाबाद के क्राइम रिपोर्टर सचिन चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो मुरादाबाद का है और इस इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था।
इससे साफ होता है कि यह वीडियो मुरादाबाद का है और दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से इसका कोई संबंध नहीं है।
तीसरा वीडियो
तीसरे वीडियो की जांच के लिए हमने इसके कीफ्रेम को भी गूगल लेंस पर सर्च किया, तो हमें ‘एबीपी लाइव’ के यूट्यूब चैनल पर 10 नवंबर 2017 को इससे संबंधित एक वीडियो न्यूज मिली। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, यह वीडियो दिल्ली के जसोला का है, जहां एक इमारत में दरार पड़ने के बाद एमसीडी ने उसे गिरा दिया था। इमारत को गिराने से पहले ही उसे खाली करा लिया गया था।
‘न्यूज स्टेट’ और ‘इनखबर ऑफिसियल’ के यूट्यूब चैनल पर भी इस घटना से संबंधित वीडियो न्यूज को 10 नवंबर 2017 को पोस्ट किया गया था।
इससे पता चलता है कि यह वायरल वीडियो भी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर 2026 को एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। ‘एएनआई’ के एक्स अकाउंट से 8 सितंबर 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, ”दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि वह घायल बच्चों से मिली हैं। इस हादसे के बाद 12 लोगों को घायल हालत में बाहर निकाला गया था। इनमें से सात की मौत हो चुकी थी, जिनमें से दो मजदूर थे। वहीं, एक अन्य मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है। एम्स में भर्ती दो बच्चे पूरी तरह ठीक हैं। एक बच्चा आईसीयू में है, जिसकी हालत गंभीर है। हम इन बच्चों और मजदूरों के परिवारों को आर्थिक मदद भी देंगे। गिर चुकी इमारत के ठीक बगल में एक और जर्जर इमारत है, जिसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इस इमारत को भी गिराया जाएगा।”
सीएम रेखा गुप्ता ने 7 सितंबर 2026 को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर जानकारी दी, “हादसे के बाद एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी दिल्ली में उन इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया गया है, जिनमें बिना मंजूरी के पांचवीं मंजिल बनी हुई है। आस-पास के पीजी और इमारतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
‘दैनिक जागरण’ की 7 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के बाद इमारत के गिरफ्तार मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
निष्कर्ष: दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर 2026 को एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहे तीनों वीडियो का इस हादसे से कोई संबंध नहीं है। इनमें से एक एआई-निर्मित है, जबकि दूसरा मुरादाबाद का और तीसरा दिल्ली के जसोला में नवंबर 2017 में हुई एमसीडी की कार्रवाई का वीडियो है।
- Claim Review : यह सत्य निकेतन हादसे का वीडियो फुटेज है।
- Claimed By : FB User- ANB National
- Fact Check : भ्रामक
- Hive for AI Detection
- Was It AI for AI Detection
- AI Or Not for AI Detection
- Google SynthID for AI Detection
- News Report by Dainik Jagran, Dated 5 Sep 2026, Dated 7 Sep 2026
- News Report by Dainik Bhaskar, Dated 6 Sep 2026
- Video posted by X@MidDay, Dated 6 Sep 2026
- Video posted by YT@ABPLive, Dated 10 Nov 2017
- Video posted by YT@NewsState, Dated 10 Nov 2017
- Video posted by YT@InkhabarOfficial, Dated 10 Nov 2017
- Video posted by X@ANI, Dated 8 Sep 2026
- Post by X@RekhaGupta, Dated 7 Sep 2026
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