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बायो: आशीष महर्षि को प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने टीवी18 और दैनिक भास्कर समूह में कार्य किया है। दैनिक भास्कर ग्रुप की वेबसाइट भास्कर.कॉम और इंडिया टुडे समूह के वेबसाइट लल्लन.टॉप में भी इन्होंने काम किया है। आशीष प्रशिक्षित फैक्ट चेकर हैं।

योग्यता: आशीष माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और उन्होंने अपना ग्रेजुएशन राजस्‍थान यूनिवर्सिटी से किया है।

सर्टिफिकेशन: गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पंच दिवसीय वर्कशॉप और प्वाइंटर यूनिर्सिटी के ई-लर्निंग शॉर्ट-टर्म कोर्स हैंड्स ऑन फैक्ट चेकिंग
रॉयटर्स ट्रेनिंग इंट्रोडक्शन टू डिजिटल जर्नलिज्म
क्राउड टैंगल फॉर इंस्टाग्राम: हाऊ टू यूज सीटी टू मेक योर आईजी पॉप और फर्स्ट ड्राफ्ट ट्रेनिंग- वैक्सीन इनसाइट फ्लेक्सिबल लर्निंग कोर्स
आईएफसीएन, जीएनआई, फेसबुक, क्राउड टैंगल और आईसीएफजे की ओर से आयोजित कई वर्कशॉप में भी भाग लिया।

संशोधन:

1: 29 जुलाई, 2018:
विश्वास न्यूज ने यह नोटिस किया कि 29 जुलाई रात 8:30 पर विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिली है। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि विश्वास टीम के एक सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0043) ने गलती से हमारी अपनी ही खबर को फेसबुक डैशबोर्ड में रेट कर दिया था। उन्होंने विश्वास न्यूज के फैक्ट चेक रिफ्रेंस आर्टिकल को ही इस रेटिंग से संबंधित कैटिगरी में सबमिट कर दिया। यही वजह रही कि विश्वास न्यूज के फेसबुक पेज पर एक स्ट्राइक मिला। बाद में उन्होंने इस रेटिंग में जरूरी संशोधन किए।
यहां उस स्टोरी का लिंक दिया गया जिसे गलती से ‘फाल्स’ रेटिंग दे दी गई थी-
https://www.vishvasnews.com/health/fact-check-post-claiming-caripill-cures-dengue-in-48-hours-is-misleading-2/

2: 4 जून
विश्वास न्यूज के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) द्वारा की गई स्टोरी में कांग्रेस विधायक को पार्टी से सस्पेंड किया जाना लिखा गया था, जो कि सही नहीं था. गलती सामने आने पर उस स्टोरी में सही जानकारी शामिल की गई और इस संबंध में डिस्क्लेमर भी शामिल किया गया.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-aditi-singh-a-suspeneded-mla-from-congress-did-not-join-bjp-with-5-mlas-viral-post-is-fake/

3: 7 मई
विश्वास न्यूज के एक अन्य सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0058) ने वायरल हो रहे एक वीडियो पर स्टोरी की. जिसमें दावा किया गया था कि ये ऋषि कपूर का आखिरी वीडियो है. वीडियो में अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवा के गाने को कपूर सुन रहे थे और उसकी तारीफ कर रहे थे. जब सबसे पहले ये स्टोरी की गई तो टीम के पहले सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) ने फेसबुक डैशबोर्ड पर इसे 'वीडियो ओनली' (सिर्फ वीडियो) के साथ रेट किया. बाद में इस रेटिंग को 'वीडियो विद टैक्स्ट टुगेदर' (वीडियो और साथ में लिखा टैक्स्ट) के ऑप्शन के साथ बदला गया.
https://www.vishvasnews.com/urdu/viral/fact-check-no-this-not-the-last-video-of-rishi-kapoor-viral-claim-is-fake/

4: 31 मई
हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई एक स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-nepals-old-photo-goes-viral-in-the-name-of-india-this-photo-has-no-relation-with-lockdown/

5: 18 दिसंबर, 2020
हमारी टीम के सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0043) के द्वारा की गई इस स्टोरी को 18 दिसंबर को अपडेट किया गया. जिसमें एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी उस स्टोरी में कोई आवश्‍यकता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/politics/fake-order-of-tourism-ministry-viral/
https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-no-corona-virus-in-fish-in-madhya-pradesh/

Fact Check Stories By : Ashish Maharishi

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