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Fact Check: मोहाली में स‍िख युवक के साथ बदसलूकी का पुराना वीड‍ियो दिल्ली व‍िरोध-प्रदर्शन के नाम पर वायरल

जांच में वायरल पोस्ट फेक साब‍ित हुई। मोहाली के प्रदर्शन के एक पुराने वीड‍ियो को द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन का बताकर झूठे दावे के साथ वायरल क‍िया जा रहा है।

नई द‍िल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प‍िछले द‍िनों द‍िल्‍ली समेत देश के कई ह‍िस्‍सों में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी), कांग्रेस समेत कई व‍िपक्षी दलों और छात्र संगठनों का व‍िरोध-प्रदर्शन देखने को म‍िला।

अब इसी प्रदर्शन के नाम पर एक वीड‍ियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ पुल‍िसवाले सिख पगड़ी पहने एक युवक के साथ बदसलूकी करते हुए दिख रहे हैं। इस वीड‍ियो को द‍िल्‍ली का बताकर दावा क‍िया जा रहा है क‍ि सिख पगड़ी पहना युवक मुस्‍ल‍िम है।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्‍ट की व‍िस्‍तार से जांच की। यह फर्जी साब‍ित हुई। वायरल वीडियो द‍िल्‍ली का नहीं, बल्‍क‍ि मोहाली का है। 28 मार्च 2011 को पंजाब के मोहाली में घटी एक घटना के वीड‍ियो को अब द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन के नाम पर वायरल किया जा रहा है।

क्‍या है वायरल?

एक्‍स यूजर ‘Janardan Mishra’ ने 12 अक्‍टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ये सिख पगड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सुथप्पी नसीर मुहम्मद हैं, जिन्हें पुलिस घसीटकर ले जा रही है। ये देश के विभिन्न हिस्सों में एक नियमित गतिविधि के रूप में इस तरह के भेष में संलग्न रहते हैं। दिल्ली पुलिस को भी ध्यान देना चाहिए ऐसे लोगो पर।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज पहले भी इस वायरल वीडियो की जांच कर चुका है। यह वीड‍ियो 2019 में भी झूठे दावे के साथ वायरल हुआ था। जांच के दौरान सबसे पहले वायरल वीड‍ियो के कई कीफ्रेम्‍स निकाल कर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया था। हमें ‘Sikhnet.com’ पर 31 मार्च 2011 की एक खबर मिली थी। इसमें जानकारी देते हुए बताया गया था क‍ि 28 मार्च 2011 को मोहाली के पीसीए स्‍टेडियम के पास रूरल वेटरिनरी फार्मासिस्ट से जुड़े लोग शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। तभी कुछ पुलिसकर्मियों ने एक सिख युवक के साथ बदतमीजी की थी।

31 मार्च 2011 की ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की एक खबर में बताया गया था क‍ि 28 मार्च 2011 को मोहाली के पीसीए स्‍टेडियम के पास रूरल वेटरिनरी फार्मासिस्ट के धरने के दौरान एक सिख युवक के साथ बदतमीजी के आरोप में एसपी प्रीतम सिंह और फेज 8 पुलिस स्‍टेशन के एसएचओ कुलभूषण सिंह को सस्‍पेंड कर दिया गया था।

उस वक्‍त विश्वास न्‍यूज ने अपनी जांच के दौरान इस प्रदर्शन को कवर करने वाले ‘पंजाबी जागरण’ के मोहाली जिला इंचार्ज रिपोर्टर सतविंदर डधाक से संपर्क किया था। उन्‍होंने बताया था, “2011 में पंजाब के फार्मासिस्ट PCA स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और उस दौरान एक सिख प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस अफसर ने बदतमीजी कर दी। पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 को निलंबित भी कर दिया गया था।”

क्‍या है संदर्भ?

द‍िल्‍ली समेत देश के कई ह‍िस्‍सों में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के बहाने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर कांग्रेस समेत कई व‍िपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन क‍िया।

12 अक्‍टूबर 2026 को कांग्रेस और उसके गठबंधन के दलों ने दिल्ली में एक मार्च निकाला। इस दौरान राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ एक याचिका दाखिल की गई। ‘बीबीसी’ ह‍िंदी की 12 अक्‍टूबर 2026 की खबर में इसके बारे में व‍िस्‍तार से पढ़ा जा सकता है।

10 और 11 अक्‍टूबर 2026 को द‍िल्‍ली में प्रदर्शन के दौरान हजारों लोगों को ह‍िरासत में ल‍िया गया था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमत‍ि नहीं होने के बावजूद हजारों की संख्‍या में लोग द‍िल्‍ली के अलग-अलग इलाकों में जुटे। ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर में इस बारे में व‍िस्‍तार से पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्‍स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को दो लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2019 में बनाया गया था।

न‍िष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्ट फेक साब‍ित हुई। मोहाली के प्रदर्शन के एक पुराने वीड‍ियो को द‍िल्‍ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन का बताकर झूठे दावे के साथ वायरल क‍िया जा रहा है। वायरल वीड‍ियो मार्च 2011 का है। इसका द‍िल्‍ली से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : दिल्ली में हुए व‍िरोध-प्रदर्शन में एक मुस्‍ल‍िम युवक सिख पगड़ी पहनकर शामिल हुआ।
  • Claimed By : X User Janardan Mishra
  • Fact Check : झूठ

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