Fact Check: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए ‘पिग स्क्वाड’ के साथ नजर आ रहे पुलिसकर्मियों का वीडियो AI निर्मित
'पिग स्क्वाड' के साथ फ्रांस के पुलिसकर्मियों का वायरल हो रहा वीडियो फेक है। इस वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Oct 26, 2026 at 04:16 PM
- Updated: Oct 26, 2026 at 05:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘पिग स्क्वाड’ को पकड़े हुए फ्रांस के पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही, इस वीडियो में पीछे की ओर फिलिस्तीन के झंडे पकड़े प्रदर्शनकारियों को देखा जा सकता है। इसे फ्रांस में चल रहे प्रोटेस्ट से जोड़ते हुए शेयर किया जा रहा है। साथ ही यह दावा किया जा रहा है कि हिंसक प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है। इसे एआई की मदद बनाया गया है और अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Er. Rajesh Singh’ ने 23 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “अद्भुत! फ्रांसीसी पुलिस “पेरिस” में कल होने वाले “प्रदर्शन” के लिए तैयार! डाॅग स्क्वाड तो सुना था पर “सुअर स्क्वाड” पहली बार देख रहा हूं!”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पहले उसे गौर से देखा। हमने पाया कि वीडियो में कई जगह ‘पुलिस’ की स्पेलिंग गलत लिखी है। साथ ही, कई जगह प्रदर्शनकारियों द्वारा पकड़े गए बोर्ड पर लिखी स्पेलिंग काफी अटपटी है। हमने गूगल पर भी संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें इस दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। ऐसे में हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने का संदेह हुआ।
इस वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है या नहीं, यह जानने के लिए हमने एआई डिटेक्शन टूल ‘Meta AI’ की मदद ली। इस टूल ने वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई है।

हमने इस वीडियो को ‘Human Meter’ टूल से भी जांचा। इस टूल की एनालिसिस में वीडियो के करीब 95 फीसदी तक एआई-निर्मित होने की संभावना की पुष्टि हुई।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई डिटेक्शन टूल्स के एनालिसिस शेयर किए। इनमें ‘साइट इंजन’ की एनालिसिस ने वीडियो के कीफ्रेम के एआई से बने होने के 89 फीसदी तक संकेत दिए।

डीएयू ने एक अन्य टूल ‘Was IT Ai’ से भी वीडियो के कीफ्रेम को सर्च किया। इस टूल ने कीफ्रेम के 87 फीसदी तक एआई-निर्मित होने की संभावनाएं जताईं।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘jaranor.films’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 22 अक्टूबर 2026 को शेयर किया गया था। इस पोस्ट पर एआई का लोगो लगा हुआ है। इस पेज को खंगालने पर हमने पाया कि वहां इस तरह के अन्य वीडियो भी मौजूद हैं।
डीएयू ने अपनी एनालिसिस में यह भी बताया कि 10 सेकंड की पूरी क्लिप में, सूअरों के हार्नेस पर लिखे शब्द एक जैसे नहीं हैं। पहले तो ‘POLICE’ शब्द साफ लिखा नजर आता है, लेकिन कुछ सेकंड बाद वे कुछ ऐसी आकृतियों में बदल जाते हैं, जिन्हें पढ़ा नहीं जा सकता। चार सेकंड पर फिलिस्तीनी केफियर (पारंपरिक स्कार्फ) पहने एक जैसे दिखने वाले दो आदमी एकसाथ अपने फोन ऊपर उठाते हैं। वे दिखने में एक जैसे लगते हैं, उन्होंने एक जैसे कपड़े पहने हुए हैं और वे एक जैसी ही प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बैकग्राउंड में दिख रहे विरोध-प्रदर्शन के पोस्टर भी काफी अटपटे हैं। 6 सेकंड पर पुलिस अधिकारियों के पीछे लगा एक बड़ा बैनर टुकड़ों में बंटा हुआ दिखता है।
क्या है संदर्भ?
अक्टूबर 2026 के महीने में फ्रांस में लगातार दो हफ्तों से प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रोटेस्ट छात्रों ने स्कूलों की खराब हालत और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू किए थे, लेकिन धीरे-धीरे ये पूरे देश में यह फैल गए। अब आर्थिक असमानता, पेंशन और सैलरी जैसे मुद्दों को लेकर भी लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं। फ्रांस में अब ये प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे हैं और दुकानें लूट रहे हैं। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पर पढ़ें।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को करीब 35 हजार लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर जनवरी 2014 से एक्स पर सक्रिय और प्रोफाइल में खुद को पुणे का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ‘पिग स्क्वाड’ के साथ फ्रांस के पुलिसकर्मियों का वायरल हो रहा वीडियो फेक है। इस वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है।
- Claim Review : फ्रांस में उपद्रवियों को काबू करने के लिए पुलिसकर्मी सुअर के साथ आए नजर।
- Claimed By : X User-Er. Rajesh Singh
- Fact Check : झूठ
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