Fact Check: आरक्षण विरोधी आंदोलन पर अमित शाह ने नहीं दिया वायरल बयान, फर्जी पोस्ट हुई वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन की जीत से जोड़कर अमित शाह का जो बयान वायरल किया जा रहा है, वह इस आंदोलन से पहले का है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Aug 27, 2026 at 04:38 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमित शाह को संसद में चर्चा शुरूकरवाने और जवाब देने की बात कहते हुए सुना जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन की जीत बताते हुए इस मुद्दे पर सरकार के झुकने का दावा कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो का रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। नीट पेपर लीक के बाद जून-जुलाई 2026 में हुए छात्रों के प्रदर्शन पर विपक्ष ने संसद में सरकार से कुछ जवाब मांगा था, इसी मुद्दे पर अमित शाह मीडिया से अपनी बात कह रहे थे। उसी बयान को अब आरक्षण हटाओ आंदोलन की जीत का बताकर वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Gopal Singh Thakur’ ने 24 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मैं कल 3 बजे जवाब दे दूँगा,, अब दिख रहा है सवर्णों का ख़ौफ अब कहाँ गया वो घमंड अमित शाह जी,,अब तो मुंह पर 12 बजे हुए हैं।,, जय राजपुताना जय भगवान परशुराम।”
वीडियो में अमित शाह को यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “मैं कहना चाहता हूं कि आप एक पत्र 2 बजे तक लिखकर दे दीजिए स्पीकर साहब को। तीन बजे से चर्चा चालू कर देंगे। कल मैं तीन बजे जवाब दे दूंगा सारी चीजों का।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने अमित शाह के वायरल वीडियो का सच जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। असली वीडियो हमें ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल पर मिला। इसे 12 अगस्त 2026 को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में अमित शाह संसद में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन को लेकर चर्चा नहीं होने देने के बारे में विपक्ष के रवैये पर जवाब दे रहे थे।
इस वीडियो की कुल अवधि 3 मिनट 9 सेकंड है। इसके 2 मिनट 6 सेकंड से 2 मिनट 20 सेकंड के बीच के हिस्से को काटकर वायरल किया गया है।
पूरा वीडियो देखने से यह स्पष्ट हुआ कि नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन पर अमित शाह खुलकर अपनी बात रख रहे थे। साथ ही वह विपक्ष पर निशाना भी साध रहे थे। इससे स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो जंतर-मंतर पर हुए रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के पहले का है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन 21 अगस्त 2026 को हुआ था, जबकि अमित शाह का वायरल वीडियो 12 अगस्त 2026 का है।
सर्च के दौरान हमें ‘एबीपी न्यूज’ की एक खबर मिली। 12 अगस्त 2026 की इस रिपोर्ट में अमित शाह के वीडियो का इस्तेमाल करते हुए बताया गया, “संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष के पाले में गेंद डालते हुए कहा कि ‘आप लिखकर दीजिए कि चर्चा चाहते हैं, मैं जवाब दूंगा’। वहीं अमित शाह के बयान के ठीक बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम लोग अमित शाह के भाषण में इंटरेस्टेड नहीं हैं, हम जानना चाहते हैं कि बच्चों पर किसने गोली चलवाई।”
विश्वास न्यूज को अब यह जानना था कि क्या आरक्षण विरोधी आंदोलन को लेकर अमित शाह ने कोई बयान दिया है? कीवर्ड के साथ गूगल ओपन सर्च के जरिए हमें उनका कोई हालिया बयान नहीं मिला।
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि अमित शाह का पुराना बयान गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या है संदर्भ?
‘आजतक’ की 22 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 अगस्त 2026 को बड़ी संख्या में जनरल कैटेगरी के लोगों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके अलावा यूजीसी के विवादास्पद इक्विटी रेगुलेशंस का भी विरोध किया गया।
अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूजर को फेसबुक पर करीब 6.9 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2015 में बनाया गया था। यूजर जयपुर में रहता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन की जीत से जोड़कर अमित शाह का जो बयान वायरल किया जा रहा है, वह इस आंदोलन से पहले का है। नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर संसद में बहस को लेकर जारी गतिरोध के बीच अमित शाह ने यह बयान दिया था। इसका रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन के बाद चर्चा के लिए तैयार हुए अमित शाह।
- Claimed By : FB User Gopal Singh Thakur
- Fact Check : झूठ
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