Fact Check : फतेहपुर ट्रिपल मर्डर केस से संबंधित नहीं पुलिस से बहस का यह वीडियो, वायरल दावा भ्रामक
पप्पू सिंह और पुलिस की बहस का वीडियो फतेहपुर ट्रिपल मर्डर केस से संबंधित नहीं है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2021 में हुई एक घटना का है। जब गांव के एक निर्माण कार्य को लेकर तत्कालीन प्रधान पप्पू सिंह और पुलिस के बीच बहस हो गई थी।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 11, 2025 at 03:10 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फतेहपुर ट्रिपल मर्डर से जोड़कर सोशल मीडिया पर अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सरेआम पुलिसकर्मी एक शख्स को पहले गाली देता है और फिर धमकाने का प्रयास करता है। वीडियो को हाल ही में हुई घटना का बताते हुए दावा किया जा रही है कि यह फतेहपुर ट्रिपल मर्डर से संबंधित है। पप्पू सिंह के मर्डर से पहले उनकी पुलिस के साथ उनकी बहस हुई थी।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2021 में हुई एक घटना का है। जब गांव के एक निर्माण कार्य को लेकर तत्कालीन प्रधान पप्पू सिंह और पुलिस के बीच बहस हो गई थी।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर अमेठी मीडिया ने 10 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “गालीबाज दरोगा की भाषा सुनिए ये फतेहपुर के प्रधान प्रतिनिधि से बात कर रहा है। ये मामला फतेहपुर का है आजकल उत्तर प्रदेश की पुलिस ऐसा ही सबके साथ व्यवहार करती है और जो लोग पैसे देते हैं उनको न्याय मिलता है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

दूसरे यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “वीडियो-2: पुलिस और पप्पू सिंह के बीच बहस, गालियों और धमकी से भरा 45 सेकेंड का क्लिप …फतेहपुर ट्रिपल मर्डर केस: दो सनसनीखेज वीडियो आए सामने, हत्या से पहले और पहले की पुलिस बहस का सच आया बाहर।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो स्वामी सोनी लाइव नामक फतेहपुर के एक पत्रकार के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिला। वीडियो को 6 मई 2021 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव का है। जहां पर एक निर्माण कार्य को लेकर एस ओ और तत्कालीन प्रधान के बीच बहस हो गई थी और एस ओ ने अपशब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट अमर उजाला की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 6 मई 2021 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, खड़ंजा के निर्माण को लेकर पप्पू सिंह और इंस्पेक्टर के बीच बहस हुई थी, जिसके बाद इंस्पेक्टर ने उन्हें अपशब्द कहना शुरू कर दिया था। पप्पू सिंह का आरोप था कि इंस्पेक्टर हथगाम के पूर्व प्रधान के प्रभाव में कार्य करते हैं और उन्हें परेशान करते हैं। वहीं, इंस्पेक्टर आदित्य प्रताप सिंह का कहना था कि शपथ लेने से पहले ही पप्पू सिंह गांव के अंदर खड़ंजे, नाली तुड़वाने की बात कह रहे थे। इसकी शिकायत पर वह वहां पर पहुंचे थे। उनसे कहा गया कि अगर गांव में कुछ गलत कार्य हो रहे हैं तो उसकी शिकायत कर जांच कराएं और प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई कराएं। गाली-गलौज नहीं की गई है। इस घटना को लेकर एसपी ने कहा था कि शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जायेगी।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट फतेहपुर पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। 10 अप्रैल 2025 को फतेहपुर पुलिस ने वाच इंडिया नाउ नामक एक यूजर को रिप्लाई करते हुए बताया है कि वीडियो लगभग 04 साल पुराना है। इस वीडियो का किसी अन्य घटना से कोई भी सम्बन्ध नहीं है।
क्या है पूरा मामला ?
नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 10 अप्रैल 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव में हुए ट्रिपल मर्डर का केस सामने आया है। कुछ दिन पहले किसान नेता विनोद उर्फ पप्पू सिंह, उनके बेटे अभय सिंह और भाई अनूप सिंह उर्फ पिंकू को दिनदहाड़े गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी गई।

अधिक जानकारी के लिए हमने फतेहपुर के पत्रकार और साल 2021 में इस वीडियो को शेयर करने वाले स्वामी सोनी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा भ्रामक है। यह वीडियो साल 2021 का है और एक निर्माण कार्य को लेकर दोनों के बीच हुई बहस का है। उस दौरान एक ग्रामीण ने यह वीडियो बनाकर मुझे भेजा था। मैंने उस समय इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब छह हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पप्पू सिंह और पुलिस की बहस का वीडियो फतेहपुर ट्रिपल मर्डर केस से संबंधित नहीं है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2021 में हुई एक घटना का है। जब गांव के एक निर्माण कार्य को लेकर तत्कालीन प्रधान पप्पू सिंह और पुलिस के बीच बहस हो गई थी।
- Claim Review : फतेहपुर ट्रिपल मर्डर केस से जुड़ा वीडियो, मर्डर से पहले पप्पू सिंह और पुलिस की हुई थी बहस।
- Claimed By : FB User Amethi Media
- Fact Check : भ्रामक
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