Fact Check: त्रिपुरा में लाठीचार्ज करते सुरक्षाबल के जवानों का वीडियो पुराना है, बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के बाद का नहीं
त्रिपुरा में 5 अक्टूबर 2026 को टीटीएएडीसी की ग्राम समिति के चुनावों की मतगणना के दौरान हंगामे के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने लाठीचार्ज किया था। उस घटना के वीडियो को बीएसएफ जवानों पर हुए हालिया हमले के बाद का बताकर वायरल किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Nov 6, 2026 at 10:57 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। त्रिपुरा में हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों पर हमले का मामला सामने आया था, जिसके बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षाबल के जवानों को लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि बीएसएफ के जवानों पर हमले के बाद उन्होंने लाठीचार्ज किया है।
विश्वास न्यूज ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो बीएसएफ जवानों पर हुए हमले से पहले का है। 5 अक्टूबर 2026 को त्रिपुरा के खोवाई जिले में ‘त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल’ (TTAADC) की ग्राम समिति के चुनावों के लिए वोटों की गिनती चल रही थी। इस दौरान हंगामे के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने लाठीचार्ज किया था। उस घटना के वीडियो को बीएसएफ के जवानों पर हुए हालिया हमले के बाद का बताकर अब वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Mera Bharat Mahan’ ने 4 नवंबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “त्रिपुरा मे BSF जवान के हमलावरों के यूपीए कारवाई शुरू हो गया है। त्रिपुरा में B.S.F. ने पहले टॉस जीता फिर बैटिंग का फैसला लिया ..देखकर दिल को अच्छा फील हो रहा है ..।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। हमें ‘Northeast Live’ के यूट्यूब चैनल पर 5 अक्टूबर 2026 को वायरल वीडियो से संबंधित एक खबर मिली। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, यह वीडियो त्रिपुरा के खोवाई जिले का है, जहां टीटीएएडीसी ग्राम समिति चुनावों की मतगणना के दौरान हंगामा हो गया था।
‘India Today NE’ की वेबसाइट पर 5 अक्टूबर 2026 को छपी एक खबर में भी वायरल वीडियो के कीफ्रेम को देखा जा सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, “5 अक्टूबर को TTAADC की ग्राम समिति के चुनावों के लिए वोटों की गिनती के दौरान राज्य के कई केंद्रों पर विरोध-प्रदर्शन और तनाव देखने को मिला। सिपाहीजाला और धलाई जिलों में सड़कें जाम की गईं, जबकि खोवाई में लाठीचार्ज की घटना हुई। 28 सितंबर को 587 ग्राम समितियों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें लगभग 81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। खोवाई जिले के ‘भारत सरदार विद्यालय’ के बाहर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जो तुलाशिखर ग्रामीण विकास ब्लॉक के लिए मतगणना केंद्र बनाया गया था। बताया जा रहा है कि जब भीड़ ने सुरक्षा बैरिकेड्स पार करके मतगणना परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया।”

‘नागालैंड पोस्ट’ की वेबसाइट पर 6 अक्टूबर 2026 को ‘पीटीआई’ के हवाले से छपी खबर में लिखा है, “त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि खोवाई जिले में ग्राम समिति चुनावों के मतगणना केंद्र के बाहर कथित तौर पर हंगामा करने वाली भीड़ पर सुरक्षाबलों द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद मची भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई।”

इस बारे में हमने त्रिपुरा के स्थानीय न्यूज पोर्टल ‘त्रिपुरा इन्फो डॉट कॉम’ के संपादक जयंता देबनाथ से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल हो रहा यह वीडियो पुराना है।
क्या है संदर्भ?
त्रिपुरा के बॉक्सनगर के आशाबाड़ी इलाके में कथित तस्करों के एक ग्रुप ने बीएसएफ के तीन जवानों पर बेरहमी से हमला किया था। ‘एएनआई’ की 3 नवंबर 2026 की एक खबर के अनुसार, “हमलावरों ने घायल लोगों से हथियार छीनने की भी कोशिश की और एक सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना सुबह आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के नीचे कांटेदार तार वाली बॉर्डर फेंस के पास गेट नंबर 174 और 175 के पास हुई। कहा जा रहा है कि तस्कर इस इलाके से गैरकानूनी सामान ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी ड्यूटी पर तैनात 49वीं बटालियन के जवानों ने उनका पीछा किया। बीएसएफ के जवानों ने घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर एक कथित तस्कर को पकड़ लिया, जिसकी पहचान हेफजुर रहमान के तौर पर हुई। इस बीच रहीमपुर कांतमुरा BOP से तीन बीएसएफ जवान एक गाड़ी में बॉक्सनगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे नाकाबंदी वाली जगह पर पहुंचे, तभी तस्करों के एक ग्रुप ने जवानों पर अचानक हमला कर दिया।”
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की 3 नवंबर 2026 की एक खबर के अनुसार, सिपाहीजला जिले में ड्यूटी पर तैनात एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार बीएसएफ जवानों पर हमले में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुराने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। 17 सितंबर 2026 को बने इस फेसबुक अकाउंट के करीब 1500 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: त्रिपुरा में 5 अक्टूबर 2026 को टीटीएएडीसी की ग्राम समिति के चुनावों की मतगणना के दौरान हंगामे के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने लाठीचार्ज किया था। उस घटना के वीडियो को बीएसएफ जवानों पर हुए हालिया हमले के बाद का बताकर वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : त्रिपुरा में हमले के बाद लाठीचार्ज करते बीएसएफ के जवान।
- Claimed By : FB User- Mera Bharat Mahan
- Fact Check : भ्रामक
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