Fact Check: नेपाल में बाढ़ से गिरे भवनों के दावे से जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के वीडियो वायरल
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इनसे जोड़कर वायरल हो रहे दोनों वीडियो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के हैं।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Aug 29, 2026 at 04:45 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक में बाढ़ की वजह से गिरती कुछ दुकानों और उनमें दिख रहे लोगों को देखा जा सकता है। वहीं, दूसरे वीडियो में बाढ़ की चपेट में आते भवन दिख रहे हैं। कुछ यूजर्स इन दोनों वीडियो को नेपाल में आई हालिया बाढ़ का बताकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने दोनों वीडियो की जांच की तो पता चला कि एक जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले और दूसरा उत्तराखंड के धराली का है। बडगाम जिले का वीडियो जुलाई 2026 का, जबकि उत्तराखंड के धराली का वीडियो अगस्त 2025 का है। इनका नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘haryanalivetoday’ ने 26 अगस्त 2026 को एक वीडियो नेपाल बाढ़ के हैशटैग्स के साथ पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “जीवन का क्या भरोसा?पल भर में क्या हो जाए।”

इसी यूजर ने 26 अगस्त 2026 को एक अन्य वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए उसे भी नेपाल आपदा का बताया।

पड़ताल
वायरल दावों की जांच के लिए हमने दोनों वीडियो को एक-एक करके चेक किया।
पहला वीडियो
इसके कीफ्रेम को हमने गूगल लेंस से सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘The Kashmir Radar’ पर 21 जुलाई 2026 को यह वीडियो पोस्ट किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह में बाढ़ के पानी में कई दुकानें बह गईं।
‘The Earth News’ यूट्यूब चैनल ने भी इस वीडियो को 21 जुलाई 2026 को बीरवाह का ही बताते हुए पोस्ट किया था।
‘कश्मीर ऑब्जर्वर’ वेबसाइट पर 21 जुलाई 2026 को ‘पीटीआई’ के हवाले से छपी खबर के अनुसार, “कश्मीर घाटी के कई इलाकों में बारिश हुई। कुछ जगहों पर भारी बारिश के कारण कई जल निकायों में जलस्तर बढ़ गया है। बीरवाह में एक नाले के किनारे बने कॉम्प्लेक्स में मौजूद दर्जनों दुकानें बाढ़ के तेज पानी में बह गईं। अधिकारियों ने बताया कि किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।” खबर में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को भी देखा जा सकता है।

इस बारे में हमने जम्मू-कश्मीर में ‘दैनिक जागरण’ के ब्यूरो चीफ नवीन नवाज से बात की। उन्होंने इस वीडियो के बीरवाह का होने की पुष्टि की।
इससे साफ हो गया कि इस वायरल वीडियो का नेपाल में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।
दूसरा वीडियो
इसके बाद हमने दूसरे वायरल वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया। हमें ‘एनडीटीवी इंडिया’ के यूट्यूब चैनल पर 5 अगस्त 2025 को अपलोड की गई एक रिपोर्ट मिली। इसमें वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से आई तबाही का है।
‘दैनिक जागरण’ के यूट्यूब चैनल पर भी इससे संबंधित वीडियो न्यूज को 5 अगस्त 2025 को पोस्ट किया गया था। इस रिपोर्ट में भी इसे उत्तराखंड के धराली का बताया गया था।
‘डीडी न्यूज’ की वेबसाइट पर 5 अगस्त 2025 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, “उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्षिल के पास धराली इलाके में बादल फटने से एक गांव बह गया और कई लोग लापता हो गए। पानी का स्तर अचानक बढ़ने से स्थानीय बाजार वाले इलाके में भारी नुकसान हुआ।”

अधिक पुष्टि के लिए हमने दैनिक जागरण, देहरादून के समाचार संपादक देवेंद्र सति से संपर्क किया, तो उन्होंने इस वीडियो को उत्तराखंड के धराली में आई आपदा का बताया।
इससे साबित होता है कि यह वीडियो भी नेपाल की बाढ़ से संबंधित नहीं है।
क्या है संदर्भ?
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। नेपाल के न्यूज पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ की 29 अगस्त की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “नेपाल पुलिस ने बताया कि रासुवा की भोटेकोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के बाद 29 अगस्त की सुबह 7 बजे तक अलग-अलग जगहों से 616 शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित अलग-अलग इलाकों से अब तक 2,301 लोगों को बचाया गया है। इनमें 676 रासुवा से, 1,622 नुवाकोट से और तीन धाडिंग से हैं।”
‘काठमांडू पोस्ट’ की 29 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “भोटेकोशी में आई बाढ़ से रसुवागढ़ी और मलेखु के बीच लगभग 40 किलोमीटर सड़क को नुकसान पहुंचा है और 41 पुल या तो नष्ट हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। केवल सड़कों, पुलों और संबंधित बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का अनुमान ही 20 अरब रुपये लगाया गया है। नेपाल सरकार ने कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए 42 बेली ब्रिज लगाने के लिए भारत और चीन से मदद मांगी है।”
‘द हिमालयन टाइम्स’ की वेबसाइट पर 27 अगस्त 2026 को छपे एक आर्टिकल में लिखा है, “हाल ही में आई बाढ़ का खतरा शायद अभी टला नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घाटी की अस्थिर दीवारें और आंशिक रूप से ढह चुका ग्लेशियर, आने वाले दिनों में फिर से मलबे के बहाव और दूसरी बाढ़ का कारण बन सकते हैं। ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट’ (ICIMOD) के ग्लेशियोलॉजिस्ट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स स्पेशलिस्ट ने इलाके में हालिया बाढ़ और भूकंप की गतिविधियों के बाद इन दो खतरों को मुख्य जोखिम के तौर पर पहचाना है।”
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के वीडियो को नेपाल आपदा से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। मई 2023 में बनाए गए इस अकाउंट के करीब 45 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इनसे जोड़कर वायरल हो रहे दोनों वीडियो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के हैं।
- Claim Review : नेपाल में बाढ़ की चपेट में आए भवनों का वीडियो।
- Claimed By : Insta User- haryanalivetoday
- Fact Check : भ्रामक
- Video of The Kashmir Radar, Dated 21 Jul 2026
- Video of The Earth News, Dated 21 Jul 2026
- News Report of Kashmir Observor, Dated 21 Jul 2026
- Video of NDTV India, Dated 5 Aug 2025
- Video of Dainik Jagran, Dated 5 Aug 2025
- News Report of DD News, Dated 5 Aug 2025
- News Report of Online Khabar, Dated 29 Aug 2026
- News Report of Kathmandu Post, Dated 29 Aug 2026
- News Report of The Himalayan Times, Dated 27 Aug 2026
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