Fact Check: एपस्टीन फाइल्स में यूएई क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नहीं है यह तस्वीर, एडिटेड फोटो वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा फर्जी है। वायरल की जा रही तस्वीर एडिटेड है और इसका एपस्टीन फाइल्स या यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से कोई संबंध नहीं है। हमने पाया कि असली तस्वीर किसी अन्य व्यक्ति की है, और यह साल 2012 से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद है।
- By: Umam Noor
- Published: Feb 6, 2026 at 05:31 PM
- Updated: Feb 6, 2026 at 05:39 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अपराधी जेफरी एपस्टीन की जांच से जुड़े लगभग तीन मिलियन पेज के दस्तावेज और हजारों वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं। इन दस्तावेज में कई मशहूर हस्तियों के नाम सामने आये हैं। इसी बीच एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को दो महिलाओं के साथ देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उनकी यह फोटो एपस्टीन फाइल्स की है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा फर्जी है। वायरल की जा रही तस्वीर एडिटेड है और इसका एपस्टीन फाइल्स या यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से कोई संबंध नहीं है। हमने पाया कि असली तस्वीर किसी अन्य व्यक्ति की है और यह साल 2012 से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘गौरव पांडे’ ने 1 फरवरी 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Zayed Al Nahyan भी एप्सटीन files में पकड़े गए हैं… वो एपस्टीन के बुलावे पर प्राइवेट आईलैंड पर मजा करने जाता था.. #EpsteinFiles.”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। अलग- अलग की-वर्ड और तस्वीर को क्रॉप करके सर्च करने पर हमें यह फोटो ‘सेव मोरक्को’ नाम के एक फेसबुक पेज पर 25 जनवरी 2012 को अपलोड की हुई मिली। यहां असली तस्वीर में यूएई के राष्ट्रपति की जगह किसी और शख्स को देखा जा सकता है। दी गई जानकारी के अनुसार शख्स का नाम चमाख है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें ‘ariffino‘ नाम की न्यूज वेबसाइट पर 2013 में और ‘हेसपोर्ट‘ की वेबसाइट पर 2014 में छपी खबरों में यह तस्वीर मिली। हालांकि, इन दोनों खबरों में मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन के बारे जानकारी दी गई है, लेकिन तस्वीर के बारे में नहीं।
वायरल हो रही एडिटेड तस्वीर कर असली फोटो के दरमियान फर्क को दिए गए कोलाज में देखा जा सकता है।

वायरल तस्वीर की पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में अंतर्राष्ट्रीय मामलों को कवर करने वाले वरिष्ठ संवाददता जय प्रकाश रंजन से संपर्क किया। उन्होंने भी वायरल तस्वीर को फर्जी बताया है।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स?
अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्टीन से संबंधित लाखों पन्नों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फाइल्स में टेक्स्ट, वीडियो और फोटोज शामिल हैं, जिनमें कई प्रभावशाली हस्तियों के एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल के साथ संबंधों का जिक्र शामिल है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है. लेकिन मृत्यु के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, “एपस्टीन फ़ाइल्स से जुड़े 30 लाख नए दस्तावेज़ जारी किए गए हैं. कुछ सामग्री पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं. इससे पहले कमिटी से एपस्टीन की संपत्ति के हज़ारों दस्तावेज़ आए, जिनमें ज्यादातर ईमेल थे. सितंबर 2025 में एक बर्थडे बुक जारी हुई, जिसमें ट्रंप के नाम वाला एक नोट था. हालांकि, ट्रंप ने यह नोट लिखने से इनकार किया.”
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर गौरव पांडे की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 13 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा फर्जी है। वायरल की जा रही तस्वीर एडिटेड है और इसका एपस्टीन फाइल्स या यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से कोई संबंध नहीं है। हमने पाया कि असली तस्वीर किसी अन्य व्यक्ति की है, और यह साल 2012 से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद है।
- Claim Review : यह फोटो एप्सटीन फाइल्स की है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर 'गौरव पांडे'
- Fact Check : झूठ
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