Fact Check: नूंह हिंसा के नाम से पुरानी तस्वीरों को किया जा रहा शेयर
मेवात और नूंह से जोड़कर शेयर की जा रही चारों तस्वीरें पुरानी हैं और अलग-अलग घटनाओं की हैं। इनका नूंह हिंसा से कोई संबंध नहीं है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Aug 1, 2023 at 01:14 PM
- Updated: Aug 2, 2023 at 02:15 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हरियाणा के मेवात जिले के नूंह में भड़की हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स कई पोस्ट शेयर कर रहे हैं। यूजर्स नूंह हिंसा के नाम से फोटो और वीडियो शेयर कर रहे हैं। इनमें से कुछ तस्वीरों की पड़ताल जब विश्वास न्यूज ने की तो पता चला कि उनका नूंह मामले से कोई संबंध नहीं है, बल्कि वे पुरानी हैं और अलग-अलग घटनाओं की हैं।
क्या है वायरल पोस्ट
ट्विटर यूजर चंदन शर्मा (आर्काइव लिंक) ने 31 जुलाई को हरियाणा और मेवात के हैशटैग के साथ चार तस्वीरों को टैग करते हुए सांप्रदायिक और भड़काऊ बातें लिखी हैं।

फेसबुक यूजर ‘अपूर्वा सिंह‘ (आर्काइव लिंक) ने 1 अगस्त को इसी तरह के भड़काऊ और सांप्रदायिक पोस्ट के साथ हरियाणा और मेवात के हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए एक तस्वीर को शेयर किया है। इसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को पीटते हुए दिख रहे हैं।

इसी तरह फेसबुक यूजर ‘चन्द्रा रमेश‘ (आर्काइव लिंक) ने 1 अगस्त को हरियाणा और मेवात के हैशटैग के साथ तस्वीर को पोस्ट किया। इसमें भी भड़काऊ और सांप्रदायिक बातें की गई हैं।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले इस मामले की जानकारी के लिए गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया। 1 अगस्त को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार में लिखा है कि 31 जुलाई यानी सोमवार को नूंह में ब्रजमंडल यात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान वहां हिंसा भड़क उठी। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए और नूंह हिंसा की आंच गुरुग्राम के सोहना तक पहुंच गई। राज्य के कई जिलों की फोर्स नूंह पहुंच चुकी है। वहां इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई हैं और धारा 144 लगा दी गई है। नूंह, गुरुग्राम, पलवल और फरीदाबाद में 1 अगस्त को सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

इसके बाद हमने वायरल तस्वीरों को एक-एक करके गूगल रिवर्स इमेज और गूगल लेंस की मदद से सर्च किया।
पहली तस्वीर

पहली फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च करने पर यह हमें फर्स्टपोस्ट की वेबसाइट पर 10 सितंबर 2017 को छपी खबर में अपलोड मिली। पीटीआई के हवाले से छपी खबर में लिखा है कि हरियाणा पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के सदस्य गोविंद इंसान को गिरफ्तार किया है। उस पर गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप केस में दोषी ठहराये जाने के बाद पंचकुला में हुई हिंसा को भड़काने का आरोप है। मतलब इसका मेवात में हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है।

दूसरी तस्वीर

इस फोटो को गूगल रिवर्स इमेज से सर्च करने पर यह हमें 20 फरवरी 2013 को एनडीटीवी पर छपी फोटो गैलरी में मिली। खबर के मुताबिक, “11 प्रमुख ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए दो दिवसीय भारत बंद के कारण देश भर में बैंकिंग सेवाएं ठप हो गईं। शहरों में सार्वजनिक परिवहन बंद हो गया। नोएडा में फैक्ट्रियों पर हमले हुए और अंबाला में हिंसा में एक ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता की मौत हो गई।” इसमें ग्रेटर नोएडा में कारों को जलाने की कुछ तस्वीरें अपलोड की गई हैं। मतलब यह तस्वीर भी नूंह की नहीं है।

इस बारे में हमने इस घटना को कवर करने वाले नोएडा के स्थानीय टीवी पत्रकार अरविंद उत्तम से बात की। उनका कहना है, “2013 में प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने कार फैक्ट्री में आग लगा दी थी। यह तस्वीर उस प्रदर्शन की है।“
तीसरी तस्वीर

गूगल रिवर्स इमेज में हमें यह तस्वीर 25 दिसंबर 2019 को टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में मिली। इसके कैप्शन में लिखा है, “कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी आमने-सामने।” यानी यह भी नूंह हिंसा से संबंधित नहीं है।

इस बारे में कानपुर दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर गौरव दीक्षित ने भी कहा, “यह तस्वीर तीन-चार साल पुरानी है और कानपुर की है।“
चौथी तस्वीर

गूगल लेंस की मदद से इसको सर्च करने पर यह हमें यह तस्वीर न्यूज 18 की वेबसाइट पर मिली। इसके कैप्शन में लिखा है, “कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन की फाइल फोटो।”

अंत में हमने पुरानी तस्वीरों को नूंह हिंसा से जोड़कर शेयर करने वाले ट्विटर यूजर की प्रोफाइल को स्कैन किया। अक्टूबर 2015 से ट्विटर से जुड़े यूजर के 12 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: मेवात और नूंह से जोड़कर शेयर की जा रही चारों तस्वीरें पुरानी हैं और अलग-अलग घटनाओं की हैं। इनका नूंह हिंसा से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : ये तस्वीरें नूंह हिंसा से जुड़ी हुई हैं।
- Claimed By : Twitter User- Chandan Sharma
- Fact Check : भ्रामक
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