Fact Check : PM मोदी ने शालीनता दिखाते हुए CM योगी को आगे से जाने का किया था इशारा, वायरल दावा गलत
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। पता चला कि वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Apr 10, 2024 at 06:46 PM
- Updated: Apr 10, 2024 at 06:54 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। लोकसभा चुनाव में रैलियों का दौर जारी है। इसी बीच एक रैली के वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उस वक्त धक्का दे दिया, जब वह कुर्सी पर बैठने की कोशिश कर रहे थे। इस वीडियो को इसी तरह के मिलते-जुलते दावों के साथ काफी ज्यादा वायरल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। पता चला कि वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद है। वायरल वीडियो यूपी के पीलीभीत में एक चुनावी सभा के दौरान का है। 9 मार्च को एक रैली के दौरान सीएम योगी पीएम मोदी के सामने से डायस पर जाने की बजाय अपनी कुर्सी हटाकर पीछे से जाने का प्रयास कर रहे थे। उसी वक्त पीएम मोदी ने उन्हें सामने से जाने का इशारा किया, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करके पीएम और सीएम के खिलाफ दुष्प्रचार फैला रहे हैं।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर मनोज यादव ने 9 अप्रैल को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया, “बदतमीजी की पराकाष्ठा बाबा का ये अपमान नहीं रहेगा हिंदुस्तान बायकट मोदी उत्तर प्रदेश पीलीभीत की जनसभा के मंच पर मोदी जी ने बेहद गुस्से अशिष्टता बेहुदगी से कुर्सी खींच कर बैठने की कोशिश करते योगी जी का हाथ पकड़ परे धक्का दिया। घोर निंदनीय शर्मनाक हम कड़ी निन्दा करते है.”
फेसबुक पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे यूजर्स फेसबुक, एक्स और वॉट्सऐप पर खूब वायरल कर रहे हैं। फेसबुक पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इस पर हमें न्यूज 24 न्यूज चैनल का लोगो नजर आया। इसके आधार पर हम चैनल के यूट्यूब अकाउंट पर गए और वहां असली वीडियो सर्च किया। हमें 9 अप्रैल को अपलोड एक वीडियो मिला। इस वीडियो में बताया गया कि सीएम योगी जनता को संबोधित करने के लिए पीछे से जाने वाले थे। पीएम मोदी ने हाथ पकड़कर सीएम योगी को सामने से जाने को कहा।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, पीलीभीत के ईपेपर को खंगाला। हमें वहां वायरल वीडियो से जुड़ी एक खबर मिली। इसमें बताया गया, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विनम्रता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शालीनता ने लोगों का दिल जीत लिया। मंगलवार को ड्रमंड राजकीय इंटर कालेज में जनसभा के मंच पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अगल-बगल बैठे थे। मंच संचालक ने संबोधन के लिए बुलाया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुर्सियों के पीछे से होकर पोडियम की ओर जाना चाहते थे। वह जैसे ही उठकर पीछे की ओर बढ़े, प्रधानमंत्री ने उनका हाथ पकड़कर रोका। कुछ क्षण दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को देखा, फिर प्रधानमंत्री ने कुर्सी के सामने से ही गुजरने का इशारा किया और मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उनकी बात मान ली। वह तेज कदमों से पोडियम की ओर बढ़े, तब तक पंडाल तालियों से गूंजने लगा था।”

संबंधित खबर जागरण डॉट कॉम पर भी मिली। इसे 9 अप्रैल को पब्लिश की गई थी।
पड़ताल के दौरान भाजपा के यूट्यूब चैनल पर वीडियो का बड़ा वर्जन मिला। इसे 9 अप्रैल को लाइव किया गया। इसमें 3:30 मिनट के बाद देखा जा सकता है कि जब मंच पर सीएम योगी को भाषण देने के लिए बुलाया जाता है, तो वह डायस की ओर जाने के लिए अपनी कुर्सी हटाकर पीछे से जाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद पीएम मोदी उन्हें अपने सामने से जाने के इशारा करते हैं। वीडियो के इसी हिस्से को काटकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में सीएम योगी के मीडिया सलाहकार मृत्युजंय कुमार से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की सोशल स्कैनिंग की। फेसबुक यूजर मनोज यादव एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। अलीगढ़ के इस यूजर ने यह अकाउंट मार्च 2013 को बनाया था।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में पीएम मोदी और सीएम योगी से जुड़ी वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। सीएम योगी पीएम मोदी के सम्मान में उनके सामने से डायस जाने की बजाय पीछे की ओर से जा रहे थे। उसी वक्त पीएम मोदी ने उनका हाथ पकड़ कर सामने से जाना का इशारा किया था। वीडियो के इसी हिस्से को एडिट करके गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
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