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सर्दी में कैसे रखें दिल का ख्याल, जानें एक्सपर्ट्स से

सर्दी के मौसम में दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। इसके लिए खुद की लाइफ स्‍टाइल में बदलाव करने की आवश्‍यकता है। आइए जानते हैं देश के जाने-माने हॉर्ट के डॉक्‍टर्स से उनकी सलाह।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Jan 16, 2025 at 11:13 AM
  • Updated: Jan 17, 2025 at 10:57 AM

नई दिल्‍ली। देश के कई इलाकों में सर्दी अपने चरम पर है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं और धमनियां सिकुड़ जाती हैं। जिसके कारण ब्‍लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। दिल को ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है।

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब तापमान कम होता है, तो त्वचा और उंगलियों और पैर की उंगलियों में रक्त वाहिकाएं संकीर्ण हो जाती हैं, जिससे कम गर्मी नष्ट होती है। लेकिन इसके कारण हृदय को शरीर के चारों ओर रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। ठंड में यह एक सामान्य प्रतिक्रिया है, लेकिन यह उन लोगों के लिए खतरनाक है, जिन्‍हें पहले से यह बीमारी है। साथ में एक्‍ससाइज के दौरान खतरा बढ़ जाता है।

सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वीरेंद्र सिंह सर्दियों में दिल के दौरे बढ़ने की वजह समझाते हुए कहते हैं कि ठंड के दिनों में हमारी ब्‍लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। जिसके कारण दिल पर बोझ बढ़ जाता है। दिल की धड़कन बढ़ जाती है, जिसका असर हार्ट पर पड़ता है। कई बार ज्‍यादा एक्‍सरसाइज से भी हार्ट अटैक आ जाता है। इसके अलावा कई बार विटामिन डी की कमी भी हृदय रोग का कारण बनता है।

सर्दियों में हार्ट अटैक के कारण

– हाई कैलोरी फूड और ज्‍यादा तला हुआ खाना
– धूप की कमी के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी
– कम पानी पीने के कारण डिहाइड्रेशन

बीएचयू हॉस्पिटल के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर ओम शंकर कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में लाइफस्टाइल में बदलाव करके दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है। स्‍मोकिंग और अल्कोहल से बचना जरूरी है। इसके अलावा खानपीन में मौसमी सब्‍जियों और फलों को शामिल करके खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है।

हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

डॉ. ओम शंकर कहते हैं कि यदि किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो कुछ बातों का जरूर ध्‍यान रखना चाहिए। ताकि मरीज की जान बचाई जा सके।

– सबसे पहले प्राथमिक तौर पर Aspirin की गोली मरीज़ को चबाने को दें। Aspirin रक्त की धमनियों में Clotting को रोकती है।
– मरीज को तब तक उचित जगह बैठने या लेटने को कहें, जहां उन्हें आराम हो।
– अगर घर में sorbitrate की 5mg की टेबलेट हो तो उसे जीभ के नीचे रखनी है।
– मरीज अगर सांस नहीं ले रहा, पल्स नहीं मिल रही, वैसी परिस्थिति में तुरंत CPR दें।

डिस्क्लेमर : यह ऑटिकल एक्सपर्ट्स की मदद से लिखा गया है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। लक्षण दिखने पर अपने डॉक्‍टर से परामर्श लें।

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