Fact Check: पुलिस के एक्शन से असतुंष्ट दंपत्ति ने खुद को लगाई थी आग, गलत सन्दर्भ में वीडियो हो रहा है वायरल
- By: Pallavi Mishra
- Published: Sep 21, 2019 at 04:09 PM
- Updated: Aug 30, 2020 at 08:12 PM
नई दिल्ली (विश्वास टीम)।सोशल मीडिया पर आज कल एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें काफी जली हुई स्थिति में एक महिला और एक पुरुष को देखा जा सकता है। वीडियो में पुरुष को बोलते सुना जा सकता है कि उन्हें दबंग लोग मारते हैं और उनकी ज़मीन छीनने की कोशिश कर रहे हैं मगर पुलिस ने कुछ नहीं किया। वीडियो में वे अपना नाम जोगिन्दर सिंह बता रहे हैं और अपनी पत्नी का नाम चंद्रवती बता रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है “जबरन कब्जा करा रही पुलिस व भाजपा नेता रोकने पर दलित को जिन्दा जला दिया।
हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा सही नहीं है। एक दबंग के द्वारा मार पिटाई और पुलिस के एक्शन से संतुष्ट न होने के कारण इन दोनों पति पत्नी ने मथुरा के एक थाने में खुद को आग लगा ली थी।
CLAIM
वायरल पोस्ट में क्लेम में लिखा है “जबरन कब्जा करा रही पुलिस व भाजपा नेता रोकने पर दलित को जिन्दा जला दिया मोदी राज में सबसे ज्यादा दलितों व मुस्लिमो पर जुलम किए जा रहे हैं। दलितों को जिंदा जला दिया कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। जिस भाई ने यह वीडियो शेयर नहीं किया तो थू है उसकी जिंदगी पर और मैं समझता हूं मेरे हिसाब से इस से घटिया इंसान और कोई नहीं होगा। यह भारत देश है यहां पर गरीबों की नहीं सुनी नहीं जाती।”
FACT CHECK
इस वीडियो की जाँच के लिए हमने इस वीडियो को InVID टूल पर डाला और इसके कीफ्रेम्स निकाले। इन कीफ्रेम्स को जब हमने गूगल रिवर्स इमेज पर “couple burnt” कीवर्ड्स के साथ सर्च किया तो हमारे हाथ दैनिक जागरण की एक खबर लगी। 28 Aug 2019 को फाइल की गयी इस खबर के अनुसार ये घटना उत्तर प्रदेश के मथुरा की है। एक दबंग के द्वारा मार पिटाई और आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट न लिखने से आहत दंपत्ति ने 28 अगस्त को थाने में खुद को आग लगा ली थी।

हमने ज़्यादा पुष्टि के लिए मथुरा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आदित्य कुमार मिश्रा से बात की जिन्होंने कहा कि घटना बहुत ही दुखद थी। पीड़ित और आरोपी दोनों ही क्षत्रिय समाज से थे। पीड़ित के दलित समाज से होने वाली बात गलत है। दोनों पड़ोसी थे। घर के बाहर नाली को लेकर हुए विवाद पर मामला शुरू हुआ था।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने आगे बताया कि घटना से पहले मारपीट को लेकर दंपत्ति की तहरीर आई थी। महिला का मेडिकल भी कराया गया था लेकिन उसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इन दोनों ने खुद को सुरीर पुलिस स्टेशन परिसर में ही आग लगा की थी। चौकी इंचार्ज दीपक नागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया थे। आरोपी या पीड़ित का किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से सम्बन्ध सामने नहीं आया। सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया था। केस चल रहा है।
दपत्ति को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ इन दोनों की बाद में मृत्यु हो गई।

इस पोस्ट को Rajinder Ahirwal नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था। इनके फेसबुक प्रोफाइल के इंट्रो में लिखा है “भीम आर्मी भरतीय एकता लुधियाना पंजाब से राजिंदर अहीरवाल। ” इनके फेसबुक पर कुल 1,455 फ़ॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा सही नहीं है। एक दबंग के द्वारा मार पिटाई और पुलिस की निष्क्रियता के कारण इन दोनों पति पत्नी ने खुद को आग लगायी थी। दोनों पीड़ित और आरोपी क्षत्रिय समाज से थे।
- Claim Review : *जबरन कब्जा करा रही पुलिस व भाजपा नेता रोकने पर दलित को जिन्दा जला दिया*
- Claimed By : Rajinder Ahirwal
- Fact Check : झूठ
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