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बायो: पल्लवी मिश्रा जागरण न्यू मीडिया में क्वालिटी चेक मैनेजर हैं और फैक्ट-चेकर और प्रूफरीडर के रूप में विश्वास न्यूज़ के लिए काम करती हैं। उसकी विशेषज्ञता ख़बरों की पुष्टि, पुन: जाँच और मूल्यवर्धन करना है। उन्हें डिजिटल मीडिया में लगभग 12 वर्षों का अनुभव है। जागरण न्यूज मीडिया में शामिल होने से पहले, पल्लवी ने एनडीटीवी, इंडिया टुडे और आईएएनएस जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।

योग्यता: पल्लवी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। उनके पास पत्रकारिता और जनसंचार में डिप्लोमा भी है।

सर्टिफिकेशन: राज्य-आधारित कोविड -19 दुष्प्रचार का मुकाबला करने में सीआरडीएफ-ग्लोबल द्वारा उपलब्धि और प्रशंसा का प्रमाण पत्र
हैंड्स-ऑन फैक्ट-चेकिंग: एक शॉर्ट कोर्स - पॉयन्टर यूनिवर्सिटी का ई-लर्निंग कोर्स
रॉयटर्स डिजिटल पत्रकारिता प्रमाणपत्र
गूगल सर्टिफाइड ट्रेनर द्वारा आयोजित पंच दिवसीय वर्कशॉप

संशोधन:

1: 03 जुलाई, 2019
विश्वास न्यूज टीम के सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0065) ने एक फैक्ट चेक स्टोरी की। यह स्टोरी फेसबुक पर वायरल एक पोस्ट पर थी जिसमें आइसक्रीम वेंडर की तस्वीर का इस्तेमाल इस दावे के साथ किया गया था, ‘गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले #राकेश (#दलित) को #जयश्रीराम ना कहने पर #मुसलमान समझकर #भगवागुंडों ने मारा पीटा।’

विश्वास टीम के सदस्य ने इस फेसबुक पोस्ट में किए गए फर्जी दावे का खुलासा किया और असल तथ्यों पर आधारित स्टोरी पब्लिश की। बाद में, विश्वास टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने इसी यूजर की पोस्ट को फेसबुक पर रेट कर किया।
यहां नीचे उस स्टोरी का लिंक दिया गया है जिसे टीम ने फेसबुक यूजर के फर्जी दावे की पड़ताल और उसका खुलासा करते हुए पब्लिश किया था
https://www.vishvasnews.com/society/fact-check-ice-cream-vendors-image-viral-with-fake-claim/

बाद में टीम की दूसरी सदस्य (एंप्लॉयी आईडी- PN0046) ने पाया कि फेसबुक पर दूसरे यूजर्स भी इसी तस्वीर को वैसे ही दावे के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच गलती से उन्होंने एक ऐसी पोस्ट को रेट कर दिया जिसमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल था लेकिन जिसका विवरण सही था और इसमें लिखा था, ”गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली के सामने आइसक्रीम बेचने वाले को मारा पीटा पैसे छीनने का आरोप”। फेसबुक पेज के मालिक ने इस मामले को हमारे साथ साझा किया। हमने गाइडलाइंस और हमारी संशोधन नीति के मुताबिक पोस्ट की रेटिंग में जरूरी बदलाव किए।

2: 31 मई
हमारी टीम की सदस्य (एम्पलॉय आईडी PN0046) ने इस स्टोरी को 31 मई को अपडेट किया. स्टोरी में से एक ऐसा पैराग्राफ हटाया गया, जिसकी इसमें कोई आवश्यक्ता नहीं थी.
https://www.vishvasnews.com/politics/fact-check-no-labour-ministry-is-not-giving-rs-1-2-lakh-to-labourers-who-worked-between-1990-2020/

Fact Check Stories By : Pallavi Mishra

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