Fact Check : अफगानिस्तान में वर्ष 2010 में पकड़े गए फिदायीन की पुरानी तस्वीर NIA की छापेमारी से जोड़ते हुए किया जा रहा वायरल
वायरल तस्वीर वर्ष 2010 की साबित हुई। यह अफगानिस्तान के फराह प्रांत में सुरक्षा बलों के हाथों पकड़े गए फिदायीन की है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: May 16, 2025 at 03:11 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें एक व्यक्ति को मानव बम बने हुए देखा जा सकता है। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में छापेमारी की और कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। पोस्ट फर्जी साबित हुई। हाल-फिलहाल में ऐसी कोई छापेमारी नहीं हुई है। वायरल तस्वीर वर्ष 2010 की साबित हुई। यह अफगानिस्तान के फराह प्रांत में सुरक्षा बलों के हाथों पकड़े गए फिदायीन की है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर रानी अरोड़ा ने 14 मई को एक पोस्ट में दावा किया, “16 लोगों को गिरफ्तार किया। डोभाल ऐसे ही नहीं घूम रहे थे गलियों व मौहल्लों में,जब हम और आप सो रहे थे……. राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने दिल्ली और यूपी पुलिस की मदद से बीती रात दिल्ली के सीलमपुर और यूपी के अमरोहा में छापेमारी की और 16 लोगों को गिरफ्तार किया… इनमें एक इंजीनियरिंग का छात्र,अमरोहा मस्जिद का मौलवी एक युनिवर्सिटी का छात्र,कई वेल्डर और आटो चालक शामिल हैं,… छापेमारी में सीलमपुर दिल्ली में एक राकेट लांचर,अन्य जगहों पर 25 किलो विस्फोटक सामग्री,150 फोन, 300 सिम कार्ड,200 अलार्म घड़ियां और लोहे के पतले पाइप, टनों कीलें मिलीं…. इसके अलावा 8 लाख कैश भी मिला.. बड़े बड़े वेल्डिंग मशीन से पाइप बम बन रहे थे,सुसाइड वेस्ट और टाइमर वाले बम मिले है,और आटो वाले सामान पहुंचाने में लगे थे.. गिरोह के सरगना मुफ्ती ने बताया कि इनका हैंडलर दुबई में है…. अगर आप इसे सिर्फ दंगा मान रहे हैं तो आप बड़े भोले हैं, ये युद्ध है….।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की दो हिस्सों में पड़ताल की। सबसे पहले हमने पोस्ट में इस्तेमाल की गई फोटो की जांच की। इसके लिए गूगल लेंस टूल का इस्तेमाल किया। इसके जरिए सर्च करने पर हमें एक पुरानी खबर में यह तस्वीर मिली। 10 नवंबर 2010 की इस खबर में बताया गया कि अफगानिस्तान के फराह प्रांत में सुरक्षा बलों के हाथों एक फिदायीन पकड़ा गया। तस्वीर उसी की है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए फेसबुक पोस्ट में किए गए दावे की पड़ताल की गई। इसके लिए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया गया। यहां कीवर्ड के जरिए सर्च करने पर हमें कई पुरानी खबरें मिलीं। न्यूज 18 की वेबसाइट पर मौजूद खबर में बताया गया, “राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली और अमरोहा में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है. उनके पास से भारी संख्या में हथियार और आईएसआईएस के पैम्फलेट भी मिले हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर इलाके और अमरोहा में छापेमारी की।” यह खबर 31 दिसंबर 2018 को पब्लिश की गई।

सर्च के दौरान हमें आउटलुक हिंदी की वेबसाइट पर भी छापे से जुड़ी एक पुरानी खबर मिली। 28 दिसंबर 2018 की इस खबर में लिखा गया कि एनआईए ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 16 जगहों पर छापेमारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, NIA ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के खिलाफ जारी जांच में उत्तर प्रदेश के अमरोहा और दिल्ली में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए हमें कोई लेटेस्ट खबर नहीं मिली। इससे यह साफ हो गया कि अफगानिस्तान की पुरानी तस्वीर और छापे की पुरानी तस्वीर के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने भी वायरल पोस्ट को झूठ बताया।
विश्वास न्यूज ने वर्ष 2020 में भी वायरल पोस्ट की जांच की थी। उस पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।
जांच के अंत में भ्रामक पोस्ट करने वाली यूजर की जांच की गई। रानी अरोड़ा नाम की यूजर को फेसबुक पर करीब पांच हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। एनआईए की छापेमारी के नाम पर अफगानिस्तान की पुरानी तस्वीर वायरल की जा रही है। हाल-फिलहाल में एनआईए ने ऐसी कोई छापेमारी नहीं की है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया।
- Claim Review : राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने दिल्ली और यूपी पुलिस की मदद से बीती रात दिल्ली के सीलमपुर और यूपी के अमरोहा में छापेमारी की और 16 लोगों को गिरफ्तार किया।
- Claimed By : FB User Rani Arora
- Fact Check : भ्रामक
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