Fact Check : CM योगी के वीडियो के साथ छेड़छाड़, हेल्थ के नाम पर वायरल किया गया वीडियो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इंटरनेट पर मौजूद वीडियो का दुरुपयोग करते हुए वायरल वीडियो तैयार करके झूठ फैलाया जा रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jun 9, 2025 at 01:32 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके कभी घरेलू नुस्खे तो कभी ऑनलाइन दवा के ऑर्डर के नाम पर फर्जी लिंक के साथ वायरल किया जाता रहा है। अब एक बार फिर से सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर दो अलग-अलग वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में सीएम योगी को जापान का उदाहरण देते हुए ब्लड प्रेशर के इलाज पर बोलते हुए दिखाया गया है। इसमें खाने वाले सोडा से धमनियों में अतिरिक्त चर्बी हटाने का दावा किया गया है। इस वीडियो में दावा किया गया कि कोलेस्ट्रोल के कारण खून की धमनियों में दिक्कत आती है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। वीडियो में एक लिंक पर भी क्लिक करने को कहा गया है।
इसी तरह एक दूसरे वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए बात करते हुए दिखाया गया है। इसमें भी एक लिंक को क्लिक करने के लिए कहा गया है।
विश्वास न्यूज ने दोनों वायरल वीडियोज की जांच की। दोनों ही फर्जी साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इंटरनेट पर मौजूद वीडियो का दुरुपयोग करते हुए वायरल वीडियो तैयार करके झूठ फैलाया जा रहा है। ऐसे वीडियो के जरिए न सिर्फ ठगी हो सकती है, बल्कि लोगों की निजी जानकारी में भी सेंध लगाई जा सकती है।
क्या हो रहा है वायरल
एक फेसबुक पेज ने 4 जून को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर आप हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इस अनोखी विधि का उपयोग करें। जिससे आप पहले ही कल तक इस बीमारी से सौ प्रतिशत निश्चित रूप से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। अगर आप दिल और रक्तवाहिनी रोगों से पीड़ित हैं, तो मेरी बात को अंत तक ध्यान से सुनिए, क्योंकि सिर्फ एक मिनट में मैं आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा देने वाला हूँ जो सिर्फ तीस सेकंड में दिल और रक्तवाहिनी की बीमारी को उलट सकता है………..।”
पोस्ट के अंत में वीडियो के नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करने को कहा गया।
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोनों वीडियो की अलग-अलग जांच की। इसके लिए हमने गूगल लेंस टूल और डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) की मदद ली । इसके अलावा एआई एक्सपर्ट और हेल्थ एक्सपर्ट से भी बात करके दावे की सच्चाई सामने लाई गई।
पहले वीडियो की जांच
विश्वास न्यूज ने पहले वायरल वीडियो का असली हिस्सा खोजने के लिए इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें कई क्लू से पता चला कि वीडियो 26 मई 2025 का है।
हमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स हैंडल पर कई वीडियो मिले। 26 मई को अपलोड ये वीडियो नई दिल्ली में 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक का बताया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी यूपी में शिक्षा की स्थिति को लेकर अपनी सरकार के कार्यों के बारे में बता रहे थे।
नीचे दिए गए कोलाज में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के सामने सजे फूल दोनों वीडियो में एक ही हैं। इसी तरह यदि माइक की डिजाइन और झुकाव को देखा जाए तो वह भी दोनों वीडियो में एक ही जैसा है। इससे यह साफ हो गया कि मुख्यमंत्री योगी के 26 मई 2025 के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके वायरल वीडियो तैयार किया गया है। असली वीडियो में अलग से आवाज जोड़कर फर्जी वीडियो बनाया गया है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए फिर से वायरल पोस्ट को स्कैन किया। वीडियो के एक नीचे एक लिंक दिया गया था। हमने उस पर क्लिक किया तो हमारे सामने एक वेबसाइट खुल गई। इसमें ऑर्डर करने का एक बटन क्लिक करने को कहा गया।

जब हमने उस पर क्लिक किया तो उस पर नाम और मोबाइल नंबर भरने को कहा गया। इसके बाद सबमिट करने पेज पर लिखा गया कि आपके ऑर्डर के लिए धन्यवाद। हमारा प्रबंधक शीघ्र ही आपसे संपर्क करेगा।

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को लेकर सहयोगी डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू (एमसीए की पहल) की एक्सपर्ट टीम ने वीडियो का विश्लेषण किया। उन्हें Hive AI और Deepfake-o-meter जैसे टूल्स से चेक करने पर इनके एआई जेनरेटेड होने की संभावना जताई गई।
हाइव एआई से ऑडियो चेक करने पर इसके पूरे ट्रैक में एआई टूल्स के इस्तेमाल की संभावना जताई गई

इसी तरह डीपफेक-ओ-मीटर टूल ने भी वीडियो में आवाज को एआई से बने होने के संकेत दिए।

दूसरे वीडियो की पड़ताल

विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे वीडियो के बारे में सर्च किया। वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकालकर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। असली वीडियो हमें एएनआई के एक्स हैंडल पर मिला। 14 जनवरी 2025 के इस वीडियो में सीएम योगी को मकर संक्रांति की बधाई देते हुए देखा जा सकता है।
इस वीडियो को स्कैन करने से यह पुष्टि हो गई कि उनके मकर संक्रांति के वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई। इस वीडियो से असली आवाज हटाकर एआई निर्मित आवाज जोड़ी गई है।
इस वीडियो की भी जांच के लिए हमने इसे डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट को भेजा। उन्होंने Hive AI और Hiya जैसे टूल्स से जांच की। इनके भी ऑडियो एआई निर्मित होने के संकेत मिले। दोनों टूल का नतीजा नीचे देखा जा सकता है।


विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोनों वीडियो एआई एक्सपर्ट एस.के. शाहिद को भेजा। उन्होंने भी चेक करके बताया कि वायरल वीडियोज में अलग से आवाज जोड़ी गई है। ऐसी आवाज एआई टूल की मदद से जोड़ी जा सकती है। इसमें भी यही किया गया है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली स्थित एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल और वाराणसी के बीएचयू अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट ओम शंकर से संपर्क किया। दोनों वरिष्ठ डॉक्टर्स ने सोडा से ब्लड प्रेशर कंट्रोल के दावे को फर्जी बताया।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। उनके वीडियो में से असली आवाज हटाकर एआई टूल की मदद से नकली आवाज अपलोड की गई। वीडियो में दरअसल सीएम योगी के नाम पर जो आवाज है, वह एआई निर्मित है। उन्होंने कभी भी वायरल वीडियो वाली बात नहीं कही।
- Claim Review : योगी आदित्यनाथ का वीडियो
- Claimed By : FB Page Grainne Iphigenia rocketa 2563
- Fact Check : झूठ
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