X
X

Fact Check: दिवाली पर चीनी सामान न खरीदने की अपील वाली चिट्ठी फिर हुई वायरल 

पीएम मोदी के नाम से वायरल पत्र की तस्वीर फर्जी निकली है। पीएमओ की ओर से भी दावे का खंडन किया गया है और कहा गया है कि पीएम मोदी  की ओर से इस तरह की कोई चिट्ठी जारी नहीं की गई है।। दरअसल, यह फोटो सोशल मीडिया पर साल 2016 से इसी दावे के साथ वायरल है।

नई दिल्ली (Vishvas News)। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक कथित पत्र की तस्वीर तेजी से वायरल होने लगती है। एक बार फिर यह कथित चिट्ठी की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए एक चिट्ठी जारी की है। पत्र में  इस दीपावली सिर्फ भारत में बनी चीजें खरीदने के लिए कहा जा रहा है। 

विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल पत्र की तस्वीर फर्जी है। पीएमओ की ओर से भी दावे का खंडन किया गया है और कहा गया है कि पीएम मोदी  की ओर से इस तरह की कोई चिट्ठी जारी नहीं की गई है।। दरअसल, यह फोटो सोशल मीडिया पर साल 2016 से इसी दावे के साथ वायरल है। विश्वास न्यूज पहले भी इस दावे की पड़ताल कर चूका है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Rajesh Ahuja Sanatani’ ने 16 सितंबर 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “Prime Mnister आशा करता हूँ आप इस.. प्रधान सेवक की बात को जरुर माने ….मेरे प्यारे भारत वासियों आप सब इस बार इतना करें कि आने वाले दीपावली पर्व पर अपने घरों में रौशनी सजावट मिठाई इन सब में केवल भारत में बनी सामग्री का प्रयोग करें। आप छोटे-छोटे कदमों से अगर मेरा साथ दो तो में आप से वादा करता हूँ हमारे भारत को दुनिया की सबसे आगे वाली पंक्ति में प्रथम स्थान पर खड़ा पाओगे।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

विश्वास न्यूज ने साल 2022 में भी दावे की पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। उस वक्‍त गूगल सर्च टूल के जरिए पत्र से जुड़ी खबरों को सर्च किया गया था।

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया था। हमें फाइनेंशियल एक्सप्रेस की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2016 को दावे से जुड़ी रिपोर्ट प्रकाशित मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी के नाम पर वायरल पत्र फर्जी है। पीएम की ओर से दीपावली पर सिर्फ भारत में बनी चीजें खरीदने की अपील नहीं की थी।। 

पड़ताल के दौरान हमें पीएमओ के आधिकारिक  एक्स अकाउंट पर दावे से जुड़ी पोस्ट मिली। पीएमओ ने 27 सितंबर 2016 को वायरल पत्र की तस्वीर को शेयर कर इसे फर्जी बताया है।  

विश्वास न्यूज ने अधिक जानकारी के लिए दैनिक जागरण के नेशनल ब्यूरो के हेड आशुतोष झा से संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था, “वायरल दावा गलत है। पीएम मोदी की तरफ से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। ये तस्वीर काफी समय से वायरल है।”

दैनिक जागरण और बीबीसी की एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर के बीच ग्लोबल पॉलिटिक्स बदलती दिख रही है। कभी भारत-चीन के रिश्तों में कड़वाहट होती थी, वो अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हैं। पांच साल पहले लद्दाख में हुई झड़पों के बाद सीमा पर बढ़े तनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के दौरे पर गए थे।” दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बातचीत की थी। दोनों पक्ष अपने मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।

अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को पंजाब का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पीएम मोदी के नाम से वायरल पत्र की तस्वीर फर्जी निकली है। पीएमओ की ओर से भी दावे का खंडन किया गया है और कहा गया है कि पीएम मोदी  की ओर से इस तरह की कोई चिट्ठी जारी नहीं की गई है।। दरअसल, यह फोटो सोशल मीडिया पर साल 2016 से इसी दावे के साथ वायरल है।

  • Claim Review : पीएम मोदी ने पत्र जारी कर सभी से चीन से बनी चीजें न खरीदने की अपील की है।
  • Claimed By : FB User Rajesh Ahuja Sanatani
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later