X
X

Fact Check: ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ के नाम से वायरल हो रहा यह वीडियो अमेरिकी सैन्य अभ्यास का फाइल फुटेज है

अमेरिकी 'ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व' की कार्रवाई से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो पुराना और अमेरिकी सैन्य अभ्यास का है। वहीं, एक अन्य वीडियो एआई क्रिएटेड है। तीन जनवरी की रात को हुए इस सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका ले गए। मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिका की एक अदालत में हथियार और ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों का सामना कर रहे हैं।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Jan 5, 2026 at 05:32 PM
  • Updated: Jan 5, 2026 at 06:06 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग मल्टीमीडिया को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ से संबंधित हैं, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका ले जाया गया।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा एक वीडियो जहां अमेरिकी सेना के अभ्यास का पुराना फुटेज है, वहीं दूसरा वीडियो जिसमें अमेरिकी सैनिकों को वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ते हुए दिखाया गया है, वह वास्तविक नहीं, बल्कि एआई की मदद से बनाया गया फुटेज है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया (एक्स) यूजर सूर्या समाजवादी ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “वेनेजुएला ने USA कंपनियों को मनमाने तरीके से तेल देने से मना कर दिया तो अमेरिका ने सेना भेजकर राष्ट्रपति को ही अरेस्ट कर लिया।अमेरिका दुनिया का नंबर वन देश अपने दम पर नहीं बना बल्कि छोटे छोटे देशों पर अत्याचार करके बना है।”

https://twitter.com/surya_samajwadi/status/2007421544021245965

इस वीडियो में सैनिकों को बोइंग चिनूक हेलिकॉप्टर से एक भवन की छत पर उतरते हुए आगे की कार्रवाई करते हुए देखा जा सकता है।

एक अन्य यूजर ‘FEDERAL INVESTIGATION INTERNATIONAL’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों को मादुरो को कैप्चर करते हुए देखा जा सकता है।

https://twitter.com/bertalanzoli/status/2008065600984109474

पड़ताल

पहले वीडियो में सैनिको को बोइंग चिनूक हेलिकॉप्टर से एक भवन की छत पर उतरते हुए आगे की कार्रवाई करते हुए देखा जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को लेकर बताया कि अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2026 की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक ‘साहसिक’ अभियान के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से पकड़ लिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सैन्य अभियान की जानकारी दी थी। जबकि वायरल वीडियो दिन के दौरान की कार्रवाई का नजर आ रहा है। वीडियो के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली और सर्च में हमें यह वीडियो @MargoMartin47 नाम के वेरिफाइड एक्स हैंडल पर मिला, जिसे 11 जून 2025 को शेयर किया गया है।

https://twitter.com/margomartin47/status/1932519448834986398

वायरल वीडियो में इसे अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज का बताया गया है, जो किसी सैन्य अभ्यास का लगता है। सर्च में हमें dvidshub.net वेब पेज मिला, जिसमें इस्तेमाल की गई तस्वीर इस अभियान से मिलती-जुलती है और इसमें नजर आ रही बिल्डिंग वहीं है, जो वायरल वीडियो में दिख रही है।

दी गई जानकारी के मुताबिक, यह तस्वीर 2024 में 5-12 अप्रैल, 2024 को फोर्ट लिबर्टी, नॉर्थ कैरोलिना में हुए अमेरिकी आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड कैपेबिलिटी अभ्यास की है, जिसमें अमेरिकी आर्मी रेंजर्स के बाहर निकलने और एक बिल्डिंग पर हमला करने की तैयारी के लिए एक MH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद ली गई।

यानी हमारी जांच से स्पष्ट है कि कि वायरल हो रहा वीडियो ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ का नहीं, बल्कि कई महीने पुराना और किसी वास्तविक सैन्य अभियान का नहीं, बल्कि सैन्य अभ्यास का है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने विदेश मामलों को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट उमाशंकर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह वीडियो अमेरिकी सेना (के अभ्यास) की फाइल फुटेज है।”

दूसरा वीडियो

https://twitter.com/bertalanzoli/status/2008065600984109474

अमेरिकी सरकार और व्हाइट हाउस ने इस ऑपरेशन से जुड़े कुछ फुटेज और तस्वीरों को आधिकारिक तौर पर जारी किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें मादुरो को अमेरिकी नौसेना के जहाज पर दिखाया गया है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने मार-ए-लागो से कुछ तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बैठकर लाइव फीड के जरिए इस ऑपरेशन की निगरानी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

guardian.com की रिपोर्ट में इस्तेमाल तस्वीर, जिसमें ट्रंप और हेगसेथ को ऑपरेशन से संबंधित कार्रवाई की निगरानी करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, सुरक्षा कारणों से पूरे सैन्य ऑपरेशन के वीडियो को जारी नहीं किया गया है। जबकि इस वीडियो में पूरे सैन्य अभियान का फुटेज नजर आ रहा है, जो इसके क्रिएटेड होने का संदेह पैदा करता है। हमने इस वीडियो को स्विस डीपटेक कंपनी ऑरिजिन.एआई की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस मल्टीमीडिया के एआई जेनेरेटेड होने की संभावना की पुष्टि होती है।

वीडियो में 0.00 से 0.05 का फ्रेम एआई क्रिएटेड है, जिसका कॉन्फिडेंस स्कोर 100 फीसदी है। पूरी एनालिसिस में मल्टीमीडिया में प्रमाणिक या ऑथेंटिक हिस्से की मौजूदगी की पुष्टि नहीं होती है।

वहीं गूगल की सिंथआईडी (एआई जेनेरेटेड कंटेंट की पहचान करने वाला टूल) की एनालिसिस इस वीडियो के कई हिस्से में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है।

SynthID (एआई जेनेरेटेड कंटेंट की पहचान करने वाला टूल) की एनालिसिस

गौरतलब है कि वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के धमाकों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ‘पकड़’ लिए जाने की पुष्टि की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर निकोलस मादुरो की एक तस्वीर शेयर करते हुए फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने बताया कि वेनेजुएला में अब अमेरिका की क्या भूमिका होगी।

निकोलस मादुरो की इस तस्वीर को डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर जारी किया था।

मादुरो की इस तस्वीर से मिलते-जुलते फुटेज का वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसके प्रमाणिक होने का भ्रम होता है।

मादुरो के पकड़े जाने पर दुनिया के अलग-अलग देशों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, “वेनेजुएला के करीबी देश रूस ने कहा है कि अगर यह बात सही साबित हुई, तो यह किसी भी देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन होगा। वहीं, चीन ने कहा है कि एक संप्रभु देश के खिलाफ अमेरिका के खुलेआम बल प्रयोग और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई से वह बहुत हैरान है और इसकी कड़ी निंदा करता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि इन हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं है, जबकि अर्जेंटीना ने अमेरिकी कार्रवाई का स्वागत किया है।”

निष्कर्ष: अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ की कार्रवाई से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो पुराना और अमेरिकी सैन्य अभ्यास का है। वहीं, एक अन्य वीडियो एआई क्रिएटेड है। तीन जनवरी की रात को हुए इस सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका ले गए। मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिका की एक अदालत में हथियार और ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों का सामना कर रहे हैं।

  • Claim Review : निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के अमेरिकी सैन्य अभियान का वीडियो।
  • Claimed By : X User
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later