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Fact Check: हनुमान जी की मूर्ति तोड़ते शख्‍स के वायरल वीडियो में नहीं है सच्‍चाई, AI है वायरल वीडियो

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर 10 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्‍स को मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के सामने तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं, इसमें एक बंदर को तोड़फोड़ करते शख्‍स पर हमला करते हुए भी दिखाया गया है। वीडियो के साथ सांप्रदायिक दावा करते हुए लिखा गया कि एक बंदर ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने आए कट्टरपंथी को सबक सिखाया।

वीडियो को सच समझकर कई यूजर्स इसे वायरल कर रहे हैं। विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर रामेंद्र झा ने 10 फरवरी को एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया, “बजरंगबली जी का मूर्ति तोड़ने आया था एक कट्टरपंथी जाहिल पर बजरंगबली के दूत ने सिखाया ऐसा सबक की सब देखते रह गए…।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को य‍हां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्‍यान से देखा। इसमें कुछ विसंगतियां नजर आईं। मसलन जिस हथौड़े से तोड़फोड़ की जाती है, अंत में उसका आकार बदल जाता है। इसी तरह मूर्ति के सामने लोटा जमीन पर गिरता है, लेकिन उसके अंदर का पानी नहीं गिरता। वीडियो के अंत में लोटे के अंदर पानी को साफ देखा जा सकता है। ऐसी विसंगतियां, वायरल वीडियो के असली होने पर संदेह पैदा करती है। इसलिए हमने इस वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया।

सबसे पहले हाइव मॉडरेशन टूल का इस्‍तेमाल किया। इसके एनालिसिस में इस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने की पुष्टि हुई। हाइव की एनालिसिस इस वीडियो के करीब 99 फीसदी एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करता है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए एक और डिटेक्शन टूल की मदद ली। साइटइंजन की एनालिसिस इस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने की 80 फीसदी संभावना की पुष्टि करता है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को साझा किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फेक है। यदि वीडियो में हथौड़े के ऊपरी हिस्‍से को ध्‍यान से देखें तो यह पिघलते हुए हर आकार में बनता हुआ दिखता है।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि रामेंद्र झा नाम के यूजर को फेसबुक पर आठ हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 24 मई 2022 को बनाया गया है।

निष्‍कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है। हनुमान जी की मूर्ति तोड़ते हुए ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जैसा कि वायरल वीडियो में सांप्रदायिक ढंग से दिखाया गया है।

  • Claim Review : हनुमान जी की मूर्ति तोड़ते शख्‍स पर बंदर ने किया हमला।
  • Claimed By : FB user Ramendra Jha
  • Fact Check : झूठ
Our Sources

https://hivemoderation.com/ai-generated-content-detection https://sightengine.com/detect-ai-generated-videos

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