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Fact Check: AI से बनाया गया है पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों से हमले का वायरल वीडियो

पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों के हमले के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि एआई की मदद से बनाया गया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक धर्म विशेष के लोगों पर निशाना साधने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें बुर्का पहनी महिलाओं पर सूअरों को हमला करते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पोलैंड का है। वहां मुसलमानों पर सूअरों से हमला करवाया जा रहा है। वीडियो को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। फर्जी दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो एआई-क्रिएटेड है। जिसे एआई तकनीक की मदद से बनाया गया है। पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों से कोई हमला नहीं कराया गया है। यह दावा बेबुनियाद है।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘अमरनाथ गुप्ता’ ने 22 मई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आखिरकार, लगता है पोलैंड ने जिहादियों से निपटने का सही तरीका खोज लिया है।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है। आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल पोस्ट के आधार पर कुछ कीवर्ड बनाए और फिर इन्हें गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च किया। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जिसमें वायरल पोस्ट जैसी किसी घटना के बारे में जानकारी दी गई हो। यदि ऐसा कुछ होता, तो वह घटना जरूर कहीं न कहीं खबर के रूप में सामने आती। ऐसे में हमें वायरल पोस्ट के फर्जी और वीडियो के एआई-जनरेटेड होने का संदेह पैदा हुआ।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। ‘हाइव मॉडरेशन’ की एनालिसिस इस वीडियो को एआई से बनाए जाने की अधिकतम संभावना (करीब 100 फीसदी) की पुष्टि करती है।

अब तक की हमारी जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों से हमला करने का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।

वायरल वीडियो में एआई की पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य डिटेक्शन टूल्स के एनालिसिस शेयर किए।

डीएयू ने एआई डिटेक्शन टूल ‘Imagewhisperer’ के माध्यम से वीडियो का परीक्षण किया, जिसने पुष्टि की कि वायरल वीडियो असली नहीं है। इसमें नौ में से छह एआई डिटेक्टर मॉडल्स ने इसे एआई-जनरेटेड बताया।

डीएयू ने अपने निष्कर्ष में बताया कि वीडियो को ध्यान से देखने पर दौड़ते समय एक महिला के शरीर के कुछ अंग गायब हो जाते हैं। इसी तरह महिला की ऊपरी बांह का भी एक हिस्सा गायब हो जाता है। वीडियो में सूअर किसी भी ठोस वस्तुओं से टकराए बिना उनके आर-पार जाते हुए दिखाई देते हैं।

वायरल वीडियो को जब एआई एक्सपर्ट एसके साहिद के साथ शेयर किया गया, तो उन्होंने बताया कि यदि इसे ध्यान से देखा जाए तो इसमें महिला के हाथों का आकार अजीबोगरीब तरीके से लंबा हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है।

जांच के अंत में वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की सोशल स्कैनिंग की गई। इसे फेसबुक पर तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर कोलकाता का रहने वाला है। यह अकाउंट अगस्त 2025 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों के हमले के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि एआई की मदद से बनाया गया है।

  • Claim Review : पोलैंड में मुस्लिम महिलाओं पर सूअरों से हमला।
  • Claimed By : FB user Amarnath Gupta
  • Fact Check : झूठ
Our Sources
  1. Google Open Search
  2. AI Detection Tool Hive Moderation
  3. AI Detection Tool Imagewhisperer

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