Fact Check: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जे विजय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर नहीं लगाया बैन, फर्जी है वायरल दावा
तमिलनाडु में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए जाने का दावा पूरी तरह गलत है। सोशल मीडिया यूजर्स एक फर्जी और मनगढ़ंत पोस्ट को सच मानकर शेयर कर रहे हैं।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jun 6, 2026 at 05:09 PM
- Updated: Jun 9, 2026 at 02:19 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जे विजय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को राज्य में बैन कर दिया है। इस पोस्ट को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की विस्तार से जांच की। यह दावा फर्जी निकला। राज्य में संघ पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘अंकित कुमार’ ने 5 जून 2026 को वायरल पोस्ट को अपलोड करते हुए लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने “RSS संगठन” को बैन कर दिया।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड बनाकर सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी विश्वसनीय न्यूज नहीं मिली, जिससे वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि हो सके। इससे यह साफ हुआ कि वायरल दावा फर्जी है, क्योंकि आरएसएस जैसी संस्था पर यदि तमिलनाडु में प्रतिबंध लगाया जाता, तो यह बड़ा मुद्दा होता।
विश्वास न्यूज को सर्च के दौरान लाइव लॉ डॉट इन वेबसाइट पर एक खबर मिली। 2 जून 2026 की इस खबर में बताया गया कि मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 15 सदस्यों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद कर दिया, जिन्होंने संगठन के 100वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में गैरकानूनी रूप से एकत्र होकर जश्न मनाया था।
‘पांचजन्य’ की वेबसाइट पर भी 3 जून 2026 को इससे संबंधित एक खबर पब्लिश की गई थी। इसमें भी बताया गया कि मद्रास हाईकोर्ट ने विजयादशमी पर इकट्ठा होने वाले संघ स्वयंसेवकों पर दर्ज आपराधिक केस रद्द कर दिए हैं। स्वयंसेवकों पर 2 अक्टूबर 2025 को तिरुपत्तूर जिले के अंबुर में विजयादशमी और संगठन के 100वें स्थापना दिवस का जश्न मनाने के लिए बिना पूर्व अनुमति के इकट्ठा होने का मामला दर्ज किया गया था।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट को लेकर संघ के पूर्व प्रांत प्रचार प्रमुख और दिल्ली स्थित संघ की सहायक प्रकाशन संस्था, सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि तमिलनाडु में संघ पर कोई बैन नहीं लगाया गया है। यह दावा पूरी तरह से गलत है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘अंकित कुमार’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 10 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर झारखंड का रहने वाला है और यह अकाउंट अगस्त 2025 में बनाया गया था।
क्या है संदर्भ?
तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर कोई प्रतिबंध या रोक नहीं है। राज्य में संगठन की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने 2025 में विजयादशमी पर इकट्ठा होने वाले संघ के स्वयंसेवकों पर दर्ज आपराधिक केस रद कर दिए हैं।
गौरतलब है कि 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख जे विजय को जीत हासिल हुई। कांग्रेस के सहयोग से विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने।
निष्कर्ष: तमिलनाडु में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए जाने का दावा पूरी तरह गलत है। सोशल मीडिया यूजर्स एक फर्जी और मनगढ़ंत पोस्ट को सच मानकर शेयर कर रहे हैं।
- Claim Review : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने आरएसएस को बैन कर दिया।
- Claimed By : FB User Ankut Kumar
- Fact Check : झूठ
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