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Fact Check: नीतीश कुमार का पुराना वीडियो भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर दिए बयान का बताकर किया जा रहा वायरल 

नीतीश कुमार के पुराने और असंबंधित वीडियो को भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। नीतीश कुमार ने यूपी के अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या को लेकर बयान दिया था, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jun 25, 2026 at 02:55 PM
  • Updated: Jun 25, 2026 at 06:24 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें बोलते हुए सुना जा सकता है कि जो जेल में जाएगा क्या उसे मार देंगे? क्या करना है ये कोर्ट तय करेगी। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर राज्य की सम्राट चौधरी सरकार की आलोचना की है और यह बयान दिया है। 

विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो साल 2023 का है और एडिटेड भी है। नीतीश कुमार ने यह प्रतिक्रिया भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या को लेकर दी थी। पुराने और असंबंधित वीडियो को एडिट कर गलत दावे के साथ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर अब शेयर किया जा रहा है। साल 2023 में नीतीश कुमार एनडीए नहीं, बल्कि राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) वाले महागठबंधन के साथ थे।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Rajputana Bholu Singh’ ने 20 जून 2026 वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “शहीद भरत तिवारी के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का बयान सामने आया।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन ‘जनसत्ता’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को 17 अप्रैल 2023 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश के अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या को लेकर बात कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि रिपोर्टर नीतीश कुमार से अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई मौत को लेकर सवाल पूछता है। इस पर वह जवाब देते हुए कहते हैं, “आप सोच लीजिए, कहीं-कहीं के प्रेस वाले कर सकते हैं, बोलिए ना। और झूठ-मूठ के कह दिया कि प्रेस वाला खड़ा हो के पूछ रहा था, तो कहीं प्रेस का लोग ये सब पूछेगा? अपराधियों को साफे, माने मार दीजिए उसको। ये कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा उसको मार दीजिए। ये तो बड़ा दिक्कत है। ये कहीं होता है? देश में या दुनिया में कहीं कोई होता है ऐसा क्या? तो कौन आकर के खड़ा हो गया उस तरह से? तो वहां के लोगों को, पुलिस को तो देखना न चाहिए था पहले से कि कोई जेल में है, उसको इलाज के लिए ले जा रहे हैं या किसी काम के लिए ले जा रहे हैं और रास्ते में हो गया, ये बहुत दुखद है। इस पर तो निश्चित रूप से लोगों को एक्शन करना चाहिए। खैर ठीक है, किसी को सजा होती है या किसी पर केस होता है, कोई जेल में है, उस पर हमको नहीं कुछ कहना है। हमारा ये है कि कोई भी जेल में रहेगा और कोई भी किस तरह से बाहर जाए और उसको ऐसे ही मार दें, ये तो बड़ा दुखद बात है ना। वो तो हुआ ही है खराब।”

पड़ताल के दौरान हमें यह वीडियो इसी जानकारी के साथ ‘एएनआई’ के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर अपलोड किया हुआ मिला। इस वीडियो को 17 अप्रैल 2023 को शेयर किया गया था।

‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 29 जनवरी 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “नीतीश कुमार ने साल 2020 में एनडीए के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी। साल 2022 में उन्होंने एनडीए का साथ छोड़कर लालू यादव की पार्टी राजद का दामन थाम लिया और महागठबंधन के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई। उस दौरान तेजस्वी यादव को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया गया था। 28 जनवरी 2024 को नीतीश कुमार ने एक बार फिर राजद का साथ छोड़कर जदयू-भाजपा (एनडीए) की नई सरकार बना ली और एनडीए के साथ मिलकर लोकसभा 2024 का चुनाव लड़ा।” 

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दैनिक जागरण’ बिहार के ब्यूरो चीफ अरुण अशेष से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल दावा गलत है। नीतीश कुमार का यह वीडियो पुराना है और अतीक अहमद की हत्या के बाद दिए गए बयान का है। 

क्या है संदर्भ?

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवा का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी पिस्तौल भी फेंक दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। 22 जून 2026 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर फौरन सुनवाई करने से मना कर दिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने मेंशनिंग करने का निर्देश दिया। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

‘दैनिक जागरण’ की 22 जून 2026 की एक खबर के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को लगभग 13 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को बिहार का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह पाया गया कि नीतीश कुमार के पुराने और असंबंधित वीडियो को भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। नीतीश कुमार ने यूपी के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या को लेकर बयान दिया था, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

  • Claim Review : नीतीश कुमार ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की आलोचना की।
  • Claimed By : FB User Rajputana Bholu Singh
  • Fact Check : झूठ

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