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Fact Check: नेपाल-चीन सीमा पर मडस्लाइड में दबी बिल्डिंग का फुटेज सही, लेकिन नुकसान का दावा करती तस्वीर पुरानी

नेपाल-चीन सीमा पर चीन की तरफ रिकॉर्ड हुए सीसीटीवी फुटेज में जो इमारत भूस्खलन (मडस्लाइड) की चपेट में आती दिख रही है, यह तस्वीर उस इमारत को हुए नुकसान की नहीं है। बाढ़ से हुई तबाही को दर्शाने वाली यह तस्वीर 2025 की एक पुरानी घटना से जुड़ी है।

Nepal Flash Flood Fact Check

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ से भीषण तबाही मची है। नेपाल-चीन बॉर्डर क्रॉसिंग पर चीन की ओर से रिकॉर्ड हुए एक सीसीटीवी फुटेज में बाढ़ का विकराल रूप देखा जा सकता है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि यह बाढ़ से पहले और बाद की स्थिति है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में इस दावे को भ्रामक पाया है। बाढ़ के बाद की स्थिति बताने वाली वायरल तस्वीर असल में 2025 की है, जब नेपाल-चीन सीमा पर अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई थी। उस समय तिब्बत की ल्हेंडे नदी में आई फ्लैश फ्लड का पानी भोटेकोशी नदी में मिल गया था, जिससे उत्तरी रसुवा में भारी तबाही हुई थी। इस घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई थी और 19 लोग लापता हो गए थे।

इस एक साल पुरानी तस्वीर को चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग की बिल्डिंग का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

एक्स यूजर ‘Preeti Sompura’ ने 26 अगस्त 2026 को वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Current pix of Rasuwagadhi border #nepalflood.”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान संदर्भ में, रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग के चीन के हिस्से में आई तबाही के पहले और बाद का बताकर शेयर किया है।

पड़ताल

न्यूज सर्च में हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें नेपाल-तिब्बत (चीन) सीमा पर स्थित ग्यिरोंग घाटी के पास सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई उस बिल्डिंग को बाढ़ और कीचड़ के मलबे की चपेट में आते हुए देखा जा सकता है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने अपनी रिपोर्ट में चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के हवाले से लिखा है, “तिब्बत के ग्यिरोंग में चीन-नेपाल सीमा पर भूस्खलन हुआ, जिसमें भारी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ है। इस हादसे में ग्यिरोंग पोर्ट के कई लोग लापता हैं। भूस्खलन सुबह करीब 10.30 (स्थानीय समय के मुताबिक) बजे हुआ और फिर चीन सीमा के बाद नेपाली इलाके भी इसकी चपेट में आ गए।”

‘ओपन सोर्स इंटेल’ ने भी अपने एक्स हैंडल से इस सीसीटीवी फुटेज को शेयर किया है, जिसमें रिकॉर्ड किया गया समय करीब 11 बजे का है और तारीख 26 अगस्त है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस लोकेशन की पुष्टि की है, जो ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट की है। रॉयटर्स ने अपनी जांच में बताया कि घटना के आर्काइव डेटा, सैटेलाइट इमेजरी, सड़क के लेआउट और वहां की भौगोलिक पहाड़ियों का मिलान करके इस बात की पुष्टि होती है कि यह वीडियो चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का ही है।

Source: Reuters

यानी वायरल पोस्ट में जो वीडियो नजर आ रहा है, वह नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित ग्यिरोंग घाटी में मडस्लाइड (कीचड़ और पानी की बाढ़) का सीसीटीवी फुटेज है।

इसके बाद हमने उस तस्वीर को चेक किया, जिसे इस मडस्लाइड के बाद की स्थिति का बताकर शेयर किया जा रहा है। इस तस्वीर में हमें मिलती-जुलती इमारत नजर आ रही है, जिसके चारों तरफ पानी और कीचड़ पसरा हुआ है।

रिवर्स इमेज सर्च में हमें यह तस्वीर कई पुरानी न्यूज रिपोर्ट्स में मिली, जो 2025 की है। ‘काठमांडू पोस्ट डॉट कॉम’ की 10 जुलाई 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तिब्बत की ल्हेंडे नदी से अचानक शुरू हुई बाढ़ के भोटेकोशी नदी में मिल जाने की घटना से संबंधित है, जिससे उत्तरी रसुवा में भारी तबाही हुई थी।

‘राइजिंग नेपाल डेली डॉट कॉम’ की आठ जुलाई 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, रसुवा जिले में नेपाल और चीन को जोड़ने वाला ‘मितेरी पुल’ ल्हेन्डे नदी के तेज बहाव में बह गया।

इस रिपोर्ट में जिले के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी का भी बयान है। उनके मुताबिक, “नदी के तेज बहाव ने न केवल नेपाल की उत्तरी सीमा पर स्थित इस पुल को बहा दिया, बल्कि तिमुरे कस्टम्स ऑफिस के यार्ड में खड़ी गाड़ियों को भी अपने साथ बहा ले गया।”

द हिंदू‘ और न्यूज एजेंसी ‘एएनआई न्यूज’ की रिपोर्ट्स में भी इस घटना का समान संदर्भ में जिक्र है और इनमें नजर आ रही तस्वीर भी समान ही है।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर 26 अगस्त 2026 को चीन की ग्यिरोंग घाटी में मौजूद बिल्डिंग को हुए नुकसान की नहीं है, जिसका आधिकारिक सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।

वायरल पोस्ट को लेकर हमने नेपाल के पत्रकार घनश्याम खाड़का से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “वायरल तस्वीर नेपाल-चीन सीमा पर आए फ्लैश फ्लड की करीब एक साल पुरानी घटना की है।”

क्या है संदर्भ?

26 अगस्त 2026 की ‘काठमांडू पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। हाल के वर्षों में देश की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक, इस घटना में कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई, सुरक्षाकर्मी और विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग लापता हो गए और निजी व सार्वजनिक संपत्तियां बह गईं।”

ईकांतिपुर डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “पर्यटन पुलिस ने बताया है कि बुधवार को रसुवा में आई बाढ़ के बाद से 28 देशों के 476 विदेशी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन विदेशी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें सबसे अधिक संख्या भारत से है, जो 177 है। इसी प्रकार, 63 अमेरिका से, 53 यूक्रेन से, 34 ऑस्ट्रेलिया से, 33 ब्रिटेन से, 28 मलेशिया से और 25 कनाडा से हैं।”

काठमांडू पोस्ट की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, “शुरुआती तकनीकी जांच से पता चला है कि बुधवार को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़, तिब्बत से पानी के एक बड़े बहाव के रूप में नेपाल में दाखिल हुई थी। इसके बाद यह बाढ़ भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों से होते हुए नारायणी नदी तक पहुंची।”

रिपोर्ट के अनुसार, “हाइड्रोलॉजी और जल संसाधन अनुसंधान केंद्र के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को उस दिन सुबह 9:05 बजे सूचना मिली कि तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी में बाढ़ का पानी तेजी से आया है। पानी का यह बहाव भोटेकोशी से त्रिशूली नदी में पहुंचा और धीरे-धीरे नदी के निचले इलाकों में फैल गया।”

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने प्लैनेट लैब्स के जरिए इस बाढ़ से पहले और बाद की तस्वीरों को साझा किया है, जिसमें इस आपदा की विभिषका को देखा जा सकता है।

सैटेलाइट तस्वीरें, जो 25 अगस्त, 2026 को विनाशकारी बाढ़ से पहले (ऊपर) और 26 अगस्त, 2026 को आपदा के बाद (नीचे) नेपाल-चीन सीमा के पास की घाटियों की स्थिति को दिखाता है।

नेपाल आपदा से संबंधित अन्य सैटेलाइट इमेज को यहां देखा जा सकता है। वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब चार हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: नेपाल-चीन सीमा पर चीन की तरफ रिकॉर्ड हुए सीसीटीवी फुटेज में जो इमारत भूस्खलन (मडस्लाइड) की चपेट में आती दिख रही है, यह तस्वीर उस इमारत को हुए नुकसान की नहीं है। बाढ़ से हुई तबाही को दर्शाने वाली यह तस्वीर 2025 की एक पुरानी घटना से जुड़ी है।

  • Claim Review : नेपाल-चीन बॉर्डर पर आई बाढ़ के पहले और बाद की तस्वीर।
  • Claimed By : X User-Preeti Sompura
  • Fact Check : भ्रामक

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