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Fact Check: जाट समाज को लेकर जयंत चौधरी ने नहीं द‍िया वायरल बयान, फर्जी पोस्ट वायरल

जयंत स‍िंह ने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही नवभारत टाइम्स ने इस तरह का कोई ग्राफिक अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट किया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेक‍िन इससे पहले ही सोशल मीड‍िया पर राजनीतिक दलों की सक्र‍ियता बढ़ गई है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया व केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी के नाम पर एक कथित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ‘नवभारत टाइम्‍स’ के टेम्प्लेट और लोगो के अलावा इसमें जयंत सिंह का नाम और तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है। दावा क‍िया जा रहा है क‍ि जयंत चौधरी ने कहा है क‍ि ‘क्‍या उन्‍होंने जाट समाज का ठेका ल‍िया है, जो 700 जाट क‍िसान मरे’?

सोशल मीडिया पर यूजर्स इस बयान को सच मानकर शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह पोस्ट फर्जी साबित हुई। जयंत चौधरी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही नवभारत टाइम्स की ओर से ऐसा कोई पोस्टकार्ड शेयर किया गया है, जैसा कि वायरल किया जा रहा है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल ग्राफिक फेक निकला। नवभारत टाइम्‍स के पोस्टकार्ड को एडिट कर इसे बनाया गया है और फर्जी ग्राफिक को फेक दावे के साथ अब वायरल किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स हैंडल ‘V N Yadav’ ने 9 स‍ितंबर 2026 को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “चौधरी जयंत सिंह अब अच्छी तरह सत्ता सुख में रम गये है।लगता है ये मान गये है कि जीतना तो ईवीएम से ही है जनता से नही।”

ग्राफिक्स के ऊपर जयंत सिंह की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया, “मैने क्‍या ठेका ल‍िया है जाट समाज का जो 700 जाट क‍िसान मरे।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। वायरल पोस्ट के आधार पर कुछ कीवर्ड बनाए गए और फिर इन्हें सर्च किया गया। हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। जयंत चौधरी ने हाल-फिलहाल में यदि ऐसा कोई बयान दिया होता, तो उससे जुड़ी कोई न कोई न्यूज रिपोर्ट जरूर मौजूद होती।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘एनबीटी’ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। हमें मूल पोस्टकार्ड एनबीटी के आधिकारिक एक्‍स हैंडल पर मिला। इस पोस्टकार्ड को 31 अगस्त 2026 को शेयर किया गया था। इसके कैप्शन में लिखा है, “केंद्रीय राज्य मंत्री और RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी ने इशारों में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, अब शांत रहने का वक्त नहीं है। कुछ बातें बर्दाश्त के बाहर होती हैं। चुनाव में चौधरी चरण सिंह का समाज ही इसका जवाब देगा। इसके लिए अकेले जयंत चौधरी को जवाब देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

पोस्टकार्ड पर लिखा है, “अब शांत रहने का वक्‍त नहीं, कुछ चीजें बर्दाश्‍त के बाहर होती हैं।”

दोनों पोस्टकार्ड के बीच के अंतर को नीचे देखें।

सर्च के दौरान हमें ‘नवभारत टाइम्स’ के एक्स हैंडल पर वायरल पोस्ट का खंडन भी मिला। 10 स‍ितंबर 2026 को इसे पोस्ट करते हुए लिखा गया, “पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्जी पोस्ट वायरल की जा रही हैं, जिनके माध्यम से भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। किसी भी खबर की सत्यता और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और प्लेटफॉर्म्स पर ही भरोसा करें।”

सर्च के दौरान हमें राष्ट्रीय लोकदल के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट म‍िली। 9 स‍ितंबर 2026 की इस पोस्ट में बताया गया, “यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। इसमें केंद्रीय मंत्री श्री जयन्त चौधरी जी के नाम से एक ऐसा बयान प्रसारित किया जा रहा है, जो उन्होंने दिया ही नहीं है। इस तरह फर्जी बयान बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाना गंभीर मामला है। संबंधित एजेंसियों से अनुरोध है कि इसकी जांच कर फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।”

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत टाइम्‍स डिजिटल के संपादक अखिलेश श्रीवास्‍तव से संपर्क किया। उन्‍होंने वायरल पोस्‍ट को फर्जी बताते हुए कहा कि नवभारत टाइम्‍स के नाम पर वायरल हो रही ऐसी सभी पोस्‍ट फर्जी हैं।

सर्च के दौरान हमें जयंत चौधरी का सात साल पुराना एक वीड‍ियो म‍िला। ‘द राजनीत‍ि’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 31 मार्च 2019 को अपलोड किए गए इस वीड‍ियो में उन्‍हें यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “देखो जाट वोटर क्‍या करेगा या जाट का क्‍या मन है। माफ कीज‍िए यह ठेका मैंने कभी ल‍िया नहीं था। मैं क‍िसान की बात करता हूं। क‍िसान के साथ मजदूर कामगर सब कौम जुड गई है।”

‘न्‍यूज18’ की 31 मार्च 2019 की एक खबर में बताया गया, “शामली में जयंत चौधरी ने कहा कि मैं किसानों की बात करता हूं, मैंने जाटों का ठेका नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी सिर्फ किसानों की बात करते हैं और किसानों के साथ छोटे तबके के लोग जुड़े हुए हैं।”

क्या है संदर्भ?

‘भास्‍कर डॉट कॉम’ की पांच साल पुरानी एक खबर में बताया गया क‍ि दिल्ली के बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा क‍िया था क‍ि एक साल के भीतर आंदोलन में करीब 700 किसानों की मौत हुई थी।

उस वक्‍त रालोद (राष्ट्रीय लोक दल) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला था। ईटीवी भारत की 10 अगस्‍त 2021 की एक खबर में इस बारे में पढ़ा जा सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के साथ सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में शामिल हो गए थे। ‘टाइम्‍स ऑफ इंड‍िया’ की 2 मार्च 2024 की एक खबर में इस बारे में पढ़ा जा सकता है।

जांच के अंत में फर्जी बयान वाले ग्राफिक्स को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूजर को एक्स पर एक हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जून 2021 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में जयंत चौधरी के नाम पर वायरल हो रहा बयान फर्जी साबित हुआ। उन्‍होंने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही नवभारत टाइम्स ने इस तरह का कोई ग्राफिक अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट किया है।

  • Claim Review : चौधरी जयंत सिंह ने कहा क‍ि उन्‍होंने जाट समाज का ठेका नहीं ल‍िया है।
  • Claimed By : X User V N Yadav
  • Fact Check : झूठ

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