Fact Check: बिहार के जमुई में छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के बाद वायरल हुआ मैथिली ठाकुर का पुराना बयान, FAKE है वायरल पोस्ट
जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर बयान देने के नाम पर वायरल हो रहा मैथिली ठाकुर का वीडियो पुराना है। अप्रैल 2026 में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार किया था। इसी दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया था, जिसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Sep 23, 2026 at 04:58 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के जमुई में 19 सितंबर 2026 को एक नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब इसी घटना से जोड़कर दरभंगा जिले की अलीनगर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मैथिली ठाकुर को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मैं खुद बिहार की बेटी हूं। हम लोग बहुत सुरक्षित हैं।” वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर दिया गया बयान है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में मैथिली ठाकुर का वायरल वीडियो पुराना है और जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर दिए गए बयान का नहीं है। पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के दौरान उन्होंने यह बयान दिया था। तब एक रिपोर्टर ने उनसे महिला सुरक्षा पर सवाल किया था, जिसके जवाब में उन्होंने वायरल वीडियो वाली बातें कही थीं। जमुई में नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ की वारदात पर प्रतिक्रिया देते हुए मैथिली ठाकुर ने इसे शर्मनाक घटना बताया था।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘मी कोकणी माणूस’ ने 23 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “बिहार की मारपीट की घटना पर BJP विधायक मैथिली ठाकुर का बयान, मचा बवाल! घटना को लेकर दिए गए बयान पर अब सवाल उठ रहे हैं। विधायक मैथिली ठाकुर की टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन ‘The Indian Express’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को 21 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान का है। वीडियो में 1 मिनट 58 सेकंड पर एक रिपोर्टर को मैथिली ठाकुर से सवाल पूछते हुए सुना जा सकता है, “दीदी तो बोलती हैं बिहार और यूपी में नारी खुद सुरक्षित नहीं है, बंगाल में आ के क्या बीजेपी…?”
इस पर मैथिली ठाकुर जवाब देती हैं, “दीदी के बोलने से थोड़ी न होगा। हम खुद बिहार से आए हैं, और मैं खुद बिहार की बेटी हूं और हम लोग बहुत सुरक्षित हैं। अगर कहीं भी, कुछ भी असहज, किसी भी लड़की को वहां महसूस होता है या फिर अगर कोई ऐसा क्राइम होता है, 24 आवर्स (24 घंटे) के अंदर अरेस्ट होते हैं। और मैं खुद लड़की हूं और मैं इस बात को सुनिश्चित करने के लिए आप सभी लोगों के बीच में अभी खड़ी हूं कि मैं बिल्कुल महफूज हूं। ईवन (यहां तक कि) मुझे बंगाल में आने में थोड़ा असहज महसूस हो रहा था कि चुनाव के दौरान जहां हम देख रहे थे कि अपोजिशन (विपक्षी) पार्टी के जो कार्यकर्ता हैं, वो लोग पथरावबाजी कर रहे हैं, वसूलीबाजी कर रहे हैं, दलालबाजी कर रहे हैं… तो शायद मैं सुरक्षित महसूस नहीं करूंगी, लेकिन जब मैं अपने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच में हूं, तो मैं सोना भी पहनकर घूमती हूं, मुझे कोई डर नहीं लगता है, क्योंकि मुझे मालूम है मेरे भाई लोग हैं मेरे साथ।”
पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर भी मिला। इसे 22 अप्रैल 2026 को इसी समान जानकारी के साथ शेयर किया गया था।

‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 21 अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रचार करने के लिए भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर भी वहां पहुंची थीं। मैथिली ठाकुर ने बंगाल में कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया था।
हमें जमुई की छेड़छाड़ की घटना पर मैथिली ठाकुर की एक पोस्ट मिली। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 22 सितंबर 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा, “जमुई की नाबालिग बेटी के साथ जो हुआ, वह बेहद निंदनीय, शर्मनाक और दिल झकझोर देने वाला है। हम बेटियों को तो सिखाते हैं कि कैसे रहना है, क्या पहनना है, लेकिन बेटों को यह सिखाना भी उतना ही जरूरी है कि किसी लड़की की सहमति के बिना उसे छूना, रोकना या उसके साथ दुर्व्यवहार करना अपराध है। आरोपी नंदन यादव के मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन और माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी का धन्यवाद। अब अपेक्षा है कि कानून के तहत ऐसी कड़ी कार्रवाई और सजा हो, जो पूरे भारत के लिए एक मिसाल बने और समाज में ऐसा स्पष्ट संदेश जाए कि किसी लड़की की सहमति के बिना उसकी गरिमा से खिलवाड़ करना तो दूर, आंख उठाकर देखने की हिम्मत कोई न करे। हमारी बेटियां डरकर नहीं, सम्मान और निर्भयता के साथ जिएं।”
अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दैनिक जागरण’ पटना के ब्यूरो चीफ अरुण अशेष से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो पुराना है और जमुई की घटना पर दिए गए बयान का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
बिहार के जमुई जिले के मड़वा पहाड़ के पास 19 सितंबर 2026 की शाम को दो नाबालिग छात्र-छात्रा घूम रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोककर उनके साथ छेड़खानी की। विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट भी की गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) को सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी नंदन यादव कुंदर बराज के पास छिपा था। जब आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस घेराबंदी कर रही थी, तब नंदन ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और घटनास्थल से भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में एक गोली नंदन के पैर में जा लगी। इस मामले की पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में मैथिली ठाकुर के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ पोस्ट करने वाले फेसबुक पेज की जांच की। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि इस पेज को लगभग 1.7 हजार लोग फॉलो करते हैं। यह पेज 21 जुलाई 2025 को बनाया गया था। इस पेज पर अधिकांश कंटेंट कोंकण क्षेत्र से जुड़ा होता है और उन्हें मराठी भाषा में पोस्ट किया जाता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर बयान देने के नाम पर वायरल हो रहा मैथिली ठाकुर का वीडियो पुराना है। अप्रैल 2026 में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार किया था। इसी दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया था, जिसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : बिहार के जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना पर मैथिली ठाकुर ने दिया असंवेदनशील बयान।
- Claimed By : FB User मी कोकणी माणूस
- Fact Check : झूठ
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