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Fact Check: भोपाल में हुए किसानों के विरोध-प्रदर्शन के वीडियो को जंतर-मंतर का बताकर किया जा रहा वायरल 

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नाम पर वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। जुलाई 2026 में किसानों ने मूंग की 100 फीसदी खरीद MSP पर करने और खाद वितरण व्यवस्था को ठीक करने की मांग करते हुए भोपाल में प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रोटेस्ट के दौरान का है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान की पारदर्शिता पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। इसके विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने दिल्ली सहित देशभर में प्रदर्शन किए हैं। इसी क्रम में सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। इसी प्रदर्शन से जोड़कर जनसैलाब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भीड़ को नारा लगाते और विरोध-प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सीजेपी के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान जुटी भीड़ का है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में यह वीडियो 29 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए किसानों के प्रदर्शन का है। किसान मूंग की 100 फीसदी खरीद MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर करने और राज्य में खाद वितरण व्यवस्था को ठीक करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी प्रदर्शन के वीडियो को अब सीजेपी के प्रदर्शन का बताकर वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल? 

फेसबुक यूजर ‘Rambabu Divakar’ ने 10 अक्टूबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “दिल्ली जंतर मंतर के बाहर भारी मात्रा में लोग इकट्ठा होना स्टार्ट कर दिए हैं। कॉकक्रोच जनता पार्टी के लोगों ने काफ़ी भीड़ इकट्ठा कर ली है। भीड़ पूरे आक्रोश में है इस बार वह ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा लेकर रहेगी।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘MRYG News’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 29 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए किसानों के प्रदर्शन का है। 

पड़ताल के दौरान हमें कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर यह वीडियो 29 जुलाई 2026 को किसानों के प्रदर्शन के नाम पर शेयर किया हुआ मिला। 

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 29 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “मध्य प्रदेश के भोपाल में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले थे। पुलिस ने उन्हें आरआरएल तिराहा के पास रोक दिया था।”

‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 29 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “किसान सरकार से इस सीजन की ग्रीष्मकालीन मूंग (ग्रीन ग्राम) की 100% फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने और खाद वितरण प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे थे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ था और ‘किसान क्रांति’ मार्च निकाला गया था।”

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘नईदुनिया’, भोपाल के रिपोर्टर बृजेंद्र ऋषिवर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह जुलाई में भोपाल में किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन का वीडियो है। यहा भारी संख्या में जुटे किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया था और सीएम आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया था।

क्या है संदर्भ?

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) की प्रक्रिया को लेकर दिल्ली समेत देश के कई ह‍िस्‍सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ की साजिश का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी भी इसी विवाद पर प्रदर्शन कर रही है। 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद हजारों की संख्या में विपक्षी दलों के कार्यकर्ता राजधानी के अलग-अलग इलाकों में जमा हुए और अपना विरोध जताया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके तहत हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर में इस बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है।” 

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन करने और नारेबाजी करने पर दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ें।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक पेज को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को करीब नौ हजार लोग फॉलो करते हैं। इस यूजर ने खुद को यूपी का रहने वाला बताया है। इस फेसबुक अकाउंट को 15 दिसंबर 2022 को बनाया गया था।

निष्कर्ष: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नाम पर वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। जुलाई 2026 में किसानों ने मूंग की 100 फीसदी खरीद MSP पर करने और खाद वितरण व्यवस्था को ठीक करने की मांग करते हुए भोपाल में प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रोटेस्ट के दौरान का है। 

  • Claim Review : दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ी।
  • Claimed By : FB User Rambabu Divakar
  • Fact Check : भ्रामक

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