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Fact Check: अभिजीत दीपके के एक साल तक प्रदर्शन नहीं करने के दावे के साथ वायरल हो रही जमानत बॉन्ड की तस्वीर एआई-निर्मित

रिहाई के लिए एक साल तक प्रदर्शन नहीं करने के वादे के साथ साइन किया हुआ अभिजीत दीपके के जमानत बॉन्ड की तस्वीर एआई-निर्मित है।

Viral image of bail bond concerning Abhijit Dipke was created using AI here is truth

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट में ही प्रिवेंटिव अरेस्ट कर लिया था।

इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक कथित जमानत बॉन्ड की तस्वीर वायरल हो रही है। इस पर अभिजीत दीपके का नाम है और लिखा है कि वह एक साल तक ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे शांति भंग हो। साथ ही, इसमें 50 हजार रुपये के मुचलके का जिक्र भी है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह तस्वीर अभिजीत दीपके के जमानत बॉन्ड की है, जिसमें उन्होंने एक साल तक प्रदर्शन नहीं करने का वादा किया है।

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘DrRaju Parmar’ ने 12 अक्टूबर 2026 को एक फोटो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “ये है अभिजीत दीपके द्वारा अपनी रिहाई के लिए भरा गया बॉन्ड, और कहता है फिर सड़क पर उतरूंगा।“

वायरल तस्वीर को भाजपा नेता राधिक खेड़ा ने भी शेयर (आर्काइव लिंक) किया है।

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले अभिजीत की रिहाई के बारे में गूगल सर्च किया। 11 अक्टूबर 2026 को ‘Live Law’ के एक्स हैंडल पर सीजेपी की लीगल हेड ‘रत्ना सिंह’ का बयान पोस्ट किया गया था। इसके मुताबिक, ”एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने इस शर्त पर जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है कि CJP नेता एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।”

‘दिल्ली पुलिस’ के एक्स अकाउंट से 11 अक्टूबर 2026 को एक पोस्ट करके जानकारी दी गई, “10 अक्टूबर 2026 को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को BNSS की धारा 126/170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और 11 अक्टूबर 2026 को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित SEM कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण के लिए एक वर्ष की अवधि हेतु 50,000 रुपये का जमानत बॉन्ड (श्योरिटी बॉन्ड) भरा गया, जिसके बाद SEM कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया।”

हालांकि, अभिजीत ने अपने एक्स हैंडल पर 11 अक्टूबर 2026 को पोस्ट करके कहा, “हमने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है, जिसमें लिखा हो कि हम विरोध-प्रदर्शन नहीं करेंगे। हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे।”

इसके बाद हमने वायरल तस्वीर को ध्यान से देखा। इसमें तारीख 10 अक्टूबर 2026 दी गई है, जबकि सीजेपी के तीनों नेताओं को 11 अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया गया था। इससे हमें फोटो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।

हमने वायरल तस्वीर को एआई डिटेक्शन टूल्स ‘हाइव मॉडरेशन’ ‘एआई ऑर नॉट’ और ‘साइटइंजन’ पर चेक किया। तीनों में इसके एआई से बने होने की संभावनाएं 95%, 100% और 99% जताई गईं।

‘हाइव मॉडरेशन’ का रिजल्ट।
‘एआई ऑर नॉट’ का रिजल्ट।
‘साइटइंजन’ का रिजल्ट।

विश्वास न्‍यूज ने जांच के अंत में एआई एक्सपर्ट अजहर मचावे से संपर्क किया। उन्होंने वायरल फोटो के एआई से बने होने की पुष्टि की और कहा कि तस्वीर में ‘सत्यमेव जयते’ गलत लिखा है। एआई से बनाई गई तस्‍वीरों और वीड‍ियो में इस प्रकार की व‍िसंगत‍ियां देखने को म‍िलती हैं।

क्या है संदर्भ?

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया था। ‘आजतक’ की 10 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, ”प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आ रहे अभिजीत, सौरभ और आशुतोष को दिल्ली पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट पर विमान के अंदर ही प्रिवेंटिव अरेस्ट कर लिया था। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम से पुलिस ने हिरासत में लिया था।”

‘बीबीसी’ की 10 अक्टूबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ”दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान विपक्ष और सीजेपी के कई नेताओं के साथ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि सीजेपी ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ी की है, जिसकी वजह से 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम कट गए हैं।”

‘हिंदी इंडियन एक्सप्रेस’ की 14 अक्टूबर 2026 की खबर में लिखा है, “दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरभ दास को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और नारेबाजी के बाद गिरफ्तार कर पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है।”

एआई तस्वीर को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक राजनीतिक दल से जुड़े यूजर का पेज 9 मई 2021 को बनाया गया था और इसके करीब छह हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: रिहाई के लिए एक साल तक प्रदर्शन नहीं करने के वादे के साथ साइन किया हुआ अभिजीत दीपके के जमानत बॉन्ड की तस्वीर एआई-निर्मित है।

  • Claim Review : एक साल तक प्रदर्शन नहीं करने के वादे के साथ साइन किया हुआ अभिजीत दीपके का जमानत बॉन्ड।
  • Claimed By : FB User- DrRaju Parmar
  • Fact Check : झूठ

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