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Fact Check: जिन्ना को लेकर बयान वाला अखिलेश यादव का वायरल वीडियो आधा-अधूरा है

मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर बोलते अखिलेश यादव का वायरल वीडियो आधा-अधूरा है। उन्होंने संबोधन के दौरान सरदार पटेल, महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू का भी जिक्र किया था।

Akhilesh Yadav Jinna Statement

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को हुई ‘इंडी’ गठबंधन की रैली के बाद सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनको मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में बोलते हुए सुना जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अखिलेश यादव ने कहा है कि जिन्ना ने देश को आजादी दिलाई है। इसके साथ ही वे सपा अध्यक्ष पर निशाना साध रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि शेयर की जा रही क्लिप आधी-अधूरी है। दरअसल, करीब पांच साल पहले एक जनसभा में उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू व जिन्ना एक ही संस्थान में पढ़कर बैरिस्टर बने और आजादी दिलाई।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘Hardev Chauhan Deva’ ने 2 नवंबर 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “‘जिन्ना ने आजादी दिलाई?’ अखिलेश जी विशेष वर्ग के वोट बैंक के लिए आप हमारे आजादी दिलाने वाले बलिदानियों का अपमान न कीजिए। वैसे भी, अखिलेश जी को भारत के इतिहास से क्या लेना-देना, उन्हें तो बस अपने वोट बैंक को सूट करने वाला नैरेटिव चाहिए!वाह रे तुष्टिकरण!”

वीडियो में अखिलेश यादव कहते हुए सुने जा सकते हैं, “जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर के, बहस करके आए थे। एक ही जगह पर पढ़ाई लिखाई की उन्होंने, वो बैरिस्टर बने, उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें किसी भी तरीके से अगर किसी का भी संघर्ष करना पड़ा होगा तो वो किया।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘ की वेबसाइट पर 1 नवंबर 2021 को छपी वीडियो न्यूज के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हरदोई में आयोजित एक जनसभा में अखिलेश यादव ने सरदार पटेल की जयंती पर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा, “सरदार पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना ने एक ही संस्थान में पढ़ाई की थी। वे बैरिस्टर बने और भारत की आजादी के लिए लड़े। यह आयरन मैन सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जिन्होंने एक आइडियोलॉजी (RSS) पर बैन लगाया था।”

‘ANINewsUP’ के एक्स हैंडल से 31 अक्टूबर 2021 को वायरल क्लिप के लंबे वर्जन को पोस्ट किया गया है। इसमें अखिलेश यादव कह रहे हैं, “सरदार पटेल जी जहां जमीन पहचानते थे, जमीन को पकड़ करके फैसले लेते थे, वो जमीन को समझ लेते थे, तभी फैसला लेते थे, इसीलिए आयरन मैन के नाम से जाने जाते हैं। लौह पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर के बैरिस्टर बन करके आए थे, एक ही जगह पर पढ़ाई लिखाई की उन्होंने, वो बैरिस्टर बने, उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें किसी भी तरीके से अगर किसी का भी संघर्ष करना पड़ा होगा तो वो पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा जिसमें पाबंदी लगाई, अगर किसी ने पाबंदी लगाई थी, तो लौह पुरुष सरदार पटेल जी ने उस विचारधारा पर पाबंदी लगाने का काम किया था। आज वही लोग, जो देश को एक करने की बात कर रहे हैं, वो हमें और आपको जातियों-धर्म में बांट रहे हैं।”

यूट्यूब चैनल ‘Samajwadi Akhilesh’ पर भी 31 अक्टूबर 2021 को जनसभा के इस वीडियो को पोस्ट किया गया है।

इससे साफ होता है कि वायरल क्लिप आधी-अधूरी है।

इस बारे में हमने सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा से संपर्क किया। उन्होंने कहा, “भाजपा फिर से 2021 के हथकंडे दोहरा रही है, लेकिन अब ये काम नहीं आएंगे। पहले भी इस आधे-अधूरे वीडियो को शेयर किया गया था। करीब पांच साल पहले अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरदार पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की थी और बैरिस्टर बने थे।”

क्या है संदर्भ?

‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडी गठबंधन) ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की थी। ‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 1 नवंबर 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में ‘इंडी’ गठबंधन ने दिल्ली में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से एक विशाल मार्च निकाला। वहीं, रामलीला मैदान में हुई रैली में लोकसभा नेता विपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अन्य प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।

‘एबीपी लाइव’ की वेबसाइट पर 13 अक्टूबर 2026 को छपी रिपोर्ट में लिखा है कि यूपी में मौजूदा सरकार का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, जबकि विधानसभा का पहला सत्र 23 मई 2022 को हुआ था। राज्य में 22 मई 2027 से पहले नई सरकार का गठन होना है।

अधूरी क्लिप को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक राजनीतिक दल से जुड़े यूजर के करीब 13 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर बोलते अखिलेश यादव का वायरल वीडियो आधा-अधूरा है। उन्होंने संबोधन के दौरान सरदार पटेल, महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू का भी जिक्र किया था।

  • Claim Review : अखिलेश यादव ने कहा है कि जिन्ना ने देश को आजादी दिलाई है।
  • Claimed By : Fb User- Hardev Chauhan Deva
  • Fact Check : झूठ

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