Fact Check: भारत-चीन के बीच टकराव की स्थिति और सैनिकों पर बोलते राजनाथ सिंह का वायरल वीडियो डीपफेक है
भारत-चीन के बीच टकराव की स्थिति और सैनिकों पर बोलते राजनाथ सिंह का यह वायरल वीडियो डीपफेक है। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उनके एक अन्य वीडियो में एआई से बना ऑडियो जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Nov 5, 2026 at 03:23 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पूर्व महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत-चीन के बीच टकराव की स्थिति वाला बयान दिया था। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भारत-चीन के बीच टकराव कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और सरकार के खिलाफ सैनिक बगावत कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि वीडियो डीपफेक है। दरअसल, हाल ही में राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी की निंदा की थी। उस वीडियो में एआई से बने ऑडियो को जोड़कर गलत दावा किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Aman Bhardwaj’ ने 31 अक्टूबर 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “राजनाथ जी, अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा 50 किलोमीटर जमीन पर कब्जे के दावे पर आपको चिंता नहीं है? सीमा की चिंता उठाने वाले सेना के जवानों पर सवाल उठाने के बजाय चीन से सवाल पूछिए। देश को भाषण नहीं, सीमा की सुरक्षा चाहिए।”
इस कथित वीडियो में राजनाथ सिंह बोल रहे हैं, “पिछले कुछ समय से भारत और चीन के बीच जो टकराव चल रहा है, वह हमारी नजर में इतना बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन इसे लेकर हमारे सैनिक बहुत ज्यादा परेशान हैं। वे सरकार के खिलाफ बगावत कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार उनका साथ नहीं दे रही, जबकि यह बिल्कुल झूठ है। सबसे पहली बात तो यह है कि सरकार सेना को पूरा सहयोग दे रही है और पहले से ज्यादा इस मामले के लिए धनराशि दे रही है। अगर दो पड़ोसी देशों के बीच थोड़ी बहुत झड़प हो भी जाए, तो यह कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। आखिर हमारा व्यापार भी तो उनके साथ ही चलता है। चीन ने भारत में अब तक बहुत बड़ा निवेश किया है, जिसके कारण भारत की अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलता है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इस मुद्दे को लेकर न तो हमारी वायुसेना को कोई परेशानी हुई है और न ही नौसेना ने आज तक कोई ऐतराज जताया है। फिर हमारी थल सेना को ही इस बात से इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? जब देश की दूसरी दोनों सेनाओं को इस मामले में कोई दिक्कत नहीं है तो फिर थल सेना के कुछ सैनिक इस मुद्दे को इतना बड़ा क्यों बना रहे हैं? ऐसा लगता है कि यह सैनिक बगावत करके बीजेपी की सरकार को सिर्फ बदनाम करना चाहते हैं।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल से राजनाथ सिंह का असली वीडियो 26 अक्टूबर 2026 को पोस्ट किया गया था। इसमें वह मल्लिकार्जुन खरगे की पीएम मोदी के पिता पर की गई विवादित टिप्पणी की निंदा करते हुए देखे जा सकते हैं। इस वीडियो में रक्षा मंत्री कह रहे हैं, “बहुत ही दुखद है। और कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन जी खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वर्गीय पिताजी के ऊपर की गई टिप्पणी ने मुझे स्तब्ध और बहुत ही आहत किया है और इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टिप्पणी कांग्रेस के किसी सामान्य कार्यकर्ता या किसी युवा नेता ने नहीं की है, बल्कि अपने को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कहने वाली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आचरण से करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है। पर कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके। अब कांग्रेस पार्टी खरगे जी के शब्दों को जस्टिफाई करके पुनः लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है। अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने की बजाय, कांग्रेस इस बयान को सही ठहराने में जुटी है। इसका बचाव करने में जुटी है और खरगे जी जिस पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह पर है, लेकिन इस तरह का आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं हो सकता है। कल तक कांग्रेस के कुछ नेता प्रधानमंत्री जी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे। यहां तक कि उनकी पूजनीय माता जी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज गिरने के नए रिकॉर्ड बना रहा है। वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री जी के परिवार को निशाना बनाना, कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। मैं मानता हूं, यह सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी यह प्रहार है। लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन कम से कम मत कीजिए। यह मैं सुझाव देना चाहूंगा। आज कांग्रेस का सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि मैं मानता हूं कि एक प्रकार से वैचारिक पतन भी हो चुका है और कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है और समय आने पर बखूबी उसका जवाब भी देती है। मैं कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूं, प्रधानमंत्री मोदी जी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है, न जनसेवा के उनके संकल्प को किसी भी सूरत में कमजोर किया जा सकता है।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)
भारत सरकार की सूचना इकाई ‘प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो‘ (पीआईबी) ने वायरल हो रहे वीडियो को डीपफेक बताते हुए लिखा है कि छेड़छाड़ किए गए वीडियो में राजनाथ सिंह के नाम से भारत-चीन सीमा की स्थिति और भारतीय सेना के जवानों के बारे में झूठे बयान जोड़े गए हैं। इस वीडियो में एआई का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ की गई है। रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 26 अक्टूबर 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “मल्लिकार्जुन खरगे की ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ वाली टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे का इशारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर था।”
इसके बाद हमने वायरल वीडियो में एआई से छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए उसे एआई डिटेक्शन टूल्स से चेक किया। ‘uncovai’ ने वीडियो के ऑडियो को 100 फीसदी एआई संभावित बताया।

‘हिया’ ने भी वीडियो के ऑडियो को 97 फीसदी एआई होने की संभावना जताई।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की एनालिसिस के अनुसार, ‘ऑरिजिन’ टूल से चेक करने पर भी इसका ऑडियो 95 फीसदी एआई संभावित निकला।

क्या है संदर्भ?
अक्टूबर 2026 में आईटीबीपी के पूर्व डीजी शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर भारत-चीन के बीच तनाव जारी रहने की आधिकारिक पुष्टि की थी। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी खबर में लिखा है, “राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम में शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि जुलाई 2026 से अरुणाचल में एलएसी पर भारत-चीन के बीच टकराव जारी है।” इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।”
डीपफेक वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर एक विशेष विचारधारा से प्रभावित हैं और यह अकाउंट सितंबर 2024 में बना है।
निष्कर्ष: भारत-चीन के बीच टकराव की स्थिति और सैनिकों पर बोलते राजनाथ सिंह का यह वायरल वीडियो डीपफेक है। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उनके एक अन्य वीडियो में एआई से बना ऑडियो जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-चीन टकराव कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और सैनिक बगावत कर रहे हैं।
- Claimed By : FB User- Aman Bhardwaj
- Fact Check : झूठ
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