Fact Check: आपातकाल के सवाल के नाम पर इंदिरा गांधी का एआई वीडियो हुआ वायरल
इंदिरा गांधी के इंटरव्यू के नाम पर वायरल क्लिप एआई टूल के जरिए बनाई गई। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Dec 10, 2025 at 03:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश की भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के इंटरव्यू के नाम पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि जब एक पत्रकार ने इंदिरा गांधी से आपातकाल पर प्रश्न किया, तो वह जवाब नहीं दे पाईं। इस क्लिप को सच समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। इस वीडियो को एआई टूल के जरिए बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल
एक फेसबुक यूजर ने 9 दिसंबर को एक वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए लिखा, “इस सवाल पर ‘मैडम’ के पास कोई जवाब नहीं था! पूछती है भारत की जनता।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इस पोस्ट को सच मानकर लोग वायरल कर रहे हैं। फेसबुक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने पड़ताल की शुरुआत वायरल क्लिप की स्कैनिंग से की। इसमें एक पत्रकार को यह प्रश्न पूछते हुए देखा जा सकता है, “आपातकाल लगाकर आपने किसका लोकतंत्र बचाया था। देश का या अपनी कुर्सी का। इंदिरा जी जवाब दीजिए।” इस प्रश्न के जवाब में इंदिरा गांधी को खामोश दिखाया गया। वीडियो क्लिप देखकर यह तो समझ में आ गया कि यह फेक है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने इंदिरा गांधी के असली इंटरव्यू को कीवर्ड के जरिए सर्च किया। गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च करने पर हमें इंदिरा गांधी का वह इंटरव्यू मिला, जो उन्होंने आपातकाल को लेकर सितंबर 1975 में बीबीसी को दिया था। इस इंटरव्यू में इंदिरा गांधी को आपातकाल के पक्ष में अपनी बात रखते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए अपने सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने अलग-अलग एआई टूल्स के जरिए वायरल वीडियो का एनालिसिस किया। Hiya टूल के माध्यम से वीडियो क्लिप की आवाज चेक की गई। इसके नतीजों ने इसे एआई निर्मित बताया।

इसी तरह स्विस डीप-टेक कंपनी के ऑरिजिन एआई टूल का इस्तेमाल किया गया। यह उन्नत ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन है। इसके जरिए हमें पता 99 फीसदी पता चला कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल की गई आवाज एआई निर्मित है।

इसी तरह Hive AI Deepfake Detector टूल से चेक करने पर इंदिरा गांधी का चेहरा डीपफेक साबित हुआ। नतीजों में पता चला कि वायरल क्लिप पूरी तरह से एआई निर्मित है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि Pawan Shraddha Tiwari नाम के इस यूजर को फेसबुक पर सात सौ लोग फॉलो करते हैं। यूजर यूपी के मिर्जापुर का रहने वाला है।
आपातकाल के बारे में
देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच आपातकाल लगा था। 1970 के दशक में देश के कई हिस्सों में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन हुआ था। इसके अलावा 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 1971 के लोकसभा चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग का दोषी पाते हुए छह साल के लिए किसी भी निर्वाचित पद को धारण करने से अयोग्य घोषित कर दिया था। आपातकाल में लोगों के मूलभूत अधिकार छीन लिए गए। विरोधियों को जेल में डाल दिया गया था।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल क्लिप फेक साबित हुई। इंदिरा गांधी के इंटरव्यू के नाम पर वायरल क्लिप एआई टूल के जरिए बनाई गई। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- Claim Review : इंदिरा गांधी आपातकाल के सवाल का नहीं दे पाईं जवाब
- Claimed By : FB User Pawan Shraddha Tiwari
- Fact Check : झूठ
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