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Fact Check: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्र सरकार को घेरने वाला नौसेना प्रमुख का वायरल वीडियो डीपफेक है

'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान केंद्र सरकार पर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के आरोप के दावे के साथ हो रहा भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का वीडियो डीपफेक है। भारतीय नौसेना प्रमुख की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है। पाकिस्तानी यूजर्स भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा के तहत नौसेना प्रमुख के डीपफेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Aug 29, 2025 at 05:22 PM
  • Updated: Aug 29, 2025 at 05:27 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो क्लिप शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मोदी सरकार पर राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान को कोई भी नुकसान पहुंचाने की अनुमति न देने का कथित आरोप लगाया, जिसकी वजह से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायु सेना को भारी नुकसान हुआ।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत सरकार पर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न किए जाने के आरोप के साथ वायरल वीडियो डीफेक है। पाकिस्तानी यूजर्स प्रोपेगेंडा के तहत इस डीपफेक वीडियो को शेयर कर रहे हैं।

26 अगस्त को युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के मौके पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के संबोधन वाले वीडियो में उनकी आवाज वाले एआई क्रिएटेड ऑडियो क्लोन को जोड़कर फेक दावा किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Saira ameen’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Indian Chief of Naval Staff Admiral Dinesh Kumar Tripathi blames the Modi Government for not giving them permission to inflict any damage due to political reasons, which resulted as heavy losses for the Indian Air Force.”

(“भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मोदी सरकार पर राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान को कोई नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से (‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान) भारतीय वायु सेना को भारी नुकसान हुआ।”)

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, “….सर आपने कुछ दिनों पहले विक्रांत के डेक पर भारतीय नौसेना से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। अगली बार जरूरत पड़ी तो हो सकता है कि ओपनिंग हमारी नौसेना के द्वारा ही होगी। हम तो चाहते थे कि सरकार हमें लड़ाई करने की अनुमति दे लेकिन सरकार ने हमें लड़ाई की बिल्कुल भी अनुमति नहीं दी और यही वजह है कि भारतीय वायु सेना को नुकसान सहना पड़ा।”

वायरल वीडियो में नौसेना प्रमुख का यह बयान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भारत के आधिकारिक रुख और संसद में सरकार के दिए गए बयान से उलट है, जो इसके फेक होने का संदेह पैदा करता है। दूसरा वायरल वीडियो का ऑडियो ट्रैक नौसेना प्रमुख के बोलने की स्वाभाविक शैली से मेल नहीं खा रहा है, जो छेड़छाड़ का संदेह पैदा करता है।

इसलिए हमने इसके ऑरिजिनल वीडियो को चेक किया, जो भारतीय नौसेना के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

26 अगस्त 2025 को युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के मौके पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा था, “सर आपने कुछ दिनों पहले विक्रांत के डेक पर भारतीय नौसेना से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगली बार जरूरत पड़ी तो हो सकता है कि ओपनिंग हमारी नौसेना के द्वारा ही होगी।”

इसके बाद वह कहते हैं, “आज मैं यह कहना चाहूंगा कि उदयगिरी और हिमगिरी जैसे आधुनिक और स्टेट ऑफ द आर्ट प्लेटफॉर्म्स हमें दुश्मन को ओपनिंग नॉक आउट पंच देने में और भी सक्षम बनाते हैं।” जबकि वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हम तो चाहते थे कि सरकार हमें लड़ाई करने की अनुमति दे लेकिन सरकार ने हमें लड़ाई की बिल्कुल भी अनुमति नहीं दी और यही वजह है कि भारतीय वायु सेना को नुकसान सहना पड़ा।”

वायरल वीडियो में द प्रिंट का लोगो लगा हुआ है और सर्च में हमें यह वीडियो द प्रिंट के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर भी मिला, जिसे 26 अगस्त को अपलोड किया गया है, जो भारतीय नौसेना प्रमुख के भाषण का वीडियो है।

साफ है कि नौसेना प्रमुख के संबोधन के एक हिस्से को उनकी आवाज वाले ऑडियो क्लोन के जरिए बदल दिया गया है। ऑडियो मैनिपुलेशन या छेड़छाड़ की पुष्टि के लिए हमने डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद ली।

डीपफेक डिटेक्शन

बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से हमने इस वीडियो को चेक किया और इसके लगभग सभी डिटेक्टर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की अधिकतम संभावना की पुष्टि की। AVSRDD (2025) डिटेक्टर्स की एनालिलिस रिपोर्ट में इस वीडियो में करीब 70 फीसदी एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि होती है। वहीं अन्य डिटेक्टर्स भी इस छेड़छाड़ की पुष्टि करते हैं ।

TALL (2023) डिटेक्टर की एनालिसिस इस वीडियो के करीब 100 फीसदी, DSP-FWA (2019) की एनालिसिस इस वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की करीब 100 फीसदी संभावना की पुष्टि करता है।

TALL (2023) डिटेक्टर की एनालिसिस वायरल वीडियो में करीब 100 फीसदी एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है।

XCLIP (2022) डिटेक्टर की एनालिसिस भी इस वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की करीब 90 फीसदी संभावना की पुष्टि करता है।

XCLIP (2022) डिटेक्टर की एनालिसिस भी वायरल वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की करीब 90 फीसदी संभावना की पुष्टि करता है।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने इस अन्य टूल्स की मदद से इस वीडियो का विश्लेषण किया, जिसमें इसके एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि होती है।

हाइव एआई ऑडियो क्लासिफायर की एनालिसिस बताती है कि वायरल वीडियो के पहले 10 सेकेंड के ऑडियो को छोड़कर बाकी का हिस्सा एआई की मदद से तैयार किया गया है।

वहीं हिया डीपफेक डिटेक्टर भी वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है।

हिया डीपफेक डिटेक्टर भी वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है।

हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो डीपफेक है।

केंद्र सरकार की नोडल इन्फॉर्मेशन एजेंसी पीआईबी ने भी इस वीडियो को फेक बताते हुए इसमें किए गए दावे का खंडन किया है। वायरल वीडियो को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर पाकिस्तान का रहने वाला है।

इससे पहले ‘ऑरपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को लड़ाकू विमानों का नुकसान और सैनिकों के मारे जाने के दावे से सेना प्रमुख का ऐसा ही डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान केंद्र सरकार पर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के आरोप के दावे के साथ हो रहा भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का वीडियो डीपफेक है। भारतीय नौसेना प्रमुख की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है। पाकिस्तानी यूजर्स भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा के तहत नौसेना प्रमुख के डीपफेक वीडियो को वायरल कर रहे हैं।

  • Claim Review : नौसेना प्रमुख ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।
  • Claimed By : FB User-Saira ameen
  • Fact Check : झूठ

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