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Fact Check: इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर ईरान के हमले के दावे से वायरल वीडियो एआई-निर्मित

ईरान की ओर से इजरायल पर किए गए हमले के दावे से वायरल वीडियो एआई-निर्मित है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Mar 11, 2026 at 03:22 PM
  • Updated: Mar 26, 2026 at 12:37 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से जोड़ते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बिल्डिंग्स पर ब्लास्ट होते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह इजरायल पर हुए हमले का है। ईरान ने समुद्र के किनारे स्थित इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला किया है, जिसका यह वीडियो है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई की मदद से बनाया हुआ है। 

क्या हो रहा है वायरल? 

एक्स यूजर ‘Parvez’ ने 8 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “Iran ने समुद्र के किनारे इजरायली न्यूक्लियर साइट पर हमला किया।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें कई तकनीकी कमियां हैं। इसमें नजर आ रहा शख्स रोबोटिक जैसा लग रहा है। ऐसे में वीडियो के एआई-निर्मित होने की हमें संभावना नजर आई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल किया। ‘Hive Moderation’ ने इस वीडियो के 97.5 फीसदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।

हमने ‘Undetectable’ टूल का भी इस्‍तेमाल किया। यहां वायरल वीडियो को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है। टूल ने करीब 93 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमने वीपीएन एक्सप्रेस की मदद से ‘Marcuscos’ नाम के टिकटॉक अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है। अकाउंट को खंगलाने पर हमने पाया कि यूजर इस तरह के एआई वीडियो बनाता है। बायो में यूजर ने खुद को एआई वीडियो बनाने वाला और उन पर एक्सपेरिमेंट करने वाला बताया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स के जैसे हाव-भाव हैं, वे काफी रोबोटिक लग रहे हैं। इतनी तेज हवा चल रही है, लेकिन शख्स के कुछ ही बाल उड़ रहे हैं। वीडियो में नजर आ रही गाड़ियों की बनावट भी काफी अटपटी और एआई-निर्मित लगती है। 

क्या है संदर्भ?

‘अलजजीरा’ की वेबसाइट पर 2 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “28 फरवरी को जब ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही थी, तब US और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने उसी दिन पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए, जिनमें इजरायल के साथ-साथ बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में US मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हमलों में मौत की पुष्टि के एक दिन बाद, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में US के ठिकानों पर हमला करना जारी रखा है।”

बीबीसी की वेबसाइट पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान काफी लंबे समय से परमाणु विस्फोटक उपकरण के विकास से जुड़ी कई गतिविधियां कर रहा था। लेकिन प्रतिबंधों के कारण इसे बीच में रोक दिया गया था। फिर 2015 में ही ईरान ने दुनिया के छह ताक़तवर देशों के साथ एक समझौता किया। इस समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त को मंजूर कर लिया। बदले में उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत दी गई। इस समझौते के मुताबिक यूरेनियम एनरिचमेंट की सीमा 3.67 फ़ीसदी तय की गई थी। ये परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयुक्त है और फोर्दो में एनरिचमेंट रोक दिया गया। साथ ही एनरिचमेंट पर कड़ी निगरानी लागू की गई। लेकिन 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया। उनका तर्क था कि यह समझौता ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकने में पर्याप्त नहीं है। इसके बाद अमेरिका ने फिर से प्रतिबंध लगा दिए। इसके जवाब में ईरान ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया। उसने यूरेनियम को 60 फ़ीसदी तक एनरिच किया। एडवांस सेंट्रीफ्यूज लगाए और फोर्दो में फिर से एनरिचमेंट शुरू कर दिया। 12 जून 2025 को आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि ईरान ने दो दशकों में पहली बार अपने परमाणु अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन किया है। इसके अगले ही दिन, इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो हजार छह सौ से अधिक लोग एक्‍स पर फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ईरान की ओर से इजरायल पर किए गए हमले के दावे से वायरल वीडियो एआई-निर्मित है।

  • Claim Review : ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला किया।
  • Claimed By : X user Parvez Naz
  • Fact Check : झूठ

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