Fact Check: फेक है नई-नवेली दुल्हन का ट्रेन चलाते हुए वायरल वीडियो
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। इस एआई वीडियो को असली बताकर वायरल किया गया है। ट्रेन चला रही महिला का वीडियो फर्जी है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 28, 2026 at 05:41 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक शादीशुदा महिला को ट्रेन चलाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ की अध्यक्ष नेहा बोरा के आंदोलन करने से जोड़कर उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भी दावा किया जा रहा है कि एक तरफ नई-नवेली शादीशुदा महिला ट्रेन चला रही है, वहीं दूसरी ओर नेहा बोरा सिर्फ विरोध कर रही है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस वीडियो की जांच की। यह वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो को एआई की मदद से तैयार करके वायरल किया गया है। इसमें सच्चाई नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Om Prakash Rastogi (@OmprakashRast13)’ ने 26 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “एक तरफ नयी-नयी शादीशुदा ट्रेन पायलट साड़ी पहनकर कॉकपिट में बैठकर ट्रेन चला रही है। परंपरा और कर्तव्य साथ। दूसरी तरफ नेहा बोरा जंतर-मंतर पर बैरिकेड फांदती, पुलिस से भागती, अनशन करती। बांग्लादेश स्टूडेंट मूवमेंट की तारीफ तक कर चुकी हैं। एक काम कर रही है, दूसरी सिर्फ विरोध।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें मूल वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर शॉर्टस के रूप में मिला। इसे छह अक्टूबर, 2026 को अपलोड किया गया था। ‘kumkum Kumari’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मौजूद इस वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।

इस चैनल को चेक करने पर हमें ट्रेन चलाती महिलाओं के कई एआई-निर्मित वीडियो मिले। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वायरल हो रहे वीडियो में सच्चाई नहीं है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।

इसी आधार पर विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करने का निर्णय किया। सबसे पहले वायरल वीडियो को ‘Nvidia’s synthetic video detector’ टूल की मदद से चेक किया गया। इसके एनालिसिस में वायरल वीडियो का सिंथेटिक स्कोर 37.1% निकला। वीडियो का सिंथेटिक स्कोर थ्रेशोल्ड (30%) से अधिक था, जिसका अर्थ है कि इसके सिंथेटिक या AI-निर्मित होने की संभावना है। उच्च स्कोर का मतलब है कि इस टूल को वीडियो में सिंथेटिक कंटेंट के अधिक मजबूत सबूत मिले हैं।

इसके बाद ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का यूज किया गया। वायरल वीडियो को इस टूल की मदद से चेक करने पर पता चला कि यह एआई-निर्मित है। हाइव मॉडरेशन के नतीजों में इसे 63.3 प्रतिशत से अधिक एआई-निर्मित बताया गया।

अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो को ‘मेटा आई’ की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में वीडियो में एआई का इस्तेमाल पाया गया।

डीएयू ने वीडियो के स्क्रीनशॉट को ‘AIORNOT’ की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में यह 100% एआई संभावित साबित हुआ।

डीएयू ने अपने निष्कर्ष में वीडियो को एआई जेनरेटड बताया।
क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया पर अक्सर एआई-जेनरेटेड वीडियो व्यूज के लिए शेयर किए जाते हैं। विश्वास न्यूज समय-समय पर ऐसे वीडियो की सच्चाई अपने पाठकों को बताता रहता है। कुछ दिनों पहले भारतीय सैन्य अधिकारी का एक डीपफेक वीडियो शेयर किया गया था। इसी तरह कैप्टन स्मित मच्छार के लिए इजरायल में हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन के नाम पर भी एआई-निर्मित वीडियो के जरिए झूठ फैलाया गया था। इनकी पड़ताल यहां और यहां पढ़ी जा सकती है।
जांच के अंत में हमने ओम प्रकाश रस्तोगी नाम के एक्स यूजर के अकाउंट की जांच की। यह अकाउंट अक्टूबर 2022 में बनाया गया था। इसे 10 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। इस एआई-निमर्ति वीडियो को असली बताकर वायरल किया गया है। ट्रेन चला रही महिला का वीडियो फर्जी है।
- Claim Review : नई शादीशुदा महिला साड़ी पहनकर ट्रेन चला रही है।
- Claimed By : X User Om Prakash Rastogi
- Fact Check : झूठ
- Video Posted by YT@KumkumKumari, Dated 6 Oct 2026
- AI Detection Tool Nvidia’s synthetic video detector
- AI Detection Tool HiveModeration
- AI Detection Tool Meta AI
- AI Detection Tool AIORNOT
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












