Fact Check: पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट के नाम पर FAKE पोस्ट वायरल, दैनिक जागरण का नहीं है फ्रंट पेज
राजस्थान के आगामी पंचायत चुनाव में सरपंच के प्रत्याशी को 100 से कम वोट मिलने पर सजा और जुर्माना मिलने के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। राजस्थान हाई कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Sep 28, 2026 at 03:54 PM
- Updated: Sep 28, 2026 at 03:57 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राजस्थान के ग्राम पंचायत चुनाव के नाम पर ‘दैनिक जागरण’ का एक कथित फ्रंट पेज वायरल हो रहा है। इसमें राजस्थान हाई कोर्ट के कथित आदेश की एक खबर छपी है। इस खबर में कहा गया है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि सरपंची चुनाव में यदि प्रत्याशी को 100 वोट नहीं मिलते, तो उसे छह महीने की जेल और 50 हजार रुपए जुर्माना भरना होगा। इसे दैनिक जागरण का फ्रंट पेज मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस पोस्ट की जांच की। हमारी जांच में पता चला कि न तो वायरल फ्रंट पेज दैनिक जागरण का और न ही राजस्थान हाई कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर ऐसा कोई फैसला दिया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। इस पेज को एआई की मदद से झूठ फैलाने के मकसद से तैयार किया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Poojiram Bairwa’ ने 28 सितंबर 2026 को एक फेक फ्रंट पेज शेयर करते हुए लिखा, “सरपंची चुनाव में यदि प्रत्याशी को 100 वोट नहीं मिलते तो 6 महीने की जेल ₹50 हजार रुपए जुर्माना होगा।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल न्यूज की सच्चाई जानने के लिए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। संबंधित कीवर्ड बनाकर सर्च करने पर हमें कोई ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे को सच साबित करती हो। सर्च के दौरान हमें ‘शेखावटी लाइव’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इस वायरल खबर को फेक बताया गया।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली क्योंकि आजकल एआई तकनीक का इस्तेमाल करके फेक कंटेंट वायरल किए जा रहे हैं। वायरल फ्रंट पेज को हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘साइट इंजन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए 99 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई से बनाया गया है।

इसी तरह तस्वीर को ‘AiOrNot’ टूल की मदद से भी चेक किया गया। इसके एनालिसिस में वायरल तस्वीर के एआई से बने होने के करीब 63% संकेत मिले।

हमने वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किए गए फ्रंट पेज को डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘Pangram’ की मदद से भी चेक किया। इसके एनालिसिस में वायरल फ्रंट पेज के पूरी तरह से एआई से बने होने की प्रबल संभावना की पुष्टि हुई।

विश्वास न्यूज ने राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त जोगा राम से संपर्क किया। उन्होंने वायरल पोस्ट को फर्जी बताया।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, राजस्थान के ब्यूरो प्रमुख नरेंद्र शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने वायरल पोस्ट को फर्जी बताते हुए कहा कि दैनिक जागरण में ऐसी कोई खबर नहीं छपी है और वायरल फ्रंट पेज फर्जी है।
क्या है संदर्भ?
राजस्थान में शहरी निकायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अब पंचायत के चुनाव होने हैं। ‘राजस्थान पत्रिका’ की 27 सितंबर 2026 की एक खबर में बताया गया, “सितंबर महीने के मध्य में राज्य का पूरा प्रशासनिक अमला नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में पूरी तरह व्यस्त था। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के वार्डों और सीटों के लिए होने वाली आरक्षण लॉटरी निर्धारित तिथियों पर नहीं निकाली जा सकीं। राजस्थान हाई कोर्ट का यह कड़ा निर्देश पहले से ही तय है कि राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हर हाल में 15 नवंबर 2026 की समय-सीमा से पहले पूरे कर लिए जाने चाहिए। इसी डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए अब राज्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।”
‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया, “राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की आधिकारिक तिथि का अंतिम ऐलान होना अभी बाकी है। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए सीटों एवं पदों के वर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनाव की संभावित समय-सीमा: राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार को 15 नवंबर से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है। ऐसे में मतदान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले-दूसरे सप्ताह में होने की प्रबल संभावना है। आधिकारिक अधिसूचना: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही तिथियों, नामांकन, नाम वापसी और मतदान के चरणों की आधिकारिक घोषणा एवं आचार संहिता लागू की जाएगी।”
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला है। इसे सात हजार से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जून 2020 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: राजस्थान के आगामी पंचायत चुनाव में सरपंच के प्रत्याशी को 100 से कम वोट मिलने पर सजा और जुर्माना मिलने के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। राजस्थान हाई कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। दैनिक जागरण के एक फेक फ्रंट पेज को एआई की मदद से बनाकर झूठ फैलाया गया है।
- Claim Review : सरपंची चुनाव में 100 वोट नहीं मिलते तो 6 महीने की जेल, 50 हजार रुपए जुर्माना।
- Claimed By : FB User Poojiram Bairwa
- Fact Check : झूठ
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