X
X

Fact Check: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद वायरल की गई फर्जी न्‍यूज क्लिप

विश्वास न्‍यूज की जांच में न्‍यूज चैनल की क्लिप फर्जी साबित हुई। इस वीडियो को एआई तकनीक से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्ध-विराम की घोषणा के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। इसमें एक न्‍यूज चैनल के एंकर को अजीबोगरीब हरकत करते हुए दिखाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को असली मानकर पत्रकारिता पर सवाल उठा रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक पेज ‘मुसाफ़िर’ ने एक वीडियो को 9 अप्रैल 2026 को शेयर करते हुए लिखा, “अरे र रे … Be Controll…ईरान युद्ध मे “पो पो विश्वगुरू” नही बनने पर गोदी मिडीया पागला गई!!”

पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

इस वीडियो में एंकर को यह बोलते हुए दिखाया गया, “दोस्‍तों जो खबर आई है, सुन लीजिए। पाकिस्‍तान ने अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ने वाला युद्ध रोक दिया है। दुनिया को हिला देने वाला कदम। पर क्‍या यह हमारे लिए जीत है? नहीं। हमें सोचना होगा। हमें पूछना होगा। क्‍यों हमें हमेशा किनारे पर खड़ा होना पड़ता है। यह बर्दाश्‍त नहीं होता। हमारी आवाज कब तक दबेगी।”

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने पड़ताल की शुरूआत में वायरल न्‍यूज क्लिप को ध्‍यान से स्‍कैन किया। यह देखने से ही फर्जी नजर आई। इसमें लिखे हुए अधिकांश शब्‍द गलत दिखे। इसके अलावा एंकर की बॉडी लैंग्‍वेज और कुर्सी का आकार बदलना, यह सब संकेत वीडियो के एआई से बने होने की ओर इशारा कर रहे थे। इसलिए वीडियो को हमने सबसे पहले एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ से चेक किया। जांच में यह एआई-निर्मित निकला।

अधिक पुष्टि के लिए हमने वीडियो को अपने सहयोगी, ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (DAU) के साथ शेयर किया, जो ‘ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस’ (TIA) की एक पहल है। टीम ने वीडियो के स्‍क्रीनशॉट को ‘WasitAI’ से चेक किया। इसमें इसे एआई संभावित बताया गया।

‘Hiya’ टूल से चेक करने पर पता चला कि वायरल वीडियो में मौजूद आवाज में एआई का इस्‍तेमाल किया गया है।

क्‍या है संदर्भ?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से चल रही जंग अब रुक गई है। ‘acleddata.com’ पर मौजूद ईरान संकट इंडेक्स में दी गई जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। हालांकि, पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इसकी जानकारी दी।

जांच के अंतिम चरण में फेसबुक पेज मुसाफिर की सोशल स्‍कैनिंग की गई। पता चला कि इस पेज को एक लाख से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यह पेज जनवरी 2020 में बनाया गया था।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में न्‍यूज चैनल की क्लिप फर्जी साबित हुई। इस वीडियो को एआई तकनीक से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

  • Claim Review : अमेरिका और ईरान के सीजफायर के बीच मीडिया की दशा।
  • Claimed By : FB Page Musafir
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later