Fact Check: वीडियो में दिख रहे व्यक्ति नहीं हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रमुख
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो लगभग 15 साल पुराना है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पूर्व आयकर आयुक्त और आईआरएस अधिकारी विश्व बंधु गुप्ता हैं, न कि विश्वविद्यालय के कोई प्रोफेसर।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Feb 23, 2026 at 02:05 PM
- Updated: Feb 23, 2026 at 02:14 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) के दौरान हुए गलगोटिया विवाद के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “क्लाउड कंप्यूटिंग, बारिश और तूफान के दौरान विश्वसनीय नहीं है क्योंकि डेटा बादलों में होता है।” सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को साझा करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग के हेड (HOD) हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति गलगोटिया यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर नहीं है, बल्कि यह 2011 का एक पुराना वीडियो है। इसमें पूर्व आयकर आयुक्त विश्व बंधु गुप्ता नजर आ रहे हैं।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘HaramiParindey’ ने 20 फरवरी 2026 को एक रील साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि क्लाउड कंप्यूटिंग पर बेतुका तर्क देने वाला यह व्यक्ति गलगोटिया यूनिवर्सिटी का एचओडी है। इस पोस्ट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी की हालिया फजीहत (चाइनीज रोबो-डॉग) से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

पड़ताल
जांच की शुरुआत के लिए हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। खोज के दौरान हमें यह वीडियो विभिन्न यूट्यूब चैनलों पर 27 अगस्त 2011 को अपलोड किया हुआ मिला। इनके विवरण में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति, पूर्व एडिशनल आईटी कमिश्नर, आईआरएस विश्व बंधु गुप्ता हैं।
आगे की जांच में हमने कीवर्ड सर्च का सहारा लिया, जिससे हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की 2 सितंबर 2011 की एक विस्तृत रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट का शीर्षक था: “Cloud computing is unreliable in a storm: Former I-T commissioner”. इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि विश्व बंधु गुप्ता ने क्लाउड कंप्यूटिंग को लेकर यह विवादास्पद और तकनीकी रूप से गलत बयान दिया था, जिसकी उस समय काफी आलोचना हुई थी।

विश्वास न्यूज ने इस संबंध में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और मीडिया प्रभारी ए राम पांडे से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “वीडियो में दिख रहे व्यक्ति हमारी यूनिवर्सिटी के कोई प्रोफेसर या स्टाफ नहीं हैं। यह वीडियो काफी पुराना है और विश्वविद्यालय को बदनाम करने के लिए गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है।”
क्या है गलगोटिया India AI Summit विवाद?
यह विवाद फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुआ। गलगोटिया यूनिवर्सिटी उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गई, जब इस समिट में प्रदर्शित किए गए उनके एक ‘रोबो-डॉग’ (Robodog) को लेकर सवाल उठे। रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्वविद्यालय पर आरोप लगे कि उन्होंने एक विदेशी (चीनी) तकनीक से बने रोबोट को स्वदेशी रिसर्च और खुद की खोज के रूप में पेश किया। सोशल मीडिया पर विशेषज्ञों ने दावा किया कि यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से उपलब्ध है। इसी विवाद की आड़ में अब 15 साल पुराने वीडियो को गलगोटिया यूनिवर्सिटी का बताकर वायरल किया जा रहा है।
गलगोटिया विवाद से जुड़े अन्य फैक्ट चेक यहां पढ़ें।
वायरल वीडियो को फेसबुक यूजर ‘HaramiParindey’ द्वारा शेयर किया गया है। सोशल स्कैन के दौरान हमने पाया कि इस यूजर के फेसबुक पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो लगभग 15 साल पुराना है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पूर्व आयकर आयुक्त और आईआरएस अधिकारी विश्व बंधु गुप्ता हैं, न कि विश्वविद्यालय के कोई प्रोफेसर।
- Claim Review : गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग प्रमुख ने क्लाउड कंप्यूटिंग को लेकर दिया हास्यास्पद बयान।
- Claimed By : Facebook User HaramiParindey
- Fact Check : झूठ
Gemini said
1. YouTube Video by Digital India, Date 27 Aug 2011
2.Youtube Video by NitinSood1983, Date 27 Aug 2011
3. Reported by Times of India, Dated 2 Sep 2011
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