Explainer : साइबर ठग इन नए तरीकों से नए साल पर कर रहे हैं धोखाधड़ी, सावधान रहें
साइबर ठग लोगों के वॉट्सऐप पर अलग-अलग प्रकार के मैसेज भेज रहे हैं।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Dec 24, 2024 at 04:47 PM
नई दिल्ली। नए साल और क्रिसमस से ठीक पहले साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। केवाईसी अपडेट, शुभकामना संदेश, गिफ्ट के नाम पर लोगों को मैसेज भेजकर ठगी की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को ऐसी धोखाधड़ी से बचाने के लिए राजस्थान समेत कई राज्यों की पुलिस सक्रिय हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है।
कैसी-कैसी ठगी?
बैंक बैलेंस के नाम पर पैसा पार
साइबर ठग लोगों के वॉट्सऐप पर अलग-अलग प्रकार के मैसेज भेज रहे हैं। कई लोगों को बैंक में पैसे जमा करने का मैसेज भेजा गया। जिसके बाद जैसे ही मैसेज के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक किया जाता है, फ्रॉड हो जाता है। इसलिए किसी भी अनजान मैसेज पर आए लिंक पर क्लिक न करें।
बधाई संदेश में एपीके फाइल
इतना ही नहीं, बधाई संदेश के नाम पर भी फ्रॉड किया जा रहा है। साइबर ठग क्रिसमस या नए साल की बधाई के नाम पर एपीके फाइल (एंड्रॉइड पैकेज किट) भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है और इसके बाद फोन हैक होते ही बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल
कुछ ऐसे केस भी देखने को आए हैं, जिसमें फेक डिलीवरी के नाम पर लोगों के खाते में सेंध लगाई गई है। इसमें कॉल पर या फेक डिलीवरी ब्वॉय की ओर से कहा जाता है कि आपका ऑर्डर आया है। जबकि सच में आपने कोई ऑर्डर किया ही नहीं था। ऐसे में लोगों से फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके ऑर्डर कैंसल करने को कहा जाता है। इस पर कॉल करने के बाद ओटीपी मांगा जाएगा, जैसे ही आपने ओटीपी बताया, आपके पैसे में सेंध लगनी शुरू हो जाएगी।
होटल, रेस्टोरेंट बुकिंग के नाम पर ठगी
फेस्टिवल के दौरान यह भी देखने को मिलता है कि लोग रेस्टोरेंट में टेबल या होटल्स में रूम बुक करने के लिए इंटरनेट सर्च का सहारा लेते हैं। यहां से वे मोबाइल नंबर या वेबसाइट के जरिए बुकिंग करते हैं। कई बार देखने को मिला है कि वे बुकिंग के बाद जब रेस्टोरेंट या होटल पहुंचते हैं, तो पता चलता है कि उनके साथ फ्रॉड हो चुका है। ऐसे में हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल नंबर के जरिए ही बुकिंग करवाएं।
नववर्ष व क्रिसमस से पहले साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं और बधाई संदेश व गिफ्ट के नाम पर लोगों को ठगने के प्रयास कर रहे हैं। साइबर अपराध की शिकायत 1930 या http://cybercrime.gov.in पर करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
किसी भी लुभावने ऑफर, स्कीम या बैंक बैलेंस चेक करने के लिए संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज को चेक करें। आंख बंदकर किसी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट चातक वाजपेयी कहते हैं कि आजकल सबसे ज्यादा एपीके फाइल फ्रॉड चल रहा है। इसमें वॉट्सऐप और मैसेज के जरिए शेयर की जाती हैं। जैसे ही इस पर क्लिक करते है, ये आपके फ़ोन मैं इंस्टॉल हो जाती है। फिर ये फ़ोन का सारा डेटा स्कैमर को भेजना स्टार्ट कर देती है। फिर बैंक अकाउंट ख़ाली हो जाता है। कभी किसी के साथ ओटीपी शेयर न करें। वाजपेयी आगे कहते हैं कि किसी भी सोशल मीडिया पर चलने वाले ऐड पर क्लिक ना करें। ना ही वॉट्सऐप मैसेज पर लिंक को क्लिक करें। किसी भी ऑफर के लालच में मोबाइल नंबर, बर्थ डेट, नाम किसी अनजाने वेबसाइट पर ना डालें।

एपीके फाइल इंस्टॉल होने पर क्या करें
साइबर ठग एपीके फाइल के जरिए मोबाइल पर मैलवेयर भेजता है। जैसे ही इस लिंक पर क्लिक किया जाता है, यह अपने आप इंस्टॉल हो जाती है। इससे मोबाइल का एक्सेस हैकर के हाथ में चला जाता है। इसके बाद हैकर्स मोबाइल पर आए संदेशों को पढ़ सकते हैं। इससे ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी भी अपराधियों के हाथ लग जाती है।
इस ठगी से बचने के लिए अज्ञात सोर्स से आए किसी भी मैसेज या लिंक पर क्लिक मत करें। सिस्टम को समय-समय पर अपडेट और रिबूट करते रहें। मोबाइल में एंटीवायरस को इंस्टॉल करें और नियमित तौर पर उसे अपडेट करते रहें।
राजस्थान के आइपीएस अधिकारी राजर्षि राज वर्मा ने विश्वास न्यूज को बताया कि इंटरनेट की इस दुनिया में साइबर हाइजिन की काफी आवश्यकता है। ऐसे में कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
– – कभी भी किसी के साथ निजी जानकारी शेयर न करें।
– कभी भी ओटीपी साझा न करें।
– ईमेल, वॉट्सऐप, एसएमएस पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
– अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल को रिसीव न करें।

साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट चातक वाजपेयी कहते हैं कि यदि गलती से एपीके फाइल इंस्टॉल हो गई है तो सबसे पहले अपने मोबाइल से बैकिंग और यूपीआई से संबंधित एप्स को अनइंस्टॉल करके पासवर्ड बदलें। इसके बाद मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर जाएं और फोन को रिसेट करवाएं। साथ में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर भी अपडेट करवा लें।
साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान उपाय है सचेत रहना। अलर्ट रहकर खुद को साइबर ठगों से बचा सकते हैं। फिर भी यदि ऐसी धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत नजदीकी साइबर थाने या फिर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा http://cybercrime.gov.in पर भी कम्प्लेन कर सकते हैं। केस मजबूत करने के लिए सबूत जैसे स्क्रीनशॉट या फोटोकॉपी जरूरी है।

राजस्थान के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजन दुष्यंत के अनुसार, क्रिसमस और नए साल पर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। लोगों को बधाई संदेश व गिफ्ट के नाम पर ठगने की कोशिश कर रहे हैं। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। इस प्रकार की ठगी की शिकायत 1930 या http://cybercrime.gov.in पर करें।
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