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Fact Check: कुवैत में 3 साल पहले पुतिन के खिलाफ हुए प्रदर्शन को मोदी से जोड़कर फैलाया जा रहा है झूठ

  • By Vishvas News
  • Updated: September 23, 2019

नई दिल्‍ली (विश्‍वास टीम)।सोशल मीडिया पर आजकल एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें सऊदी पारंपरिक पोशाक थोब पहने कुछ लोगों को हाथ में चप्पल लिए प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। फोटो में पीछे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी देखी जा सकती है। पोस्ट में क्लेम किया जा रहा है, “सऊदी अरब में मोदी के खिलाफ जूते-चप्पल के साथ सड़कों पर उतरे …. मोदी के पोस्टर को दिखाए जूते-चप्पल।” हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा गलत है। असली तस्वीर में पीछे रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तस्वीर थी न कि मोदी की।

CLAIM

वायरल तस्वीर में सऊदी पारंपरिक पोशाक थोब पहने कुछ लोगों को हाथ में चप्पल लिए प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। फोटो में पीछे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी देखी जा सकती है। पोस्ट में क्लेम किया जा रहा है, “सऊदी अरब में मोदी के खिलाफ जूते-चप्पल के साथ सड़कों पर उतरे लोग। हिंदुस्तान के मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार ओर 3 तलाक़ के बहाने शरीयत के साथ छेड़छाड़ की कोशिश के विरोध में मोदी के पोस्टर को दिखाए जूते-चप्पल।”

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। सर्च में हमारे हाथ almoslim.net वेबसाइट की एक खबर लगी, जिसमें जिसमें इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। मगर तस्वीर में मौजूद बैनर पर मोदी की नहीं, बल्कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तस्वीर थी। खबर के अनुसार, ये तस्वीर 2016 की है जब कुवैत के कई सांसदों ने कुवैत में रूसी दूतावास के सामने अलेप्पो शहर के समर्थन में धरना दिया था। जहां मॉस्को सीरियाई सुरक्षा बलों की मदद कर रहा है।

हमें ये खबर arabnews.com पर भी मिली। इस खबर में भी पुतिन के खिलाफ हुए प्रदर्शन का जिक्र था, मोदी का नहीं।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने अरब न्यूज़ से इस खबर को कवर करने वाले संवाददाता हामद ज़ैदी से बात की। उन्होंने हमें बताया, “ये फेक तस्वीर हमारे पास भी आई थी जिसका हमने भी फैक्ट चेक किया था। असली तस्वीर में पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। पूरे वाकया में नरेंद्र मोदी का कोई लेना-देना नहीं है।

इस खबर को Rubi khatun नाम के एक फेसबुक पेज द्वारा शेयर किया गया था। इस पेज के कुल 3,688 फ़ॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा गलत है। असली तस्वीर कुवैत में 2016 में हुए प्रदर्शन की है और उसमें पीछे रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तस्वीर थी न कि मोदी की।

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