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Fact Check: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा करते टीएमसी कार्यकर्ताओं का नहीं है यह वीडियो

हिंसा करते लोगों के वायरल वीडियो को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल हो रहा वीडियो भारत की किसी घटना से संबंधित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश की घटना का है। इसे भारत के नाम पर भ्रामक दावे से शेयर किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Apr 20, 2026 at 06:37 PM
  • Updated: May 5, 2026 at 12:40 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल 2026 को विधानसभा के लिए मतदान होगा, जिसके नतीजे चार मई को आएंगे। राज्य में इस चुनाव को लेकर भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसी से जोड़कर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि दो लोग एक घर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। तभी सेना के जवान वहां आ जाते हैं और वे लोग घुटने टेक देते हैं। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल का है, जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों को धमकाने की कोशिश कर रहे थे, तभी सीआरपीएफ के जवान वहां पहुंच गए। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो करीब दो साल पहले बांग्लादेश में हुई घटना का है, जिसे अब गलत दावे के साथ पश्चिम बंगाल से जोड़ते हुए शेयर किया जा रहा है। पहले भी यह वीडियो अलग-अलग दावे के साथ वायरल हो चुका है। उस दौरान भी विश्वास न्यूज ने पड़ताल कर इसकी सच्चाई सामने रखी थी। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Devashish Ajitkumar Bhattacharya’ ने 20 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “टीएमसी के गुंडे धमकाने आए थे , पर भूल गये बंगाल में अब सीआरपीएफ तैनात हैं । कर दिया इलाज”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

सोशल मीडिया पर साल 2024 में यह वीडियो एक अलग दावे के साथ वायरल हुआ था। उस दौरान विश्वास न्यूज ने इसकी पड़ताल की थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

उस दौरान हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया था। हमें यह वीडियो बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल ‘ढाका पोस्ट’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला था। वीडियो को 17 अगस्त 2024 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो बांग्लादेश में हुई घटना का है।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट ‘24 hours khobor’ की वेबसाइट पर 17 अगस्त 2024 को प्रकाशित मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो बांग्लादेश के फरीदपुर में हुई घटना का है, जहां दो पक्षों के बीच झड़प हो गई थी। इसके बाद सेना ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का नाम तुतुल हुसैन और दुखु मियां है, जिन्हें गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने जेल भेज दिया।

उस दौरान हमने वायरल वीडियो को लेकर बांग्लादेशी फैक्ट चेकर तौसिफ अकबर से संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था कि यह वीडियो बांग्लादेश का है। उन्होंने हमें यह भी बताया था कि वीडियो में नजर आ रहे जवान बांग्लादेश आर्मी के सैनिक हैं।

क्या है संदर्भ?

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने देश के चार राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी। 15 मार्च 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इन तारीखों का ऐलान किया था। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, असम में 85.38 फीसदी, पुडुचेरी में 89.83 फीसदी और केरल में 78.03 फीसदी तक मतदान दर्ज किए गए हैं। 

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। परिणामों की घोषणा चार मई 2026 को की जाएगी।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि हिंसा करते लोगों के वायरल वीडियो को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल हो रहा वीडियो भारत की किसी घटना से संबंधित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश की घटना का है। इसे भारत के नाम पर भ्रामक दावे से शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा करते टीएमसी कार्यकर्ताओं का वीडियो।
  • Claimed By : FB User Devashish Ajitkumar Bhattacharya
  • Fact Check : झूठ

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