Fact Check : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नहीं कहा कि ब्राह्मणों की बेटी दलितों के घर ब्याहने से मिटेगा जातिवाद, फर्जी पोस्ट वायरल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। संघ प्रमुख ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में लिखा गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Apr 22, 2025 at 02:55 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत के नाम पर एक बयान वायरल हो रहा है। उनकी एक तस्वीर और एबीपी न्यूज के लोगो का इस्तेमाल करते हुए दावा किया जा रहा है कि मोहन भागवत ने कहा है कि ब्राह्मणों की बेटी दलितों के घर ब्याहने से मिटेगा जातिवाद। इस बयान को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। संघ प्रमुख ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में लिखा गया है। जांच में पता चला कि मोहन भागवत के नाम, तस्वीर और न्यूज चैनल के लोगों का दुरुपयोग करके वायरल पोस्ट तैयार की गई है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर संयोग कुमार मिश्रा ने 22 अप्रैल को एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि मोहन भागवत ने कहा है कि ब्राह्मणों की बेटी दलितों के घर ब्याहने से मिटेगा जातिवाद।
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल बयान की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। यहां सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके।
सर्च के दौरान हमें आजतक की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 20 अप्रैल 2025 की इस खबर में बताया गया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समुदाय में जातीय भेदभाव समाप्त करने की जरूरत पर जोर देते हुए एक मंदिर, एक कुआं, और एक श्मशान” के सिद्धांत को अपनाने की अपील की। पूरी खबर यहां पढ़ी जा सकती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत 17 से 21 अप्रैल के बीच अलीगढ़ में थे। वहां उनका पांच दिवसीय प्रवास था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए एबीपी न्यूज के सोशल मीडिया हैंडल्स को स्कैन किया गया। हमें चैनल के इंस्टाग्राम हैंडल पर असली पोस्ट मिली। इस ग्राफिक में मोहन भागवत के हवाले से दूसरी बात लिखी हुई थी। 20 अप्रैल 2025 की इस पोस्ट में लिखा गया, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज से जातिगत मतभेदों को समाप्त करने की पुरजोर अपील की है. उन्होंने ‘एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान’ की नीति अपनाकर सभी वर्गों में समरसता और समानता लाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि हमें सभी वर्गों को समान सम्मान देना होगा. यही हमारा धर्म है, यही हमारी संस्कृति है.’

विश्वास न्यूज ने दैनिक जागरण, अलीगढ़ के पांच दिन के ईपेपर को स्कैन किया। वहां भी हमें मोहन भागवत का ऐसा कोई बयान नहीं मिला, जैसा कि दावा किया गया।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल के दौरान एबीपी न्यूज की वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने इसे फर्जी बताते हुए कि मोहन भागवत के बयान के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी है। चैनल ने ऐसी कोई खबर नहीं चलाई।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की। संयोग कुमार मिश्रा नाम के इस यूजर के करीब पांच हजार फ्रेंड हैं। यूजर झारखंड की राजधानी रांची में रहता है।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ब्राह्मणों की बेटी दलितों के घर ब्याहने से मिटेगा जातिवाद, जैसा कोई बयान नहीं दिया है। एबीपी न्यूज के ग्राफिक का दुरुपयोग करते वायरल पोस्ट तैयार की गई है।
- Claim Review : मोहन भागवत ने कहा कि ब्राह्मणों की बेटी दलितों के घर ब्याहने से मिटेगा जातिवाद
- Claimed By : FB User Sanyog Kumar Mishra
- Fact Check : झूठ
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