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Fact Check: गडकरी ने नहीं की PM मोदी की आलोचना, अन्‍ना आंदोलन के वक्त का अधूरा वीडियो फिर से वायरल

वायरल वीडियो उस वक्‍त का है, जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। वीडियो साल 2011 का है। उस वक्‍त के बयान को अब वायरल करके मोदी सरकार पर निशाना साधा जा रहा है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Aug 26, 2025 at 01:59 PM
  • Updated: Aug 26, 2025 at 02:27 PM

नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्‍लेटफार्म पर एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें उन्‍हें कथित रूप से वर्तमान की केंद्र सरकार और पीएम की आलोचना करते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पहले भी कई बार वायरल हो चुका है।

विश्‍वास न्‍यूज ने हर बार वीडियो की जांच करके अपने पाठकों के सामने सच लाया है। दरअसल वायरल वीडियो उस वक्‍त का है, जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। वीडियो साल 2011 का है। उस वक्‍त के बयान को अब वायरल करके मोदी सरकार पर निशाना साधा जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘अजीत सम्राट यादव’ ने 26 अगस्‍त, 2025 को वीडियो पोस्‍ट करते हुए लिखा, “देखो मोदी अंधभक्‍त। ये जो मंत्री बोल रहा है, बीजेपी से परिवहन मंत्री है, जो एक सच्‍चे एवं ईमानदार नेता माने जाते हैं। क्‍योंकि सही को सही और गलत को गलत कहते हैं…।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज पहले भी वायरल वीडियो की पड़ताल कर चुका है। वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च किया गया। रिजल्‍ट में ऐसी कोई खबर नहीं मिली कि नितिन गडकरी ने पीएम मोदी की आलोचना की हो।

जांच के अगले चरण में सर्च के दौरान असली वीडियो भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 16 अगस्त 2011 को अपलोड किया गया था। नितिन गडकरी ने यह बयान अन्ना हजारे के अनशन को लेकर दिया था। उस वक्‍त केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी।

सर्च के जरिए ही टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 16 अगस्त 2011 को इस रिपोर्ट में बताया गया, “अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे थे। इस अनशन पर सरकार ने शर्तें लागू कर दी थी। सरकार के इसी कदम के खिलाफ नितिन गडकरी ने बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने रुख पर ‘आत्मनिरीक्षण’ करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने पीएम मनमोहन के इस कदम को लोकतंत्र के खिलाफ बताया था।”

पड़ताल के दौरान यूपी के बीजेपी प्रवक्ता अवनीश त्यागी से भी संपर्क किया गया था। उन्होंने वायरल वीडियो को पुराना और एडिटेड बताया था।

अब बारी थी फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच करने की। अजीत सम्राट यादव नाम के यूजर को तीन हजार ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर बिहार का रहने वाला है।

निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फेक साबित हुई। नितिन गडकरी के वर्ष 2011 के वीडियो को अब वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है। गडकरी ने उस वक्‍त के पीएम मनमोहन सिंह को लेकर वायरल वीडियो वाला बयान दिया था।

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