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Fact Check: पटना के इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले का बताकर वायरल किया गया मॉक ड्रिल का वीडियो

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। पटना के इस्कॉन मंदिर में सुरक्षा को जांचने के लिए 29 जुलाई को एक मॉक ड्रिल हुई थी। उससे जुड़े वीडियो को अब असली आतंकी घटना का बता कर वायरल किया गया।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार की राजधानी पटना के नाम पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें तीन शख्स को बंदूकों के साथ एक मंदिर में गोलीबारी करते हुए घुसते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो के साथ दावा कर रहे हैं कि पटना के इस्कॉन मंदिर में आंतकवादी घुस हुए हैं। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को सच मानकर कुछ यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना का बताकर सनसनी फैलाने की कोशिश की गई है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। 29 जुलाई को इस्कॉन मंदिर में एक मॉक ड्रिल हुई थी। उसी से जुड़े वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Pravin Singh Yadav’ ने 30 जुलाई 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “पटना इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले की सूचना से मचा हड़कंप।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले कीवर्ड सर्च किया। गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च करने पर हमें संबंधित दावे से जुड़ी खबर नहीं मिली। हालांकि, ऐसी कई खबरें मिलीं, जिसमें बताया गया है कि पटना के इस्कॉन मंदिर में एक मॉक ड्रिल हुई थी।

भास्कर डॉट कॉम की 29 जुलाई की खबर में बताया गया है कि घटना असली आतंकी हमले की नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए किए गए मॉक ड्रिल की थी। अभ्यास के दौरान आतंकी हमले का काल्पनिक माहौल तैयार किया गया। खबर में वायरल क्लिप वाले हिस्से को भी देखा जा सकता है।

सर्च के दौरान हमें Zee Bihar Jharkhand के एक्स हैंडल पर एक खबर मिली। 29 जुलाई की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पटना के इस्कॉन मंदिर में मॉक ड्रिल हुई थी।

इसी तरह हमें बिहार पुलिस के एक्स हैंडल पर भी मॉक ड्रिल से जुड़ी पोस्ट मिली। 29 जुलाई की इस पोस्ट में कुछ तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया, “आज दिनांक 29.07.2026 को पटना स्थित ISKCON मंदिर में बिहार एटीएस द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आतंकी हमले अथवा आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों एवं संबंधित हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना तथा मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अभ्यास के दौरान संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों द्वारा त्वरित कार्रवाई, परिसर की घेराबंदी, श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी, संदिग्धों की तलाश तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का यथार्थपरक अभ्यास किया गया। इस दौरान सभी संबंधित एजेंसियों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप अपनी भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इस प्रकार के नियमित मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुढृढ़ बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।”

जांच के अगले चरण में हमने वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। डीडी न्यूज बिहार के इंस्टाग्राम हैंडल पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ा वीडियो मिला। इसमें वायरल क्लिप वाले हिस्से को भी देखा जा सकता है। वीडियो के साथ साफ तौर पर इसे मॉक ड्रिल बताया गया। साथ में लिखा गया, “पटना के ISKCON मंदिर में आतंकी हमले की स्थिति पर मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन। सुरक्षा एजेंसियों ने पटना के ISKCON मंदिर में आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अभ्यास के दौरान फायरिंग और हैंड ग्रेनेड हमले का परिदृश्य तैयार कर सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया।”

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए पटना सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट पूरी तरह से गलत है। यह एक मॉक ड्रिल का वीडियो है।

क्या है संदर्भ?

पटना में 29 जुलाई 2026 को आतंकवाद विरोधी तैयारियों की जांच के लिए इस्कॉन मंदिर में एक बड़ा मॉक ड्रिल आयोजित किया गया था। इस अभ्यास में एटीएस, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। पता चला कि ‘प्रवीण सिंह यादव’ नाम का यह यूजर बिहार के गया जिले में रहता है। इस यूजर को फेसबुक पर पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2020 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। पटना के इस्कॉन मंदिर में सुरक्षा को जांचने के लिए 29 जुलाई को एक मॉक ड्रिल हुई थी। उससे जुड़े वीडियो को अब असली आतंकी घटना का बता कर वायरल किया गया।

  • Claim Review : पटना इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमला।
  • Claimed By : FB User Pravin Singh Yadav
  • Fact Check : झूठ

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