Fact Check : पुलिसवाले को थप्पड़ मारने का 2018 का वीडियो फिर से हुआ वायरल
विश्वास न्यूज कई बार पहले भी इस वीडियो की जांच कर चुका है। दरअसल, वायरल वीडियो साल 2018 का है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Sep 4, 2025 at 03:56 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक शख्स को एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि थप्पड़ मारने वाला शख्स विधायक का बेटा है।
विश्वास न्यूज कई बार पहले भी इस वीडियो की जांच कर चुका है। दरअसल, वायरल वीडियो साल 2018 का है। उस वक्त मेरठ में एक होटल मालिक ने एक पुलिसकर्मी को पीटा था। इस मामले में अरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में उनकी मौत भी हो गई। इनका नाम मनीष चौधरी था। वे भाजपा के सभासद थे। हमारी जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई।
क्या हो रहा है वायरल
अंसारी मनुवर नाम के एक थ्रेड यूजर ने 27 अगस्त को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “बड़ी_खबर रेस्टोरेंट्स में टेबल नही देने पर पुलिस वाले को थप्पड़ ही थप्पड़ मारे भज पिल नेता के पुत्र ने और वर्दी फाड़ी “दूसरे समुदाय से विधायक के पुत्र का कारनामा….क्या ये क़ानून के लिए सही है राम राज्य में।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज पहले भी कई बार वायरल वीडियो की जांच कर चुका है। गूगल लेंस टूल के जरिए जब वीडियो के कीफ्रेम को सर्च किया गया तो 20 अक्टूबर 2018 की एक खबर मिली। खबर में वायरल वीडियो भी मिला। इसमें बताया गया कि 19 अक्टूबर 2018 को मेरठ के एक रेस्टोरेंट में सब-इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह एक महिला वकील के साथ गए थे। वहां उनका होटल स्टाफ से विवाद हो गया। इस पर स्टाफ ने रेस्टोरेंट के मालिक मनीष चौधरी को बुला लिया। मनीष ने सब -इंस्पेक्टर को कई थप्पड़ मारे और गालियां दीं। सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और सबको कंकरखेड़ा थाने ले आई। सब-इंस्पेक्टर और महिला वकील की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करके जेल भेजा गया था।
इसी तरह 20 अक्टूबर 2018 को दैनिक जागरण की खबर में बताया गया कि ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के मालिक मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला वकील ने छेड़छाड़, मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया है। दारोगा उस समय नशे में था। मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया।
सर्च के दौरान हमें 16 अप्रैल 2021 की तारीख को टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि भाजपा सभासद मनीष चौधरी कार में मृत पाया गया। उसको गोली लगी थी। कंकरखेड़ा में कार की ड्राइवर सीट पर उसका शव मिला है। पुलिसकर्मी से मारपीट करने पर वह जेल गया था।
पिछली पड़ताल के दौरान विश्वास न्यूज ने मेरठ के स्थानीय पत्रकार केपी त्रिपाठी से बात की थी। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो 2018 का है। भाजपा सभासद मनीष चौधरी रेस्त्रां के मालिक थे। उन्होंने दारोगा से मारपीट की थी। उनकी मौत भी हो चुकी है।
पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले थ्रेड यूजर के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिली।
पुरानी पड़ताल को विस्तार से यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। 2018 के वीडियो को अब विधायक के बेटे के नाम पर वायरल किया गया। जबकि वीडियो में पुलिसवाले की पिटाई करने वाला एक सभासद था। कई साल पहले उसकी मौत भी हो चुकी है।
- Claim Review : विधायक के बेटे ने पुलिस वाले की पिटाई की।
- Claimed By : Threads User mdmanuwar.ansari.378
- Fact Check : झूठ
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