X
X

Fact Check: मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट की फर्जी तस्वीर वायरल, बनाई गई है AI तकनीक से

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर फेक साबित हुई। मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट के नाम पर वायरल तस्वीर एआई तकनीक से बनाकर वायरल की गई है। इसका जीआरपी मुरादाबाद ने भी खंडन किया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के किशनगंज के मौलाना तौसीफ रजा का उत्तर प्रदेश (यूपी) के बरेली स्टेशन के पास पटरियों पर शव मिलने के बाद उनकी पत्नी की शिकायत पर पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह मौलाना तौसीफ रजा के साथ ट्रेन में मारपीट करने वालों की फोटो है।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल तस्वीर की जांच की। यह एआई-क्रिएटेड (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी हुई) है। इस तस्वीर का खंडन जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद पुलिस ने भी किया है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Imran Seemanchal’ ने 2 मई 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट करने वालों की तस्वीर।”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान संदर्भ में शेयर किया है। वायरल पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने जांच की शुरुआत गूगल लेंस टूल से की। वायरल तस्वीर को यहां सर्च करने पर हमें यही तस्वीर एसपी जीआरपी मुरादाबाद के एक्स हैंडल पर मिली। 5 मई 2026 को एसपी जीआरपी मुरादाबाद की ओर से वायरल तस्वीर को फर्जी बताते हुए एक पोस्ट किया गया। इसमें लिखा गया, “दिनांक 27.04.26 को थाना कैंट बरेली क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना पर की गयी पुलिस कार्यवाही व प्राप्त तहरीर पर थाना जीआरपी बरेली जंक्शन पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। सोशल मीडिया पर कुछ AI जनरेटेड फोटो प्रसारित किये जा रहे हैं जिसका जीआरपी अनुभाग मुरादाबाद पुलिस खण्डन करती है। किसी भी सूचना/फोटो को साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।”

जांच को आगे बढ़ाते हुए विश्वास न्यूज ने इस तस्वीर को एक डीपफेक डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। ‘हाइव मॉडरेशन’ की एनालिसिस में इस तस्वीर के 96.8 फीसदी एआई-निर्मित होने की संभावना बताई गई।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने इसे एक और डीपफेक डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। ‘ट्रूथ स्कैन’ की एनालिसिस भी इस तस्वीर के एआई से बनाए जाने की संभावना की पुष्टि करती है। नतीजों में 96 फीसदी इस बात की आशंका जताई गई कि यह एआई-निर्मित है। हमारी जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, बरेली के संवाददाता अनिल पटेल से संपर्क किया। इस केस पर वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास न्यूज को बताया कि वायरल तस्वीर फेक है। इस तरह की कोई भी तस्वीर सामने नहीं आई है। इसे एआई के माध्यम से बनाकर वायरल किया गया है।

विश्वास न्यूज को सर्च के दौरान कोलाज की दूसरी फोटो भी कई जगह मिली। ‘भास्कर डॉट कॉम’ ने भी 1 मई 2026 को शव से जुड़े वीडियो का इस्तेमाल करते हुए एक रिपोर्ट पब्लिश की थी।

क्या है संदर्भ

बिहार के मौलाना तौसीफ रजा की बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 27 अप्रैल की सुबह उनका शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था। बरेली में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए मौलाना तौसीफ रजा बरेली से बिहार में अपने घर लौट रहे थे। उनकी पत्नी के आरोप के बाद अब पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज करके पूरे मामले की जांच कर रही है।

जांच के अंत में फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया गया। यूजर को फेसबुक पर पांच हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर किशनगंज का रहने वाला है। इस अकाउंट को फरवरी 2018 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर फेक साबित हुई। मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट के नाम पर वायरल तस्वीर एआई तकनीक से बनाकर वायरल की गई है। इसका जीआरपी मुरादाबाद ने भी खंडन किया है।

  • Claim Review : मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट करने वालों की तस्वीर।
  • Claimed By : FB User Imran Seemanchal
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later