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Fact Check: सूरत में नाबालिग स्‍टूटेंड को भगा लेने जाने की पुरानी घटना से जोड़ते हुए श्रीलंका की एक्‍ट्रेस की तस्‍वीर की गई वायरल

विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि सूरत की पुरानी घटना के साथ अब श्रीलंका की एक्‍ट्रेस और उनके बेटे की तस्‍वीर को शेयर किया गया है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर एक महिला और एक बच्‍चे की तस्‍वीर को वायरल करते हुए, इसे गुजरात के सूरत में महिला शिक्षिका और उसके नाबालिग स्‍टूडेंट का बताया जा रहा है। तस्‍वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह 23 साल की उस शिक्षिका की है, जो अपने 13 साल के छात्र को भगा कर ले गई थी। इस पोस्‍ट को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने विस्‍तार से वायरल पोस्‍ट की जांच की। पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। पिछले साल गुजरात के सूरत में एक शिक्षिका अपने नाबालिग स्‍टूडेंट को जरूर भगाकर ले गई थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया था। वायरल पोस्‍ट में इस्‍तेमाल की गईं तस्‍वीरें शिक्षिका की नहीं, बल्कि श्रीलंका की एक्‍ट्रेस व मॉडल की हैं। इसका दुरूपयोग करते हुए वायरल पोस्‍ट तैयार की गई है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर मोहम्‍मद नाहिद खान ने दो तस्‍वीरों को शेयर करते हुए 19 जनवरी 2026 को लिखा, “23 साल की मानसी बदला हुआ नाम सूरत गुजरात में एक टीचर है। उसका अपनी ही 5 क्लास के 13 साल के लड़के से प्यार हो गया। स्कूल के आखिरी दिन वह दोनों साथ में फरार हो गए। मानसी और उस 13 साल के उसके स्टूडेंट के बीच सेक्शुअल रिलेशन बना जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। लड़के के पिता ने किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई। इन्वेस्टिगेशन से पता चला कि वह अपनी ही टीचर के साथ गया है। 23 साल की टीचर और 13 साल के छात्र के बीच जो भी हुआ, उसे किसने किसे फंसाया के चश्मे से देखना भटकाव पैदा करता है। क़ानून साफ़ है 13 साल का बच्चा नाबालिग है। उसकी कानूनी सहमति का कोई महत्व नहीं होता। इसलिए ज़िम्मेदारी पूरी तरह वयस्क पर आती है खासकर तब जब वह टीचर जैसी भरोसे और अनुशासन वाली भूमिका में हो। यह रिश्ता समान नहीं था एक तरफ़ शिक्षक, उम्र, अधिकार और प्रभाव; दूसरी तरफ़ बच्चा। ऐसे मामलों में क़ानून इसलिए सख़्त है ताकि बच्चों की सुरक्षा हो सके और शक्ति के दुरुपयोग को रोका जा सके। सवाल “किसने किसे फंसाया नहीं बल्कि “बच्चों को सुरक्षित कैसे रखें और संस्थानों में भरोसा कैसे बनाए रखें होना चाहिए।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। पोस्‍ट के साथ लिखी गई तस्‍वीर को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वायरल पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल पोस्‍ट में इस्‍तेमाल की गईं तस्‍वीरों के बारे में सर्च किया। गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च करने पर हमें पहली तस्‍वीर श्रीलंका की एक्‍ट्रेस और मॉडल पियूमी हंसामाली के फेसबुक पेज पर मिली। 3 फरवरी 2019 को अपलोड इन तस्‍वीरों में पियूमी ने बच्‍चे को अपना बेटा बताया हुआ है।

इसी तरह दूसरी तस्‍वीर हमें पियूमी हंसामाली के इंस्‍टाग्राम हैंडल पर मिली। इसे 24 जुलाई 2017 को पोस्‍ट किया गया था।

हमारी अब तक की पड़ताल में यह तो साबित हो गया कि जिन तस्‍वीरों को सूरत की शिक्षिका का बताकर वायरल किया जा रहा है, वे श्रीलंका की एक्‍ट्रेस व मॉडल की पुरानी फोटोज हैं। इनका सूरत की घटना से कोई संबंध नहीं है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए तस्‍वीर के साथ लिखी गई कहानी के बारे में सर्च किया गया। गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से खोजने पर हमें कई न्‍यूज वेबसाइट्स पर सूरत की घटना से जुड़ी खबरें मिलीं।

2 मई 2025 को जागरण डॉट कॉम ने एक प्रकाशित खबर में बताया, “सूरत से एक हैरान कर देने वाला प्रकरण सामने आया। यहां पर एक 23 साल की शिक्षिका पर अपने 13 साल के स्टूडेंट के साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा है। शिक्षिका ने खुद को 5 महीने की गर्भवती बताया है। इतना ही नहीं शिक्षिका का दावा है कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा उसी के स्टूडेंट का है। पुलिस ने शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया।”

इसी तरह भास्‍कर डॉट कॉम पर एक पुरानी खबर में बताया गया, “गुजरात के सूरत में ट्यूशन टीचर अपने 13 साल के छात्र को बीती 25 अप्रैल को भगा ले गई थी। पूछताछ में टीचर ने पुलिस को बताया कि वह स्टूडेंट के बच्चे की मां बनने वाली है। उसके पेट में 5 महीने का गर्भ है। इसी के चलते वह स्टूडेंट को लेकर भाग निकली थी। बच्चे ने भी टीचर से कई बार शारीरिक संबंध बनाने की बात कबूल कर ली है। इसके साथ ही छात्र की मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि वह पिता बनने में सक्षम है। पुलिस अजन्मे बच्चे और छात्र का DNA टेस्ट कराएगी। पुलिस ने टीचर के खिलाफ नाबालिग का अपहरण करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया था। अब पोक्सो की धारा 4, 8, 12 भी जोड़ दी गई।”

वायरल पोस्‍ट को लेकर हमने हमारे सहयोगी गुजराती जागरण के सूरत में मौजूद स्थानीय पत्रकार मयूर ठक्कर से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “वायरल पोस्‍ट में इस्‍तेमाल की गई खबर पुरानी है, जबकि तस्‍वीर का सूरत की घटना से कोई संबंध नहीं है।”

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि सूरत की पुरानी घटना के साथ अब श्रीलंका की एक्‍ट्रेस और उनके बेटे की तस्‍वीर को शेयर किया गया है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। पोस्‍ट में लिखी गई कहानी सही है, लेकिन इसके साथ इस्‍तेमाल की गईं तस्‍वीरें पूरी तरह से गलत हैं।

  • Claim Review : सूरत में नाबालिग स्‍टूडेंट को भगा ले जाने वाली टीचर की तस्‍वीर
  • Claimed By : FB user Md Nahid Khan
  • Fact Check : भ्रामक

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