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Fact Check: वायरल पोस्ट में दिख रही लड़की पाकिस्तानी नहीं ईरानी है; वायरल पोस्ट भ्रामक है

विश्वास न्यूज ने जांच की और पोस्ट को भ्रामक पाया। तस्वीर में दिख रही लड़की तारा शरीफी है। वह ईरान से है, पाकिस्तान से नहीं। आइंस्टीन और हॉकिंग के आईक्यू टेस्ट लेने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मेन्सा आईक्यू टेस्ट में तारा शरीफी ने 162 अंक हासिल किए। मेन्सा दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी हाई आईक्यू सोसायटी है।

  • By Vishvas News
  • Updated: September 21, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज): सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में एक लड़की की तस्वीर इस दावे के साथ वायरल की जा रही है कि इस पाकिस्तानी लड़की ने दुनिया के सबसे बड़े हाई आईक्यू सोसायटी द्वारा प्रशासित एक आईक्यू टेस्ट में 162 का स्कोर हासिल किया है। पोस्ट में आगे दावा किया गया है कि इस बच्ची का आईक्यू अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से ज्यादा है। विश्वास न्यूज ने जांच की और पोस्ट को भ्रामक पाया। तस्वीर में दिख रही लड़की की फोटो तारा शरीफी की है। वह ईरान से है, पाकिस्तान से नहीं। आइंस्टीन और हॉकिंग के आईक्यू टेस्ट लेने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मेन्सा आईक्यू टेस्ट में तारा शरीफी ने 162 अंक हासिल किए। मेन्सा दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी हाई आईक्यू सोसायटी है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक पर साझा की गई पोस्ट में लिखा है: “बलूचिस्तान की 11 वर्षीय पाकिस्तानी लड़की तारा बलूच ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से संबंधित मेन्सा का आईक्यू लेवल टेस्ट (162 अंक प्राप्त करना) पास किया और अल्बर्ट आइंस्टीन (160) और हॉकिंग का रिकॉर्ड तोड़ा। प्रशंसा”। पोस्ट में वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग के बीच एक बच्चे की तस्वीर भी है।

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में किये गए दावों को एक-एक करके फैक्ट चेक करने का फैसला किया।

मेन्सा क्या है?

मेन्सा  दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना उच्च IQ सोसायटी है। यह संगठन उन लोगों को की परख करता है, जो एक बुद्धि परीक्षण में सामान्य आबादी के ऊपरी 2% में आते हैं।  Mensa में दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में सभी उम्र के सदस्य हैं। यह सोसायटी अपने सदस्यों को सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक बातचीत के लिए विविध और रोमांचक अवसर प्रदान करता है।

हमने लड़की की फोटो का गूगल रिवर्स इमेज सर्च कर आगे की पड़ताल की। हमें ऑस्ट्रेलियाई मीडिया आउटलेट SBS की वेबसाइट पर 3 जून, 2019 की एक रिपोर्ट मिली।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक 11 वर्षीय ईरानी स्कूली लड़की मेन्सा आईक्यू टेस्ट में उच्चतम संभव स्कोर प्राप्त करने के बाद दिमागीपन का नया चेहरा बन गई है। यूके के आयल्सबरी हाई स्कूल की छात्रा तारा शरीफी ने हाल ही में ऑक्सफोर्ड में परीक्षा दी, जहां उसने 162 अंक हासिल किए। यह स्कोर 140 के “जीनियस बेंचमार्क” से काफी ऊपर है।

इसमें कहा गया कि लड़की का नाम तारा शरीफी है न कि तारा बलोच। वह एक ईरानी लड़की है, पाकिस्तानी नहीं। हां, यह बात सही है कि उसने मेन्सा आईक्यू टेस्ट लिया और एक प्रभावशाली 162 अंक हासिल किया।

विभिन्न समाचार एजेंसियों ने ईरानी लड़की की उपलब्धि को कवर किया। यूके के अखबार द बक्स हेराल्ड का कवरेज देखने के लिए यहां क्लिक करें और अमेरिकी समाचार एजेंसी द मीडिया लाइन की खबर यहाँ पढ़ी जा सकती है।

हमने आगे जांच की और पाया कि पोस्ट में दिखाई गई लड़की की पहचान 14 अगस्त, 2019 को वाइस प्रेसीडेंसी फॉर वीमेन एंड फैमिली अफेयर्स की आधिकारिक वेबसाइट पर ईरानी सरकार द्वारा “ईरानी लड़की” तारा शरीफी के रूप में की गई थी।

ईरानी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट ने यह भी कहा कि यह “अनुमानित” है कि लड़की ने भौतिक विज्ञानी अल्बर्ट आइंस्टीन और ब्रह्मांड विज्ञानी प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग के आईक्यू से अधिक स्कोर किया।

हालांकि, हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें कहा गया हो कि आइंस्टीन या हॉकिंग ने कभी एक आईक्यू परीक्षा दी थी। यदि उन्होंने कभी कोई परीक्षा दी है, तो निश्चित रूप से कभी भी स्कोर को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विश्वास न्यूज ने डॉन न्यूज पाकिस्तान के सीनियर असाइनमेंट एडिटर आदिल जाफरी से बात की। उन्होंने पुष्टि की कि पोस्ट में दिखाई गई लड़की पाकिस्तान की नहीं है।

इस पोस्ट को जांलो नाम के पेज ने फेसबुक पर शेयर किया है। हमने पेज को स्कैन किया और पाया कि पेज को 15000 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने जांच की और पोस्ट को भ्रामक पाया। तस्वीर में दिख रही लड़की तारा शरीफी है। वह ईरान से है, पाकिस्तान से नहीं। आइंस्टीन और हॉकिंग के आईक्यू टेस्ट लेने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मेन्सा आईक्यू टेस्ट में तारा शरीफी ने 162 अंक हासिल किए। मेन्सा दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी हाई आईक्यू सोसायटी है।

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